महाराष्ट्र के ठाणे में बंधक बने सूरजपुर जिला के 4 मजदूर जिला प्रशासन की पहल से हुए मुक्त ... रविवार को ठाणे से बैठेंगे ट्रेन में... मानव तस्करी में शामिल लोगों पर होगी वैधानिक कार्यवाई....
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फ़रवरी 03, 2024
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सूरजपुर। (भूपेंद्र राजवाड़े)। जिला प्रशासन के सार्थक पहल से महाराष्ट्र के ठाणे जिला में कल्याण के पास स्थित मुरबाड़ गांव से सूरजपुर जिले के चार बंधकों को सफलता पूर्वक मुक्त कर लिया गया है। सूरजपुर के भैयाथान विकासखंड के गांव सांवारवां और परसिया के 4 किसान परिवार के सदस्यों को बेहतर आजीविका का प्रलोभन देकर बोरवेल कंपनी "रॉक ड्रिलर" द्वारा महाराष्ट्र के मुरबाड़ गांव में बंधक बनाकर कार्य लिया जा रहा था। 4 महीने से उन्हें वहां बंधक बनाकर रखा गया था। इसकी सूचना कलेक्टर रोहित व्यास को ई-जनदर्शन के एक आवेदक से प्राप्त हुई। जिसमें उन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए श्रम विभाग और पुलिस को अग्रिम कार्यवाही के लिए आवेदन प्रेषित किया। जिस पर तुरंत अमल करते हुए श्रम विभाग ने प्रकरण की पूरी जानकारी पुलिस को मुहैया कराई। इसके पश्चात पुलिस विभाग ने भी तत्परता के साथ अग्रिम कार्रवाई की। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग सक्रिय रूप से जिले के बंधकों को छुड़वाने के लिए प्रति सार्थक कदम उठा रहा था। जिसमें महाराष्ट्र के जिला ठाणे के कलेक्टर अशोक सिंगारे (आईएएस) और एडिशनल ट्राईबल कमिश्नर दीपक कुमार मीणा के विशेष सहयोग से भैयाथान के बंधवा मजदूरों को मुक्त कराया गया। इसके साथ ही बंधक बनाने वाले सभी षड्यंत्र कारियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता 504,34 व बंधक श्रमिक अधिनियम के तहत 16,17,18 और बाल श्रमिक प्रतिबंध एवं विनियमन की धारा 14 के तहत अपराध कायम कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। भैयाथान के ग्राम सावंरावां के इंद्रपाल, विकेश और ग्राम परसिया के बादल व मनबोध रविवार को ठाणे रेलवे स्टेशन से छत्तीसगढ़ के लिए रवाना होंगे और सोमवार तक अपने परिवार के पास सकुशल पहुँच जाएंगे।
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