पब में आईडी मांगने पर भड़का आईएएस अधिकारी, इंस्पेक्टर को थप्पड़ मारने का आरोप.. चार पर दर्ज हुआ एफआईआर

पब में आईडी मांगने पर भड़का आईएएस अधिकारी, इंस्पेक्टर को थप्पड़ मारने का आरोप.. चार पर दर्ज हुआ एफआईआर

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बेंगलुरु।खबरी गुल्लक ।

बेंगलुरु में पब- बारों की देर रात जांच के दौरान आंध्र प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी विकास मरमत समेत तीन अन्य लोगों के खिलाफ पुलिस इंस्पेक्टर से मारपीट, गाली-गलौज और सरकारी काम में बाधा डालने का मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि जब इंस्पेक्टर ने अधिकारी से पहचान पत्र दिखाने को कहा, तो वह भड़क उठे और उन्हें थप्पड़ मार दिया। घटना  बेंगलुरु के क्यूबन पार्क थाना क्षेत्र, रेजिडेंसी रोड स्थित एक पब में हुई। केंद्रीय अपराध शाखा  की विशेष जांच टीम के इंस्पेक्टर अरुण सालुंके के नेतृत्व में पुलिस टीम बार-रेस्तरां की जांच कर रही थी। जांच के दौरान पुलिस ने कुछ लोगों से उम्र और पहचान संबंधी दस्तावेज मांगे। शिकायत के अनुसार, आईएएस अधिकारी विकास मरमत ने पहचान पत्र दिखाने से इनकार कर दिया और पुलिसकर्मियों से बहस शुरू कर दी। इसके बाद आरोप है कि उन्होंने इंस्पेक्टर को थप्पड़ मारा, अश्लील भाषा का प्रयोग किया और कहा कि वे आईएएस अधिकारी हैं, इसलिए पुलिस उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर सकती।

क्यूबन पार्क पुलिस ने इंस्पेक्टर अरुण सालुंके की शिकायत पर विकास मरमत के अलावा अभय उदय सिंह, नितीश और रोशन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों पर सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा डालने, मारपीट, धमकी देने और जानबूझकर अपमानजनक व्यवहार करने के आरोप लगाए गए हैं। भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 351(2), 352, 132 और 133(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इन धाराओं में साधारण चोट पहुंचाना, आपराधिक धमकी, उकसाने के इरादे से अपमान तथा सार्वजनिक सेवक को कर्तव्य निभाने से रोकने हेतु हमला शामिल है।

बेंगलुरु पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह के निर्देश पर शहर के पब, बार और रेस्तरां में देर रात विशेष जांच अभियान चलाया गया। इसमें लगभग 1,500 पुलिसकर्मियों ने 400 से 500 स्थानों पर छापेमारी और निरीक्षण किया। अभियान का उद्देश्य खुलने-बंद होने के समय के उल्लंघन, नाबालिगों को शराब परोसने, अवैध गतिविधियों और संदिग्ध व्यक्तियों की उपस्थिति की जांच करना था। क्यूबन पार्क और अशोक नगर थाना क्षेत्रों में भी इसी अभियान के तहत टीमें तैनात की गई थीं।

घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद खड़ा कर दिया। वीडियो में आरोप है कि आईएएस अधिकारी पुलिसकर्मियों पर भड़कते हुए दिख रहे हैं। घटना के बाद आंध्र प्रदेश सरकार ने विकास मरमत को तत्काल प्रभाव से उनके पद से तबादला कर दिया है। वे 2019 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और कुप्पम एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी में प्रोजेक्ट डायरेक्टर विशेष अधिकारी के पद पर कार्यरत थे।              पुलिस के अनुसार एफआईआर में नामित चारों आरोपियों के खिलाफ जांच जारी है। मामले में आरोप साबित होने पर सरकारी कर्तव्य में बाधा और पुलिसकर्मी से मारपीट संबंधी गंभीर कार्रवाई हो सकती है। यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इसमें एक ओर प्रशासनिक अधिकारी का नाम है, दूसरी ओर पुलिस की कानून-व्यवस्था जांच के दौरान अधिकारियों के प्रति बरता गया व्यवहार सामने आया है। पुलिस का कहना है कि कोई भी व्यक्ति चाहे उसका पद कुछ भी हो, कानून के सामने बराबर है।

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