सूरजपुर। (भूपेंद्र राजवाड़े)। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिला के ओड़गी विकास खंड के ग्राम पंचायत लांजित में शुक्रवार 22 मार्च 2024 को अवैध असुरक्षित छुई खदान में मिट्टी धंसने से एक ग्रामीण की मौत हो गई जबकि मिट्टी निकाल रही एक अन्य महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना की सूचना पर ग्रामीणों का सैलाब उमड़ पड़ा। ग्रामीणों ने घंटो मशक्कत के बाद शव बाहर निकलने में सफलता पाई। घटना से पीड़ित परिवार में दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। खबर पर कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े मौके पर पहुंची और पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना जताई। ओडगी विकास खंड में इस तरह आधा दर्जन से अधिक मौत के सुरंग हैं वही विश्रामपुर क्षेत्र में भी अवैध कोयला खदान, और उत्खनन के बाद गढ्ढों को असुरक्षित छोड़े जाने से आए दिन हादसे होते हैं। आखिर इस तरह की घटनाओं के लिए कौन जिम्मेदार है, अवैध उत्खनन करने वाले लोग या आंख मूंद कर बैठे रहने वाले जनप्रतिनिधि और अधिकारी ...?
दस ग्रामीण गए थे छुई मिट्टी लेने
घटना के संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को सुबह करीब 10 बजे ग्राम लांजित निवासी भाजपा कार्यकर्ता राजमन कुर्रे पिता गुधई 30 वर्ष व सुमित्रा गुर्जर पति सुखेन्द्र गुर्जर लगभग 29 वर्ष सहित करीब 10 ग्रामीण छुई खदान लांजित में ही छुही मिट्टी लेने गए हुए थे. तभी अचानक छुई धस गया। ग्रामीणों ने रेस्क्यु कर सभी को बाहर निकाला गया. घटना से राजमन कुर्रे की दर्दनाक मौत हो गई और सुमित्रा गुज्जर गंभीर रूप से घायल हो गई. जिसे उचित इलाज के लिए अम्बिकापुर रेफर किया गया है.
इधर क्यों ध्यान नहीं देते जनप्रतिनिधि और अधिकारी..
सूरजपुर जिला के एसईसीएल विश्रामपुर, जयनगर,भटगांव कोल खदान क्षेत्र में अनुबंध की अवहेलना करते हुए उत्खनन के बाद गढ्ढों में हादसों के लिए असुरक्षित छोड़ दिया जा रहा है, इन गढ्ढों में बारिश के मौसम में अधिकांश दुर्घटनाएं होती है। वहीं कोयला चोरों , तस्करों के द्वारा बेरोकटोक जगह जगह अवैध कोयला उत्खनन किए जाने से एक दर्जन से अधिक इलाकों में जानलेवा गढ्ढे हो गए हैं, जिसमें लोगो की मौत हो रही है। इसी प्रकार ग्राम लांजित सहित करीब आधा दर्जन गांवों में छुई मिट्टी के अवैध खदान हैं। इन खदानों में पूर्व में भी लोगों की जाने जा चुकी हैं, इसके बाद भी प्रशासन के द्वारा सुरक्षा के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।




