प्रतीक्षा बस स्टैंड स्थित रिंग बांध तालाब एवं भूमि अंतरण प्रकरण में जिला प्रशासन ने स्पष्ट की वस्तुस्थिति

प्रतीक्षा बस स्टैंड स्थित रिंग बांध तालाब एवं भूमि अंतरण प्रकरण में जिला प्रशासन ने स्पष्ट की वस्तुस्थिति

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अम्बिकापुर।खबरी गुल्लक। 30  सितम्बर 2026

अम्बिकापुर के प्रतीक्षा बस स्टैंड क्षेत्र में स्थित रिंग बांध तालाब की भूमि खसरा क्रमांक 3714 से संबंधित राजस्व प्रकरण, भूमि के कथित अवैध अंतरण तथा आरोपी आजाद इराकी से जुड़े मामलों के संबंध में जिला प्रशासन ने वस्तुस्थिति स्पष्ट की है। कलेक्टर सरगुजा द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अम्बिकापुर के जांच प्रतिवेदन, प्रकरण में हुई वैधानिक कार्यवाही तथा उपलब्ध न्यायालयीन अभिलेखों के आधार पर मामले की स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया गया है कि राजस्व, निगम तथा पुलिस विभाग द्वारा विधि के अनुसार कार्रवाई की गई है।

     रिंग बांध तालाब को अवैध रूप से पाटने के संबंध में शिकायतकर्ताओं के द्वारा अप्रैल 2026 में शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत प्राप्त होने के उपरांत अवैध रूप से पाटे गए तालाब को खाली करने हेतु राजस्व विभाग एवं नगर निगम के कर्मचारियों को आदेशित किया गया था । नगर निगम के कर्मचारियों द्वारा तालाब से मिट्टी हटाने के दौरान आरोपी आजाद इराकी द्वारा शासकीय कार्य में बाधा डालते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध अपशब्दों का प्रयोग किया गया।

      उक्त घटना के पश्चात आरोपी आजाद इराकी के विरुद्ध थाना मणिपुर में बीएनएस की सुसंगत धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया तथा  अपर सत्र न्यायाधीश  महेश कुमार राज द्वारा आरोपी आजाद इराकी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की गई। जिला न्यायालय से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के पश्चात आरोपी आजाद इराकी द्वारा  उच्च न्यायालय बिलासपुर में अग्रिम जमानत हेतु याचिका दायर किया गया तथा  उच्च न्यायालय द्वारा आरोपी को  दिनांक 13 मई 2026 को अग्रिम जमानत प्रदान की गई।

      प्रकरण के जांच के क्रम में यह पाए जाने पर कि खसरा क्रमांक 3714 के नामांतरण में अनियमितता हुई है,अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अंबिकापुर द्वारा उक्त नामांतरण की वैधता के परीक्षण हेतु प्रकरण दर्ज किया गया।सरगुजा कमिश्नर न्यायालय द्वारा आदेश देने के पश्चात अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अम्बिकापुर के द्वारा पुनरीक्षण  हेतु उक्त प्रकरण को कलेक्टर न्यायालय को प्रेषित किया गया, जहां माननीय उच्च न्यायालय द्वारा प्रकरण की आगामी सुनवाई पर रोक लगा दी गई है।

     जांच के ही क्रम में एक अन्य शिकायत प्राप्त हुई कि खसरा नम्बर 3714 अधिकार अभिलेख 1955-56 में आदिवासी  वर्ग के व्यक्ति के नाम पर थी। उक्त बिंदु पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अम्बिकापुर से जांच प्रतिवेदन मांगा गया। जांच में यह प्रमाणित हुआ कि दस्तावेजों में कूटरचना कर आरोपी आजाद इराकी द्वारा आदिवासी वर्ग की भूमि को अपने नाम (गैर आदिवासी) पर खरीद लिया गया है, जो कि भू राजस्व संहिता 1959 के प्रावधानों का उल्लंघन है तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अत्याचार अधिनियम 1989 के तहत दण्डनीय अपराध है।

       जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के उपरांत आरोपी आजाद इराकी के विरुद्ध थाना मणिपुर में बीएनएस के कई प्रावधानों के तहत  दिनांक 24 सितंबर 2026 को अपराध दर्ज किया गया । अपराध दर्ज होने के पश्चात न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अम्बिकापुर श्री अरिन्दम नेरल के द्वारा आरोपी आजाद इराकी को 25 सितंबर 2026 को जमानत पर रिहा किया गया।

     उप संचालक अभियोजन ने कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सरगुजा को प्रेषित अपने प्रतिवेदन में जमानत के उपरोक्त आदेश में कई त्रुटियों को प्रतिवेदित किया है। अतः प्रकरण की गंभीरता तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग के हितों को देखते हुए उपरोक्त जमानत आदेश के विरुद्ध तत्काल सक्षम न्यायालय में अपील करने हेतु उप संचालक अभियोजन को निर्देशित किया गया है।

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