अंबिकापुर। खबरी गुल्लक।
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा के सम्मान में सरगुजा जिला अधिवक्ता संघ, अंबिकापुर द्वारा एक भव्य अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई, उसके बाद वंदे मातरम का सामूहिक गायन किया गया।
अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अनिल सोनी ने स्वागत भाषण देकर इस अवसर को विधिक इतिहास का एक स्वर्णिम अध्याय बताया। स्वागत शाल और श्रीफल का आदान-प्रदान राज्य अधिवक्ता परिषद के कार्यकारिणी अध्यक्ष प्रवीण गुप्ता और वरिष्ठ अधिवक्ता प्रमोद तिवारी ने किया। भावनात्मक सम्मान-पत्र का वाचन जनार्दन त्रिपाठी ने किया और कहा कि मुख्य न्यायाधिपति द्वारा प्रदान की गई सौगात सरगुजा के लोगों के लिए लंबे समय तक स्मरणीय रहेगी। उन्होंने बताया कि यह आधुनिक परिसर न्याय व्यवस्था को अधिक सुलभ और जन-हितैषी बनाएगा और आने वाले समय में बार और बेंच दोनों के लिए प्रेरणा बनेगा।
समारोह में संघर्ष समिति के अध्यक्ष संतोष सिंह एवं गौरांगों सिंह, जनार्दन त्रिपाठी, हेमंत तिवारी, अशोक सिंह, अशोक दुबे, प्यारेलाल यादव और धनंजय मिश्रा ने मुख्य न्यायाधिपति को मान-पत्र प्रदान किया। संघ के सभी पदाधिकारियों और उपस्थित अधिवक्ताओं ने न्यायाधिपति के लोक-कल्याणकारी न्यायिक कार्यों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। वरिष्ठ अधिवक्ता सुभाष चन्द्र अग्रवाल ने भी अपनी कृतज्ञता जताई।
मुख्य न्यायाधिपति ने अपने संबोधन में सरगुजा के प्राकृतिक सौंदर्य और यहां के सरल तथा सहृदय लोगों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि न्याय की धुरी पर खड़े होकर अंबिकापुर में नवीन जिला एवं सत्र न्यायालय भवन का वर्चुअल भूमिपूजन और शिलान्यास किया गया है। यह भवन आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा और भविष्य में न्यायिक प्रक्रियाओं को सुगम बनाएगा। कार्यक्रम में मुख्य न्यायाधिपति को स्मृति चिन्ह और सम्मान भेंट किया गया। यह स्मारक तथा संघ द्वारा कहा गया कि सरगुजा हमेशा आपके ह्रदय में अंकित रहे। स्मृति चिन्ह और सम्मान पदाधिकारियों अध्यक्ष अनिल सोनी, सचिव सम्पूर्णांक गुप्ता, कोषाध्यक्ष दिलीप गुप्ता, सह सचिव सी. पी. श्रीवास्तव, ग्रंथपाल अनिल सिन्हा, सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा सचिव रोहित तिवारी तथा कार्यकारिणी सदस्य गणेंद्र सिंह, संजय अम्बष्ट, प्रमोद तिवारी, रूमा विश्वास और नचिकेता जायसवाल द्वारा प्रदान किए गए।
समारोह के समापन पर अंगत उपस्थित अधिवक्ता संजय अम्बस्ट ने आभार व्यक्त किया और मुख्य न्यायाधिपति के व्यस्त समय से उपस्थित रहने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि न्यायाधिपति का धैर्य, न्याय के प्रति वात्सल्य और अधिवक्ताओं को समर्थन प्रदान करने की कार्यशैली समरसता का उदाहरण है। उन्होंने जिला प्रशासन और न्यायिक प्रशासन की उपस्थिति की सराहना करते हुए रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव, एम.वी.एल.एन. सुब्रमण्यम, जिला न्यायाधीश शक्ति सिंह राजपूत, कमिशनर दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर अजीत बसंत और एसपी राजेश अग्रवाल का धन्यवाद किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी वरिष्ठ, कनिष्ठ तथा महिला अधिवक्ताओं का भी आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का औपचारिक समापन राज्य अधिवक्ता परिषद के कार्यकारिणी अध्यक्ष प्रवीण गुप्ता ने किया। उन्होंने कहा कि न्याय ही धर्म है के सिद्धांत के अनुरूप समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा में न्यायाधिपति की संवेदनशीलता प्रेरणादायी है।
समारोह का संचालन अधिवक्ता जयेश वर्मा ने किया। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रगान का सामूहिक गायन हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वरिष्ठ एवं कनिष्ठ अधिवक्ता उपस्थित रहे, जिनमें सारंगधर सिंह, एसके पांडे, मो. परवेज, सीडी राजवाड़े, उदय राज तिवारी, ओपी गुप्ता, गिरवर प्रजापति, बच्चू तिवारी, सुशील शुक्ला, डीके विश्वास, कामिनी सिन्हा, सरोज गुप्ता, रवि वर्मा, ए सी कुरैशी, राजन वर्मा, वेणुधर सिंह, वेद प्रकाश सिन्हा, शकील अहमद, आर एन प्रसाद, मिथलेश सिंह, कुञ्ज बिहारी पैंकरा, संजय श्रीवास्तव, राजेश दुबे, नाबोर मिंज, विद्या भूषण श्रीवास्तव, मनोज अम्बष्ट, मनोज गुप्ता, अभिषेक कश्यप, एनामुल हक, प्रकाशमणि, शिवांश शुक्ला, शालिनी गुप्ता, मालती गुप्ता, अभिजीत सिंह, वसीम, भागीरथी, गणेश गुप्ता, मोहम्मद शाहिद, पारस ठाकुर, मनोज कुटियाले, अनुराग तिवारी आदि शामिल रहे।








