राजीव गांधी स्नातकोत्तर महाविद्यालय अंबिकापुर के जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष पार्षद मनोज गुप्ता ने महाविद्यालय के बालक छात्रावास का औचक निरीक्षण कर बदहाली पर नाराजगी जताई। उन्होंने वार्डन को जमकर फटकार लगाते हुए कहा कि यदि छात्रावास में किसी चीज की कमी है तो उच्च कार्यालय को अवगत करा कमियों को दूर करने प्रयास करना चाहिए।
छात्रावास में बेड टूटे हुए थे, मरम्मत के अभाव में भवन में दरार भी हो गया, दीवारे क्रेक हो रही है, सफाई के अभाव में हर ओर कचरे, गंदगी का ढेर है।विद्युतीकरण भी मकड़जाल में तब्दील हो गया है। अध्यक्ष पार्षद मनोज गुप्ता ने कहा कि छात्रावास के पूरे बेड टूटे हुए हैं, छात्र किसी प्रकार रस्सी बांधकर बेड को उपयोग के लायक बना रहे हैं। ऊंचे नीचे बेड का शरीर पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष पार्षद मनोज गुप्ता ने कहा कि शासन के द्वारा छात्रावासों के मरम्मत, संधारण के साथ समानों की पूर्ति के लिए मांग के अनुरूप बजट उपलब्ध कराया जाता है तो यहां टूटे हुए बेड क्यों है। उन्होंने कहा कि कही फर्जी बिल से छात्रावास के लिए आए राशि का बंदरबांट तो नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रावास में बेड सहित अन्य बुनियादी सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए।
श्री गुप्ता ने कहा कि इस तरह अस्थिर और ऊंचे-नीचे बेड पर सोना विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि छात्रावास में विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित और उपयोगी बिस्तर समेत सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए। भवन के रखरखाव पर भी उन्होंने चिंता जताई। मरम्मत के अभाव में दीवारों में दरारें दिखाई दे रही हैं, जबकि कई हिस्सों में सफाई नहीं होने से कचरा और गंदगी जमा है। विद्युत तारों की स्थिति भी अव्यवस्थित मिली। गुप्ता ने कहा कि छात्रावास की नियमित साफ-सफाई और समय पर मरम्मत जरूरी है, ताकि विद्यार्थियों को रहने के लिए सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण मिल सके। गुप्ता ने सवाल उठाया कि शासन द्वारा छात्रावासों की मरम्मत, संधारण और सामग्री की पूर्ति के लिए मांग के अनुरूप बजट उपलब्ध कराया जाता है, फिर भी यहां बेड सहित बुनियादी सुविधाओं की ऐसी स्थिति क्यों है। उन्होंने छात्रावास के लिए आई राशि के उपयोग की जांच की आवश्यकता जताते हुए आशंका व्यक्त की कि कहीं फर्जी बिलों के माध्यम से राशि का दुरुपयोग तो नहीं किया जा रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से छात्रावास की समस्याओं पर ध्यान देकर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और व्यवस्थाओं में सुधार सुनिश्चित करने की मांग की।




