अंबिकापुर। खबरी गुल्लक। 22 अगस्त 2026।
डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल के निर्देश पर संचालित साइबर जागृति अभियान के अंतर्गत आज संत हरकेवल शिक्षा महाविद्यालय, अंबिकापुर में व्यापक साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा रितेश चौधरी ने किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के लगभग 150 विद्यार्थी उपस्थित रहे।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने अपने संबोधन में साइबर अपराधों के बदलते स्वरूप और उनसे बचने के व्यावहारिक उपायों पर जोर दिया। उन्होंने रोजमर्रा के जीवन से जुड़े उदाहरणों के माध्यम से बताया कि कैसे साइबर अपराधी लोगों का भरोसा जीतकर ऑनलाइन ठगी करते हैं। छात्र-छात्राओं को ओटीपी, UPI और क्यूआर कोड फ्रॉड, फर्जी लिंक, सोशल मीडिया से जुड़ी धोखाधड़ी, अनजान कॉल और संदिग्ध संदेशों से सावधान रहने की सलाह दी गई। साथ ही किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, PIN, पासवर्ड या बैंकिंग संबंधी अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करने का विशेष आग्रह किया गया। कार्यक्रम में साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज कराने और संबंधित मद से सहायता लेने के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। छात्रों को घबराने के बजाय सही चैनल के माध्यम से सूचना देने और आवश्यक कार्रवाई कराए जाने के निर्देश दिए गए। महिला थाना प्रभारी सुनीता भारद्वाज ने साइबर जागृति अभियान के उद्देश्य, कार्यक्रम की रूपरेखा और घर-परिवार में साइबर सुरक्षा को कैसे लागू किया जाए, इस पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने विद्यार्थियों को न केवल स्वयं सतर्क रहने, बल्कि अपने परिवार और आस-पास के लोगों को भी डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम को अधिक संवादात्मक बनाने के लिए प्रश्नोत्तरी (Q/A) सत्र आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों ने साइबर अपराध और ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़े कई प्रश्न पूछे। महिला थाना प्रभारी ने सरल भाषा में जवाब देकर छात्रों की शंकाओं का समाधान किया। इस सत्र से छात्रों में जागरूकता और समझ बढ़ने का स्पष्ट प्रभाव देखा गया।
पुलिस टीम में महिला थाना प्रभारी सुनीता भारद्वाज के साथ सहायक उप निरीक्षक गंभीर साय, महिला आरक्षक सविता मरावी, लोरेटा एक्का और संगीता बड़ा उपस्थित रहीं। पुलिस मितान एवं साइबर वॉलंटियर टीम के अतुल गुप्ता, अनमोल बारी, आर्यन पाण्डेय और राजकुमार ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर छात्र-छात्राओं को साइबर सुरक्षा से संबंधित व्यावहारिक जानकारी और टिप्स प्रदान किए।
महाविद्यालय की ओर से प्राचार्य डॉ. अंजन सिंह, डॉ. पूजा दुबे, शुभेच्छु सुमन पाण्डेय, डॉ. रानी पाण्डेय, नीरू त्रिपाठी और चंदा सिंह सहित समस्त प्राध्यापकगण उपस्थित रहे। आयोजन का सफल संचालन महाविद्यालय और पुलिस विभाग के समन्वय से हुआ। कार्यक्रम के माध्यम से छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों की पहचान, उनसे बचने के तरीके और किसी भी साइबर घटना की स्थिति में त्वरित और सही कदम उठाने के प्रति सशक्त किया गया। आयोजक बताते हैं कि सुरक्षित और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार अपनाना आवश्यक है और इस संदेश को विद्यार्थी अपने परिवार और समाज तक पहुँचाने में सहयोग करेंगे।






