खबरी गुल्लक: 49 दिनों में 2.74 लाख लोगों तक पहुंचा साइबर सुरक्षा का संदेश, सरगुजा पुलिस रेंज में अव्वल.. डीआईजी एवं एसएसपी राजेश अग्रवाल की पहल पर हुआ आयोजन

खबरी गुल्लक: 49 दिनों में 2.74 लाख लोगों तक पहुंचा साइबर सुरक्षा का संदेश, सरगुजा पुलिस रेंज में अव्वल.. डीआईजी एवं एसएसपी राजेश अग्रवाल की पहल पर हुआ आयोजन

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अंबिकापुर। खबरी गुल्लक 

 बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए गए साइबर जागृति अभियान में सरगुजा पुलिस ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश अग्रवाल  के दिशा-निर्देशन में सरगुजा पुलिस ने 49 दिनों के भीतर जिलेभर में व्यापक साइबर जागरूकता अभियान चलाते हुए लगभग 2 लाख 74 हजार 247 नागरिकों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया। इस अभियान के दौरान सरगुजा पुलिस द्वारा कुल 8,227 से अधिक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। साइबर अपराधों के प्रति आमजन को जागरूक करने, डिजिटल ठगी से बचाव के तरीके बताने तथा समय रहते शिकायत दर्ज कराने के प्रति प्रेरित करने के लिए पुलिस टीमों ने गांवों से लेकर शहरों तक लगातार संवाद स्थापित किया। सरगुजा रेंज के सभी जिलों में बेहतर प्रदर्शन करते हुए सरगुजा पुलिस ने साइबर जागरूकता के क्षेत्र में पहला स्थान प्राप्त किया है।

 गांव-शहर में चौपाल और संवाद कार्यक्रम



अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सरगुजा पुलिस की विशेष टीमों ने स्कूलों, कॉलेजों, हाट-बाजारों, शासकीय कार्यालयों, पंचायत भवनों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने नागरिकों को बताया कि डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ सतर्कता भी आवश्यक है।



चौपाल और संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को साइबर ठगी के नए तरीकों, संदिग्ध कॉल, फर्जी लिंक, ऑनलाइन निवेश, फर्जी नौकरी ऑफर तथा सोशल मीडिया से जुड़े अपराधों के प्रति सचेत किया गया। नागरिकों से अपील की गई कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में आकर अपनी बैंकिंग अथवा व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।

 रक्षाबंधन पर बांधा गया साइबर रक्षा सूत्र

रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर सरगुजा पुलिस ने साइबर रक्षा सूत्र अभियान चलाकर एक अनूठा संदेश दिया। इस दौरान पुलिस टीमों ने महिलाओं एवं नागरिकों की कलाई पर साइबर सुरक्षा संदेशों से युक्त राखियां बांधीं और उन्हें साइबर ठगी से सुरक्षित रहने का संकल्प दिलाया। त्योहारी वातावरण में चलाए गए इस अभियान ने लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। पुलिस ने बताया कि जिस प्रकार बहन की रक्षा का संकल्प लिया जाता है, उसी प्रकार परिवार, समाज और स्वयं को डिजिटल अपराधों से सुरक्षित रखना भी प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

 जन्माष्टमी के मटका फोड़ कार्यक्रम से दिया जागरूकता संदेश

जन्माष्टमी पर्व पर आयोजित मटका फोड़ कार्यक्रमों के माध्यम से भी सरगुजा पुलिस ने साइबर फ्रॉड के खिलाफ जागरूकता का संदेश पहुंचाया। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में उपस्थित युवाओं एवं नागरिकों को ऑनलाइन ठगी से बचने के आवश्यक उपाय बताए गए।

पुलिस ने युवाओं को विशेष रूप से सोशल मीडिया हैकिंग, ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड, फर्जी एप, फर्जी लोन ऑफर, डिजिटल अरेस्ट, सेक्सटॉर्शन और अनजान लिंक से होने वाले खतरों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों से साइबर अपराध के विरुद्ध सजग रहने और दूसरों को भी जागरूक करने की अपील की गई।

 हर वर्ग तक पहुंची साइबर सुरक्षा की जानकारी

सरगुजा पुलिस ने अभियान के अंतर्गत समाज के विभिन्न वर्गों को उनकी जरूरत के अनुसार साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी दी।  स्कूलों और कॉलेजों में सेमिनार एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित कर सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड, साइबर बुलिंग, फर्जी प्रोफाइल तथा डिजिटल प्राइवेसी से बचाव के उपाय बताए गए। वरिष्ठ नागरिक एवं गृहिणियां डिजिटल बैंकिंग, एटीएम कार्ड, OTP, UPI PIN, बैंक पासवर्ड, फर्जी कॉल और संदिग्ध लिंक के माध्यम से होने वाली ठगी से बचने की जानकारी दी गई।  दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में ‘साइबर ग्राम चौपाल’ आयोजित कर KYC अपडेट के नाम पर होने वाली ठगी, फर्जी लॉटरी, जॉब फ्रॉड, शेयर मार्केट एवं ट्रेडिंग फ्रॉड, ऑनलाइन लोन, डिजिटल अरेस्ट और फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल से सावधान रहने के लिए प्रेरित किया गया।  

साइबर ठगी होते ही 1930 पर करें कॉल

सरगुजा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी, UPI PIN, बैंक पासवर्ड, कार्ड नंबर, CVV अथवा अन्य बैंकिंग जानकारी साझा न करें। किसी अनजान संदेश, लिंक, QR कोड या मोबाइल एप्लिकेशन पर बिना जांचे क्लिक अथवा डाउनलोड न करें। पुलिस ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है तो वह बिना समय गंवाए तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करे। इसके साथ ही नागरिक राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल www.cybercrime.gov.in  पर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। सरगुजा पुलिस का उद्देश्य केवल जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को इतना सक्षम बनाना है कि वह स्वयं साइबर अपराधों से सुरक्षित रह सके और अपने परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी डिजिटल ठगी से बचा सके।


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