अंबिकापुर। मैनपाट। अफगानिस्तान के निकट सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से होली पर्व के दिन आज सोमवार को रंग गुलाल की मस्ती के बीच आसमान से ओला के रूप में जमकर आफत की बरसात हुई। हमारे मैनपाट संवाददाता महेश यादव के द्वारा बड़े आकार के गिर रहे ओले से चोटिल होने के खतरे के बीच लाइव रिपोर्टिंग की गई। महेश यादव के द्वारा छत्तीसगढ़ के शिमला के नाम से मशहूर मैनपाट में खींची गई तस्वीर में ओला का आकार चौंकाने के लिए काफी है। ग्राम ललेया में तीन से चार किलो के अनुमानित वजन तक के बड़े आकार के ओले गिरे। ओले के इस आकार को देख लोग भौचक रहे। ओले से किसी के चोटिल होने जैसी खबर नहीं है। बताया जा रहा है कि बड़े आकार के ओलो की मात्रा कभी कम रही, मगर सामान्य आकार वाले ओले से सड़क, खेत, बाड़ी,छत सब पट गया। ग्राम ललेया सहित कुनिया, पथराई, सपनादर, रोपाखार ग्राम में बर्फ बिछने से जम्मू कश्मीर, शिमला जैसा नजारा रहा। लोगों ने इस मौसम का जमकर लुफ्त उठाया । बड़े आकार के ओला से बचने पर अपनी सलामती के लिए लोग ईश्वर को धन्यवाद भी देते रहे।
गेंहू, टमाटर सहित अन्य फसल हुई बरबाद
ओला वृष्टि होने से सर्वाधिक प्रभावित मैनपाट के ग्राम ललेया, कुनिया, पथराई, सपनादर, रोपाखार सहित अन्य ग्राम में गेहूं , टमाटर सहित अन्य फसल को व्यापक नुकसान हुआ। खेतों में बारिश और बर्फबारी थमने के बाद भी करीब आधे से एक घंटे तक ओला देखे गए। लहलहाती फसल की तबाही देख किसानों की छाती फट रही है। किसानों के द्वारा शासन, प्रशासन से क्षति आंकलन कर मुआवजा दिए जाने की मांग की है।
अंबिकापुर। सहित कई इलाकों में गिरे ओले
सोमवार को दोपहर के समय मैनपाट के अलावा अंबिकापुर, दरिमा, बतौली, लुण्ड्रा, लखनपुर सहित अन्य इलाकों में भी ओला वृष्टि दर्ज की गई।




