जिगरी दोस्त दो आकाश ने मिलकर गरीब परिवार का बुझा दिया चिराग़.. महज एक थप्पड़ के जवाब में टांगी से वार कर उतार दिया मौत के घाट

जिगरी दोस्त दो आकाश ने मिलकर गरीब परिवार का बुझा दिया चिराग़.. महज एक थप्पड़ के जवाब में टांगी से वार कर उतार दिया मौत के घाट

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 अम्बिकापुर।खबरी गुल्लक 

छत्तीसगढ़ के संभाग मुख्यालय अंबिकापुर से लगे ग्राम गाड़ाघाट खैरबार में मामूली विवाद पर शराब के नशे में धूत दोस्तों ने  मिस्त्री विश्वजीत कुल्हाड़े उर्फ राजा पिता उपेंद्र लाल 28 वर्ष को दरवाजा बंद कर कमरे में टांगी से ताबड़तोड़ वार कर मौत के घाट उतार दिया। मामले में पुलिस ने आरोपी आकाश सिंह और आकाश कुमार नामक दो युवकों को गिरफ्तार किया है। घटना के संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक बैकुण्ठपुर के पटना निवासी विश्वजीत कुल्हाड़े अंबिकापुर में मायापुर में रहने वाली अपने बहन के घर पर रह कर मायापुर के ही बाइक मिस्त्री रमेश सोनी के थाना चौक स्थित गैरेज में काम करता था। नगर निगम द्वारा थाना चौक से गुमटियों को हटाने की कार्रवाई की थी जिससे रमेश सोनी ने भी अपना गैरेज हटा लिया था। पुलिस के मुताबिक विश्वजीत कुल्हाड़े की खैरबार गाड़ाघाट मार्ग में जमीन थी जहां उसके द्वारा सामने की ओर दुकान और पीछे एक कमरा बनवाया था। विश्वजीत के इस दुकान में रमेश सोनी के द्वारा बाइक गैरेज का संचालन किया जाने लगा। विश्वजीत इस नए मकान के कमरे में ही रहता था और गैरेज में ही काम करता था। घटना दिवस शनिवार की रात करीब साढ़े नौ बजे रमेश सोनी गैरेज बंद कर अपने मायापुर स्थित घर आ गया। इधर गाडाघाट मार्ग खैरबार में शनिवार को ही करमा त्योहार बनाया जा रहा था। जिससे विश्वजीत कुल्हाड़े उसके मित्र आकाश सिंह उर्फ चिंटू, आकाश कुमार और शनि कुमार ने साथ में बैठ कर शराब का सेवन किया और करमा देखने चले गए। करमा देखने के दौरान विश्वजीत कुल्हाड़े और आकाश उर्फ चिंटू के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया जिससे आवेश में आकर विश्वजीत ने आकाश सिंह को थप्पड़ मार दिया। इस घटना के बाद दोनों के बीच काफी विवाद हुआ। करीब एक घंटे बाद विश्वजीत कुल्हाड़े अपने मित्र शनि के साथ गैरेज के पीछे स्थित रूम में पहुंचा और दोनों सो गए। इधर देर रात आकाश सिंह उर्फ चिंटू और आकाश कुमार टांगी लेकर विश्वजीत कुल्हाड़े के कमरे के सामने पहुंचे और दरवाजा खटखटाया आवाज सून शनि उठा और दरवाजा खोला तो देखा आकाश उर्फ चिंटू और आकाश कुमार दोनों हाथ में टांगी लेकर दरवाजा में खड़े है। शनि को दरवाजा खोलता देख आरोपियों ने उसके गाल में चार पांच थप्पड़ मारते हुए वहां से भगा दिया और भीतर प्रवेश करने के बाद कमरे का दरवाजा बंद कर विश्वजीत कुल्हाड़े के उपर हमला कर दिया। उसे मौत के घाट उतारने के बाद दोनों आरोपी टांगी सहित अपने घर चले गए। इधर शनि ने आज रविवार को रमेश सोनी के पिता को घटना की जानकारी दी और मामला कोतवाली तक पहुंचा। हत्या की खबर पर सीएसपी राहुल बंसल के साथ कोतवाली पुलिस की टीम तत्काल घटना स्थल पर पहुंची और नजारा देख सबके रौंगटे खड़े हो गए।

घटना की जानकारी पर कोतवाली पुलिस ने जब उक्त कमरे के भीतर प्रवेश किया तो देखा की विश्वजीत कुल्हाड़े का शव रक्तरंजीत हालत में ओंधे मुंह फर्श में पड़ा हुआ है। फर्श से लेकर दीवारों में भी रक्त के छींटे पड़े हुए थे।

जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि मृतक विश्वजीत ने अपनी जान बचाने के लिए काफी प्रयास किया होगा, मगर नशे में धूत आरोपियों ने उसे कमरे के भीतर ही दौड़ा दौड़ा कर वार किया होगा और उसके गिरने पर टांगी से उसके सिर और गले में वार कर मौत के घाट उतार दिया होगा।  पुलिस के मुताबिक विश्वजीत कुल्हाड़े की हत्या के आरोपियों आकाश सिंह उर्फ चिंटू और आकाश कुमार ने हत्या करना स्वीकार कर लिया है। आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त टांगी बरामद कर लिया गया है। रविवार सुबह ही मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई थी। दोपहर बाद परिजन पहुंचे, पुलिस ने पंचनामा, पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।



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