अंबिकापुर जेल में बंद आरोपियों को छुड़ाने होती थी साजिश.. जज भी खा जाते थे धोखा..! बड़ा गिरोह था सक्रिय.. पुलिस ने ऐसे फोड दिया भांडा

अंबिकापुर जेल में बंद आरोपियों को छुड़ाने होती थी साजिश.. जज भी खा जाते थे धोखा..! बड़ा गिरोह था सक्रिय.. पुलिस ने ऐसे फोड दिया भांडा

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अंबिकापुर।खबरी गुल्लक 

न्यायालय में आरोपियों की जमानत कराने के लिए फर्जी पट्टे और कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल करने वाले गिरोह का सरगुजा पुलिस ने पर्दाफाश किया है। कोतवाली थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी जरूरतमंद लोगों और न्यायालय में पेश होने वाले आरोपियों से संपर्क कर पैसे लेते थे और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उनकी जमानत कराने का काम करते थे।आरोपियों के कब्जे से पांच फर्जी किसान पट्टे, एक फर्जी आधार कार्ड, छह मोबाइल फोन, एक होंडा एक्टिवा स्कूटी, एक लैपटॉप, दो प्रिंटर, की-बोर्ड और माउस जब्त किए गए हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।पुलिस के मुताबिक 11 सितंबर को कोतवाली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ लोग पट्टा पुस्तिका और आधार कार्ड के माध्यम से न्यायालय में आरोपियों की जमानत कराने के लिए पैसे ले रहे हैं। सूचना में यह भी बताया गया कि संदिग्ध व्यक्ति न्यायालय परिसर के आसपास मौजूद हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं सरगुजा पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल के निर्देश पर तत्काल कार्रवाई के लिए पुलिस टीम गठित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रितेश चौधरी और नगर पुलिस अधीक्षक अंबिकापुर राहुल बंसल के नेतृत्व में कोतवाली थाना पुलिस तथा साइबर सेल की संयुक्त टीम को मौके पर भेजा गया। पुलिस टीम ने मुखबिर द्वारा बताए गए हुलिए के आधार पर संदिग्धों की तलाश शुरू की। इसी दौरान कला केंद्र मैदान के चबूतरे के पास कुछ पुरुष और महिलाएं संदिग्ध परिस्थितियों में मिले। पूछताछ में उन्होंने अपना नाम बुधराम गोंड, अजय मानिकपुरी उर्फ जयलाल, रामेश्वरी यादव, दशमेत गोंड और ममता पैकरा उर्फ बिलासो बताया।

 स्कूटी की डिक्की से मिले फर्जी पट्टे

पुलिस ने संदिग्धों से फर्जी पट्टों के संबंध में पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उन्होंने पास खड़ी होंडा एक्टिवा स्कूटी की डिक्की में दस्तावेज रखे होने की जानकारी दी। तलाशी लेने पर स्कूटी क्रमांक सीजी 15 डीयू 8688 की डिक्की से पांच किसान पट्टे और एक आधार कार्ड बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में किसान पट्टों पर फर्जी सील लगी हुई थी और आवश्यक हस्ताक्षर भी नहीं थे। दस्तावेज प्रथम दृष्टया कूटरचित और संदिग्ध पाए गए। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि इन फर्जी पट्टों का इस्तेमाल न्यायालय में जमानत कराने के लिए किया जाता था। वे जरूरतमंद आरोपियों से संपर्क कर उनसे पैसे लेते थे और उनके जमानत प्रकरणों में इन दस्तावेजों को प्रस्तुत करते थे।

 पट्टा दलाल और दस्तावेज बनाने वाला भी गिरफ्तार

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि फर्जी पट्टे उन्हें अंबिकापुर के पट्टा दलाल राज जायसवाल के माध्यम से मिलते थे। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने राज जायसवाल, पिता स्वर्गीय भोलानाथ जायसवाल  34 वर्ष निवासी वार्ड  घुटरापारा अंबिकापुर को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, बुधराम गोंड और राज जायसवाल ने पूछताछ में बताया कि वे नवापारा अंबिकापुर निवासी शशिभूषण सिंह से फर्जी पट्टे तैयार करवाते थे। इन दस्तावेजों के आधार पर न्यायालय को गुमराह कर आरोपियों को जमानत दिलाने का प्रयास किया जाता था। पुलिस ने मामले में शशिभूषण सिंह, पिता शिवकुमार सिंह, उम्र 36 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 16 नवापारा, अंबिकापुर को भी पकड़कर पूछताछ की।

 इन धाराओं में अपराध दर्ज

पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध कोतवाली थाने में अपराध क्रमांक 639/26 दर्ज किया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 319(2) और 61(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।

यह आरोपी गिरफ्तार

 बुधराम गोंड, पिता स्वर्गीय रनसाय गोंड, उम्र 55 वर्ष, निवासी अजबनगर, थाना जयनगर, जिला सूरजपुर।

 अजय मानिकपुरी उर्फ जयलाल, पिता सुरजन मानिकपुरी, उम्र 40 वर्ष, निवासी बलसेंडी, थाना गांधीनगर।

 रामेश्वरी यादव, पति महेश्वर यादव, उम्र 30 वर्ष, निवासी लब्जी, थाना गांधीनगर।

 दशमेत गोंड, पति बुधराम गोंड, उम्र 40 वर्ष, निवासी अजबनगर, थाना जयनगर, जिला सूरजपुर।

 ममता पैकरा उर्फ बिलासो, पिता शिवधर पैकरा, उम्र 29 वर्ष, निवासी बेलसेंडी कल्याणपुर, थाना गांधीनगर, जिला सरगुजा।

राज जायसवाल, पिता स्वर्गीय भोलानाथ जायसवाल, उम्र 34 वर्ष, निवासी घुटरापारा, अंबिकापुर।

शशिभूषण सिंह, पिता शिवकुमार सिंह, उम्र 36 वर्ष, निवासी नवापारा, अंबिकापुर।

 पुलिस ने नागरिकों से की अपील

सरगुजा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे बिना पूरी जानकारी और पहचान के किसी व्यक्ति को जमानत के लिए अपना पट्टा, ऋण पुस्तिका या अन्य भूमि संबंधी दस्तावेज न दें। पुलिस ने बताया कि जमानत लेने वाला व्यक्ति फरार हो जाता है तो जमानत में लगाए गए दस्तावेजों के आधार पर संबंधित व्यक्ति को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है और पट्टा या ऋण पुस्तिका जब्त भी हो सकती है। पुलिस ने नागरिकों से ऐसे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या फर्जी दस्तावेज संबंधी गतिविधि की सूचना तत्काल निकटतम थाने या पुलिस को देने की अपील की है।

कार्यवाई में यह रहे सक्रिय 

कार्रवाई में कोतवाली थाना प्रभारी उप निरीक्षक अखिलेश सिंह, साइबर सेल प्रभारी सहायक उप निरीक्षक अजीत मिश्रा, सहायक उप निरीक्षक अदीप प्रताप सिंह और विवेक पाण्डेय, प्रधान आरक्षक भोजराज पासवान तथा विकास सिन्हा सहित आरक्षक देवेंद्र पाठक, संजीव चौबे, मनीष सिंह, जितेश, वीरेंद्र पैकरा, महिला आरक्षक पूनम पैकरा, स्मिता रागिनी और किरण अमलावती की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


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