फर्जी दस्तावेजों से बलरामपुर जिला के ग्राम भनौरा में 143 एकड़ की गोचर भूमि की बिक्री का चला खेल... आरटीआई कार्यकर्ता डीके सोनी के इस आरोप पर आयुक्त सरगुजा संभाग ने बलरामपुर कलेक्टर को दिया जांच का आदेश, मांगी एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट....

फर्जी दस्तावेजों से बलरामपुर जिला के ग्राम भनौरा में 143 एकड़ की गोचर भूमि की बिक्री का चला खेल... आरटीआई कार्यकर्ता डीके सोनी के इस आरोप पर आयुक्त सरगुजा संभाग ने बलरामपुर कलेक्टर को दिया जांच का आदेश, मांगी एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट....

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बलरामपुर
(ब्यूरो)। आरटीआई कार्यकर्ता डीके सोनी द्वारा बलरामपुर जिले  में गोचर भूमि की फर्जी दस्तावेजों के जरिए बिक्री किए जाने का आरोप लगा किए गए शिकायत पर संभागायुक्त ने बलरामपुर कलेक्टर कोजांच के निर्देश दिए हैं। आरटीआई कार्यकर्ता डीके सोनी ने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि ग्राम भनौरा के गोचर भूमि पुराना खसरा नंबर 93 रकबा 143. 23 एकड़ भूमि को भू माफियाओं के द्वारा अलग-अलग व्यक्तियों के नाम से फर्जी सेटलमेंट लगाकर बिना सक्षम अधिकारी के अनुमति लिए बगैर अनेकों व्यक्तियों को भूमि विक्रय किया गया है। उन्होंने इसकी जांच कराकर भूमि को शासन के पक्ष में दर्ज कराते हुए फर्जी दस्तावेज तैयार कराने वाले संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध अपराधिक प्रकरण दर्ज कराए जाने के लिए  12 जून 2023 को आवेदन आयुक्त सरगुजा संभाग के समक्ष प्रस्तुत किया गया था, जिसपर उपायुक्त सरगुजा संभाग  द्वारा दिनांक 20 जून 2023 को कलेक्टर बलरामपुर को पत्र लिखते हुए उल्लेखित तथ्यों की जांच कराकर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करते हुए जांच प्रतिवेदन 7 दिवस के भीतर कार्यालय को उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया है।डीके सोनी के द्वारा आरोप लगाया गया है कि  बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत भनौरा की गोचर भूमि जिसका पुराना खसरा नंबर 93 रकबा 143. 23 एकड़ भूमि है जो साजन , दीपक राम , बाबूलाल  , रामलाल, पचाठ आ.लालदेव जाति भुइयां, जक्लू , पवन एवं  सभी निवासी ग्राम भनौरा तहसील बलरामपुर जिला बलरामपुर के पूर्वजों के नाम पर था जिसे रामविलास आ.रामजतन के नाम पर वर्ष 1990-91 में वन विस्थापन के संबंध में वन विभाग के द्वारा अलग से खसरा नंबर क्रमांक 520, 521, 522, 523, 525, 526 आवंटित कर पट्टा प्रदान पट्टा प्रदान किया गया। इसके अलावा भूमि खसरा नंबर 520, 521, 522, 523, 525, 526 का बंदोबस्त वर्ष 1996-97 में नया खसरा नंबर 218, 222, 239, 240, 241, 220 बनाया गया उक्त भूमि का पट्टा साजन, दीपकराम दोनों जाति अगरिया के दादा  तथा बाबूलाल, रामलाल भुइयां के भाई दोनों पिता लालदेव के पिता रामदेनी   तथा  बंधन , रामविलास के नाम पर प्रदान किया गया। उपरोक्त वन व्यवस्थापन के तहत प्राप्त पट्टे की भूमि को जो साजन , दीपक राम , बाबूलाल , रामलाल , पचाठ, जक्लू आ. लालदेव जाति भुइयां, पवन भुइयां एवं रामविलास भूमि को बिना सक्षम अधिकारी के अनुमति प्राप्त किए दूसरे जाति के व्यक्तियों को फर्जी सेटलमेंट लगाकर उपरोक्त भूमि को सेटलमेंट की भूमि खसरा नंबर 218/31, 218/32, 218/35 अरविंद ,खसरा नंबर 218/20, 218/21 मदन , खसरा नंबर 218/34, 218/7 महमूद , खसरा नंबर 218/9, 218/8 वीनू , खसरा नंबर 218/18 राकेश, खसरा नंबर 218/4, 218/13 सुषमा , खसरा नंबर 218/19, 218/6 स्टेनों का पुत्र, खसरा नंबर 218/5, 218/12, 218/10 अजय , खसरा नंबर 218/15 सुभाष , खसरा नंबर 218/24 