अंबिकापुर। कोलकाता के एक कंपनी के हाथों कथित रूप से यूरेनियम के धंधे में कुबेर बनने के झांसे में आकर करीब दो करोड़ रुपए गंवाने और मित्र द्वारा भी नुकसान की भरपाई के लिए दबाव बनाने से शहर के एक व्यवसाई ने होटल के कमरे में फांसी लगा जान दे दी। पुलिस ने कमरे से सुसाइड नोट भी बरामद किया है जिसमें नामजद लोगों के साथ रुपए लेन देन विवाद और ठगी का जिक्र किया गया है। घटना के संबंध में अविनाश जायसवाल ने पुलिस को बताया कि उनके फूफा गुरुपद जायसवाल की पैतृक सम्पत्ति बौरीपारा में थी, मगर वे कोलकाता की कंपनी से ठगी का शिकार होने और लेनदेन विवाद से परेशान होकर नमनकला अंबिकापुर में किराए के मकान में रहने लगे थे। अविनाश जायसवाल ने पुलिस को बताया कि फूफा गुरुपद जायसवाल के द्वारा कोलकाता की एक कंपनी द्वारा यूरेनियम में रुपए इन्वेस्ट करने पर कई गुना अधिक की कमाई होने का झांसा दिए जाने पर लगभग 2 करोड़ रूपए कंपनी में इन्वेस्ट किया गया था। जिससे प्रभावित होकर उनके मित्र राजेश ने भी करीब 25 लाख रुपए इन्वेस्ट किए थे। मगर उन्हें न तो दोगुना रकम मिला और न ही मूलधन ही वापस हुआ। परेशान होकर फूफा गुरुपद जायसवाल कई बार कोलकाता गए थे लेकिन उन्हें रकम नही मिली। इधर मित्र के द्वारा भी रकम वापसी के लिए दबाव बनाया जाने लगा। अविनाश ने पुलिस को यह भी बताया कि इस हानि और विवाद से परेशान होकर भी फूफा के द्वारा आत्म हत्या करने की कोशिश की गई थी। कथित रूप से मित्र ने उनके गोदाम की चाबी ले ली और 25 लाख के एवज में रजिस्ट्री कराने दबाव बना रहा था। अविनाश ने बताया कि इन सब घटनाओं से गुफा बहुत परेशान रहने लगे थे और खुद में संपत्ति होने के बाद भी किराए के मकान में रहते थे। पुलिस ने बताया कि अंबिकापुर के बाबूपारा स्थित एक होटल में आज फांसी पर झूलती गुरुपद जायसवाल की लाश मिली। होटल कर्मियों के मुताबिक एक दिन पूर्व ही वे दोपहर के समय होटल में ठहरे थे। न तो रात में और न ही आज सुबह उन्होंने दरवाजा खोला, आवाज देने पर भी प्रतिक्रिया नहीं हुई तो दरवाजा तोड़ा गया। कमरे में पंखे के सहारे उनका फांसी पर शव झूल रहा था। पुलिस ने बताया कि कमरे से सुसाइड नोट भी बरामद किया गया है। जिसमें ठगी और लेनदेन विवाद का जिक्र है, वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में मामले की जांच की जा रही है।




