9 साल बाद प्रेम विवाह का हुआ खौफनाक अंत... साथ जीने मरने की कसमें खाने वाले पति को शक ने बना दिया हैवान ... हाथ पैर बांध कैसे जिंदा जलाया, पढ़ें पूरी दास्तान ....

9 साल बाद प्रेम विवाह का हुआ खौफनाक अंत... साथ जीने मरने की कसमें खाने वाले पति को शक ने बना दिया हैवान ... हाथ पैर बांध कैसे जिंदा जलाया, पढ़ें पूरी दास्तान ....

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अंबिकापुरछत्तीसगढ़ राज्य के बलरामपुर जिले के बसंतपुर थाना क्षेत्र में प्रेम विवाह का ऐसा अंत हुआ कि  देखने और सुनने वालों का रूह कांप गया।  बेटी की ऐसी मौत से पिता सहित मायका पक्ष सदमे में है। किसी और से अवैध संबंध के शक ने सात जन्म तक साथ निभाने की कसमें खाने वाले पति को हैवान बना दिया। उसने  पत्नी के हाथ, पैर बांध आग लगा दिया, 80 फीसदी से भी अधिक झुलसी महिला ने मौत के पूर्व अपने पिता को आपबीती सुनाई और मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर  में उपचार के दौरान  उसने हमेशा के लिए दुनिया को अलविदा कह दिया। मायके वालों का यह भी कहना है कि बेटी के ऊपर आग लगाने के बाद दामाद टांगी लेकर दरवाजे पर पहरा देने खड़ा हो गया था, उसकी मंशा थी कि किसी को भी पत्नी को बचाने भीतर जाने नही देगा। घटना के संबंध में मृतिका नेहा सोनहा 28 वर्ष के पिता देवसाय सोनहा निवासी गोवर्धनपुर रेवती  ने पुलिस को बताया कि आज से करीब नौ वर्ष पहले उनकी बेटी नेहा सोनहा ने बसंतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम मदनपुर निवासी राम प्रसाद नामक युवक के साथ प्रेम विवाह की थी। विवाह के चार साल तक आपस में उनके संबंध अच्छे रहे , उनकी दो बेटियां हुई। मगर इसके बाद से दोनो के बीच अनबन शुरू हुआ। नेहा अक्सर उन्हे बताया करती थी कि पति उसके साथ मारपीट करता है। पति हमेशा चरित्र पर लांछन लगाया करता था और नशे में चूर होकर मारपीट करता था।  मृतिका के पिता ने पुलिस को यह भी बताया कि बेटी के साथ मारपीट किए जाने की घटना को लेकर पूर्व में वार्डफनगर चौकी में शिकायत की गई थी,  उस दौरान पुलिस की समझाइश के बाद उसके पति ने समझौता करते हुए अपनी आदत सुधारने  और नेहा का ख्याल रखने वादा किया था मगर चौकी से वापस लौटने के  बाद दामाद ने बेटी के साथ मारपीट करना जारी रखा, जिससे  परेशान होकर पुत्री नेहा मायका गोवर्धनपुर आ गई थी।

पति ने पहले ही बना की थी खूनी  योजना

मृतिका के पिता ने पुलिस को बताया कि पुत्री नेहा तीन साल से मायका में थी। मगर उसके पति ने कभी उससे संपर्क करने की कोशिश नही किया था। हाल ही में दामाद ने मोबाइल पर बेटी से बात करना शुरू किया था और साथ ले जाने की बात कहता था, बेटी इन सब बातों को उन्हे बताया करती थी। पिता ने बताया कि दामाद से बातचीत शुरू होने से यह उम्मीद जगी थी कि बेटी की जीवन में खुशियां फिर से लौटेंगी। मगर उन्हे क्या पता था कि दामाद ने पहले से ही खूनी योजना बना ली है।

दिवाली के बहाने ले गया ससुराल

मृतिका के पिता ने पुलिस को बताया कि मोबाइल पर बातचीत शुरू होने के बाद दामाद दिवाली के पूर्व आया था और नेहा का ख्याल रखने की बात कह अपने साथ ले गया था।  मदनपुर ससुराल में नेहा ने दिवाली त्योहार पति के साथ ही मनाई। 

अधमरा कर हाथ पैर बांध लगाया आग

मायका पक्ष ने बताया कि घटना दिवस 20 नवंबर को ससुराल में पुत्री नेहा के साथ दामाद ने जमकर मारपीट की, बेटी जब अधमरी हो गई तब दामाद ने उसका हाथ पैर बांधा और पेट्रोल डाल आग लगा दिया। इसके बाद दामाद दरवाजे पर ही टांगी लेकर खड़ा हो गया, उसकी मंशा बचाव के लिए किसी को भीतर नही जाने देने की थी। घर में आग और चीखने की आवाज सुन पड़ोसी घर पर पहुंचे तो दामाद को टांगी लिए गेट में खड़ा देखा,  भीतर से चीखने की आवाज आने पर पड़ोसियों को माजरा समझने में देर नहीं लगी।  ग्रामीणों ने किसी प्रकार समझाइश देकर दामाद को टांगी फेंकने कहा, दामाद की मदद से पड़ोसियों ने आग बुझाया, तबतक बेटी 80 फीसदी झुलस चुकी थी। पड़ोसियों ने इस घटना की जानकारी पिता को दिया और  बेटी को लेकर वार्डफनगर अस्पताल ले गए,  रेफर किए जाने पर मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में भर्ती कराया गया। पिता ने बताया कि अस्पताल में उपचार के दौरान बेटी ने मृत्यु के पूर्व उन्हे घटना की जानकारी दी थी,  कि किस तरह उसे जलाया गया। मगर नियति को कुछ और ही मंजूर था, इलाज के दौरान कुछ घंटे बाद 30 नवंबर को ही रात करीब साढ़े आठ बजे मौत हो गई। इधर पत्नी की मौत के बाद पति शव छोड़ अस्पताल से फरार हो गया। इस संबंध में बलरामपुर जिले के एएसपी ने बताया कि अंबिकापुर से केस डायरी आने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी। फिलहाल मृतिका के फरार पति की तलाश की जा रही है।

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