शिक्षा विभाग से आदिम जाति कल्याण विभाग में संविलियन पर उठे सवाल .. जिला शिक्षा अधिकारी ने तीन दिन में जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने दिए निर्देश

शिक्षा विभाग से आदिम जाति कल्याण विभाग में संविलियन पर उठे सवाल .. जिला शिक्षा अधिकारी ने तीन दिन में जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने दिए निर्देश

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अम्बिकापुर।खबरी गुल्लक। 12 फरवरी 2026

 जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, अम्बिकापुर द्वारा शिक्षा विभाग की सहायक शिक्षिका का आदिम जाति कल्याण विभाग में किए गए संविलियन को लेकर गंभीरता दिखाई गई है। इस मामले में विकासखंड शिक्षा अधिकारी, अम्बिकापुर को तत्काल प्रभाव से जांच कर तीन दिवस के भीतर स्पष्ट अभिमत सहित प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में कांग्रेस नेता परवेज आलम गांधी के द्वारा भी हाल ही में जेडी शिक्षा सरगुजा संभाग को ज्ञापन दिया गया था।

जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जारी स्मरण पत्र  में उल्लेख किया गया है कि एक सहायक शिक्षक पंचायत प्राथमिक शाला खलिबा, विकासखंड अम्बिकापुर के पद पर पदस्थ थीं। उनका संविलियन शिक्षा विभाग से आदिम जाति कल्याण विभाग में किए जाने की शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायत में कहा गया है कि संविलियन संबंधी गाइडलाइन में निर्धारित प्रावधानों के अनुसार शिक्षा विभाग से आदिम जाति कल्याण विभाग में संविलियन नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद संबंधित कर्मचारी का संविलियन किए जाने को नियमों के विपरीत और त्रुटिपूर्ण बताया गया है। मामले में दोषी व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है।

 पूर्व में भी मांगा गया था जांच प्रतिवेदन

जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के पत्र में कहा गया है कि उक्त शिकायत की जांच के लिए पूर्व में निर्देश जारी कर प्रतिवेदन मांगा गया था, लेकिन अब तक जांच प्रतिवेदन कार्यालय को प्राप्त नहीं हुआ है। इसे गंभीरता से लेते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी को पुनः स्मरण पत्र जारी किया गया है। पत्र में स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि पत्र प्राप्ति के तीन दिवस के भीतर मामले की जांच कर अपना स्पष्ट अभिमत सहित प्रतिवेदन जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत किया जाए। साथ ही जांच के दौरान संविलियन प्रक्रिया, संबंधित विभागीय अभिलेखों और लागू गाइडलाइन के प्रावधानों का परीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला शिक्षा अधिकारी ने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि यह प्रकरण कलेक्टर, सरगुजा की शिकायत शाखा आर-03 में दर्ज है। इसलिए जांच प्रतिवेदन समय-सीमा के भीतर प्रस्तुत किया जाना आवश्यक है। मामले में लापरवाही बरते जाने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय हो सकती है। अब सबकी नजर विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले जांच प्रतिवेदन पर है। प्रतिवेदन के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि संबंधित संविलियन किन परिस्थितियों में किया गया और इसमें किसी प्रकार की नियमविरुद्धता या विभागीय चूक हुई है या नहीं। दोष सिद्ध होने पर जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।


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