राधा , खसरा नंबर 218/26 रूपा , खसरा नंबर 218/15 शीला  , खसरा नंबर 218/14 संजीव , खसरा नंबर 218/11 राधिका , खसरा नंबर 216/02, 222/7 सुरेश , खसरा नंबर 222/1 विनोद , खसरा नंबर 222/1 रामविलास, खसरा नंबर 222/6 सुनीता , खसरा नंबर 222/4 अर्जुन प्रसाद, खसरा नंबर 222/5 सलीम, खसरा नंबर 222/3 रसीद,  खसरा नंबर 222/10 सरस्वती, खसरा नंबर 222/13 किरण, खसरा नंबर 222/20 रंजीत , खसरा नंबर 220/1, 220/2, 220/12 राजेंद्र, खसरा नंबर 220/3 मनोज,  खसरा नंबर 220/4 रीमा , खसरा नंबर 220/10 रमेश , खसरा नंबर 220/6 प्रभा , खसरा नंबर 220/5 सरिता देवी, खसरा नंबर 220/7 श्रवण , खसरा नंबर 220/8 संगीत , खसरा नंबर 220/9 अनीता, खसरा नंबर 220/11 बसंती देवी, खसरा नंबर 222/14 श्याम दीप , खसरा नंबर 222/15 पंकज , खसरा नंबर 240/8 नीलम पटवा , खसरा नंबर 241/2 शांति देवी ,  खसरा नंबर 241/1 बाबूलाल , खसरा नंबर 241/10 निरंजन मंडल , खसरा नंबर 241/11 राजेंद्र, खसरा नंबर 241/7 संदीप  , खसरा नंबर 241/8 दीप कुमार , खसरा नंबर 239/5 अशोक गुप्ता , खसरा नंबर 239/4 पूनम  , खसरा नंबर 239/6 श्याम कुमार , खसरा नंबर 239/28 अनीता , खसरा नंबर 239/32, 239/22 चंदन गुप्त, खसरा नंबर 239/12 ललन यादव , खसरा नंबर 239/27, 23913, 23915 239/17,239/8 दीप कुमार वर्णित व्यक्तियों को अलग-अलग भूमि विक्रय किया गया।अधिवक्ता डीके सोनी एवं आरटीआई एक्टिविस्ट ने आरोप लगाया कि कि  गोचर भूमि जिसका रकबा 143 एकड़ की जांच को कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों को बचाने का षड्यंत्र करते हुए मात्र 12 से 15 लोगों को टारगेट करते हुए द्वेष पूर्ण जांच कर कार्यवाही किया जा रहा है जबकि 143 एकड़ में काबिज सभी व्यक्तियों के विरुद्ध कार्यवाही किए जाने की  शिकायत डीके सोनी के द्वारा किया गया है। उपरोक्त गोचर भूमि में काफी प्रभावशाली व्यक्तियों  का मकान बना हुआ है ,अरविंद गुप्ता, मदन गुप्ता, महमूद अंसारी, बीनू गुप्ता, राकेश, सुषमा प्रजापति, स्टेनों का पुत्र,अजय गुप्ता, सुभाष गुप्ता, राधा गुप्ता, रूपा गुप्ता, शीला गुप्ता, संजीव गुप्ता, राधिका गुप्ता, सुरेंद्र गुप्ता, विनोद गुप्ता, रामविलास, सुनीता गुप्ता, अर्जुन प्रसाद, सलीम, रशीद, सरस्वती, किरण, रंजीत गुप्ता, राजेंद्र, मनोज, रीमा गुप्ता, रमेश गुप्ता, प्रभा देवी, सरिता देवी, श्रावण सोनी, संगीता देवी, अनीता यादव, बसंती देवी, श्यामलाल गुप्ता, पंकज गुप्ता, नीलम पटवा , शांति देवी , बाबूलाल, निरंजन मंडल , राजेंद्र , संदीप गुप्ता आ. सुरेंद्र गुप्ता, दीपू कुमार , अशोक गुप्ता . पूनम देवी , श्यामलाल कुमार , अनीता , चंदन गुप्ता, ललन यादव , दीप कुमार उल्लेखित व्यक्तियों के द्वारा जो विक्रय नामा निष्पादित किया गया है उसमें फर्जी सेटलमेंट की कॉपी लगाकर कराया गया है इसलिए दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध फर्जी दस्तावेज तैयार करने के संबंध में अपराधिक प्रकरण दर्ज कराने के साथ-साथ उपरोक्त विक्रय पत्र को नियम विपरीत निष्पादित कराने के संबंध में सभी विक्रय पत्र को शून्य घोषित करने एवं उपरोक्त भूमि को शासन के पक्ष में शासन का नाम राजस्व पत्रों में दर्ज कराए जाने का निवेदन किया गया है। कमिश्नर सरगुजा के द्वारा डीके सोनी की शिकायत आवेदन पर उपायुक्त सरगुजा संभाग अंबिकापुर द्वारा दिनांक 20 जून 2023 को कलेक्टर बलरामपुर को पत्र लिखते हुए उल्लेखित तथ्यों की जांच कराकर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करते हुए जांच प्रतिवेदन 7 दिवस के भीतर कार्यालय को उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया है।

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