अनुपम वस्त्रालय प्रकरण में निष्पक्ष जांच की मांग, कैट प्रतिनिधिमंडल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन.. प्रतिनिधिमंडल ने कहा - किसी व्यापारी को तथ्यहीन शिकायत के आधार पर बदनाम नहीं किया जा सकता

अनुपम वस्त्रालय प्रकरण में निष्पक्ष जांच की मांग, कैट प्रतिनिधिमंडल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन.. प्रतिनिधिमंडल ने कहा - किसी व्यापारी को तथ्यहीन शिकायत के आधार पर बदनाम नहीं किया जा सकता

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अम्बिकापुर।खबरी गुल्लक 

शहर के अनुपम वस्त्रालय के संचालक के खिलाफ यौन हमला के आरोप पर थाना कोतवाली अम्बिकापुर में  दर्ज प्रकरण के संबंध में कैट  प्रदेश उपाध्यक्ष  रविंद्र तिवारी के नेतृत्व में अम्बिकापुर के व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  से मिला और निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर ज्ञापन पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  को पूरे मामले की वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए मांग की कि प्रकरण की जांच किसी वरिष्ठ एवं निष्पक्ष अधिकारी से कराई जाए तथा कथित घटनास्थल का मौका निरीक्षण कर प्राथमिकी में उल्लेखित तथ्यों का भौतिक सत्यापन किया जाए। साथ ही दोनों पक्षों के बयान, स्वतंत्र गवाहों तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्य सामने लाने की मांग की गई।प्रतिनिधिमंडल ने यह भी स्पष्ट किया कि व्यापारी समाज कानून एवं प्रशासन का सम्मान करता है और किसी वास्तविक पीड़ित को न्याय से वंचित करने के पक्ष में नहीं है। लेकिन किसी व्यापारी को एकपक्षीय आरोप अथवा तथ्यहीन शिकायत के आधार पर परेशान या बदनाम नहीं किया जाना चाहिए। पुलिस अधीक्षक  ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि किसी भी व्यापारी को झूठे केस में फंसने नहीं दिया जाएगा। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जांच में सामने आने वाले तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर उचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। ज्ञापन के साथ प्रकरण से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज भी पुलिस प्रशासन को सौंपे गए। इसमें प्रार्थी द्वारा शंकरगढ़ में पूर्व में घटित घटना के संबंध में प्रस्तुत किए गए शपथ-पत्र की प्रति भी शामिल है। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि यह दस्तावेज जांच के दौरान घटनाक्रम की वास्तविकता को समझने तथा तथ्यों के सत्यापन में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान कर सकता है।इस दौरान कैट जिलाध्यक्ष  रंजय स्वर्णकार ने पुलिस अधीक्षक महोदय के समक्ष सोशल मीडिया के बढ़ते दुरुपयोग का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि फेसबुक अथवा अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो बनाकर किसी व्यक्ति के विरुद्ध एकतरफा आरोप लगाना अथवा उसका चरित्र-हनन करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि आज कुछ सोशल मीडिया एक्टिविस्ट अथवा इन्फ्लुएंसर केवल व्यूज और लोकप्रियता की दौड़ में बिना पूरे तथ्यों की पुष्टि किए किसी सम्मानित व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा देते हैं। अनुपम वस्त्रालय का परिवार शहर का प्रतिष्ठित व्यापारी परिवार है और इस पूरे विवाद के कारण परिवार के सदस्यों को सामाजिक रूप से असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है तथा उनके व्यापार पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे आरोपों की भी वास्तविक तथ्यों के आधार पर जांच हो तथा किसी निर्दोष व्यक्ति की सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित न होने दी जाए।

कैट प्रदेश उपाध्यक्ष  रविंद्र तिवारी ने कहा कि व्यापारी समाज की मांग किसी व्यक्ति को कानून से ऊपर रखने की नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच और न्यायपूर्ण प्रक्रिया सुनिश्चित करने की है। यदि आरोप सही हैं तो कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन यदि आरोप तथ्यहीन पाए जाते हैं तो निर्दोष व्यापारी को अनावश्यक रूप से प्रताड़ित नहीं किया जाना चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस प्रशासन से मामले की जांच शीघ्र पूर्ण कर वास्तविक तथ्यों के आधार पर उचित निर्णय लेने की अपेक्षा व्यक्त की। व्यापारियों ने कहा कि वे कानून व्यवस्था और प्रशासन का सम्मान करते हुए न्याय एवं निष्पक्षता के लिए लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाते रहेंगे।

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