बिग ब्रेकिंग: मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर में प्रसव के बाद रहस्यमय ढंग से गायब हुई महिला की मिली लाश ... अपरहण, हत्या हुआ या मौत का है कोई अन्य राज ... नही हुआ स्पष्ट ... अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप... परिवार में पोता आने की खुशियां मातम में बदली ...

बिग ब्रेकिंग: मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर में प्रसव के बाद रहस्यमय ढंग से गायब हुई महिला की मिली लाश ... अपरहण, हत्या हुआ या मौत का है कोई अन्य राज ... नही हुआ स्पष्ट ... अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप... परिवार में पोता आने की खुशियां मातम में बदली ...

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अंबिकापुर। मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर के एमसीएच में शुक्रवार 24 नवंबर को प्रसव के करीब दो घंटे बाद एक महिला की रहस्यमय ढंग से लापता होने के करीब 7 घंटे बाद संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने से हड़कंप मच गया। प्रसूता किसी साजिश की शिकार हुई अथवा किन परिस्थितियों में अस्पताल से गायब हुई यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। इस घटना से पीड़ित परिवार में पोता जन्म लेने की खुशियां मातम में बदल गई, वहीं अस्पताल प्रबंधन सकते में है। घटना के संबंध में परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक प्रतापपुर के ग्राम गौरा निवासी बधीर साय गोंड की 40 वर्षीया पत्नी लक्ष्मी गोंड गर्भवती थी। प्रसव पीड़ा बढ़ने पर परिजनों के द्वारा आज शुक्रवार को ही उसे प्रातः मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एमसीएच में भर्ती कराया गया था। सुबह करीब 7 बजे लक्ष्मी ने सामान्य प्रसव में पुत्र रत्न को जन्म दी थी।  पोता के जन्म लेने से परिवार में खुशी का माहौल था। परिजन एक दूसरे को बधाई देते हुए मुंह मीठा भी करा रहे थे। चिकित्सकों के द्वारा नवजात को कमजोर होने पर एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराने का सलाह दिया,  जिस पर पिता बधीर साय नवजात को एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराने गए थे, थोड़ी देर बाद वापस लौटे तो लक्ष्मी बेड में नही मिली। प्रसूता के लापता होने से परिजन उसे ढूंढने लगे वहीं स्वास्थ्य कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।  परिजन बदहवास हो प्रसूता को ढूंढने इधर उधर भटकते रहे मगर कामयाबी नहीं मिली। घटना की सूचना पुलिस को भी दी गई, मगर तत्काल कोई मदद नहीं मिली। 

 संजीवनी एक्सप्रेस कर्मियों को बेहोश महिला की मिली थी सूचना

दोपहर करीब दो बजे संजीवनी एक्सप्रेस 108 के कर्मचारियों को सूचना मिली कि गांधी स्टेडियम के पास अज्ञात महिला बेहोश पड़ी हुई है,  इस खबर पर संजीवनी 108 तत्काल मौके पर पहुंची और महिला को मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया यहां हुई चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बाद में उक्त महिला की  पहचान लापता प्रसूता लक्ष्मी के रूप में हुई।

इन सवालों का नही मिला जवाब

* प्रसूता अस्पताल से किन परिस्थितियों में गायब हुई 

* उसे सुरक्षा गार्डों ने रोकने की कोशिश की या नहीं 

* जब वह वार्ड में भर्ती थी उस समय परिवार के अन्य सदस्य कहां थे

*. प्रसूता के गायब होने पर अस्पताल कर्मियों ने तत्काल पुलिस को सूचना दिया या नहीं

*. सामान्य प्रसव के बाद प्रसूता की हालत पैदल चलने लायक थी या नहीं

* यदि वह नही चल सकती थी तो उसे बाहर तक कौन ले गया

* अस्पताल से करीब तीन किमी दूर स्टेडियम के गेट के पास वह कैसे पहुंची

*.उसकी मौत के पीछे का कारण क्या है, नहीं उसकी हत्या तो नही हुई ...! 

मुझे शाम को मिली खबर - अधीक्षक 

अस्पताल से किसी मरीज के गायब होने पर स्वास्थ्य कर्मी कितना गंभीरता बरतते हैं, इसका अनुमान इस बात से ही लगाया जा सकता है कि इस घटना की सूचना अधीक्षक को शाम को दी गई। यदि कर्मचारियों द्वारा तत्काल पहल किया जाता, पुलिस को सूचना दे सीसी टीवी कैमरे की जांच तुरंत की जाती तो संभवतः प्रसूता को समय रहते ढूंढा जा सकता था, और वह जिंदा होती।  अधीक्षक डॉ आरसी आर्या ने इस संबंध में बताया कि उन्हें इस घटना की जानकारी शाम को मिली। आमतौर पर मरीज के लापता होने पर 7 से 8 घंटे बाद ही पुलिस को सूचना दी जाती है, ऐसा माना जाता है कि यदि किसी कारण वश मरीज गायब हुआ है तो उक्त अवधि में वापस लौट आएगा। उन्होंने बताया कि इस घटना की जानकारी पुलिस को दी गई है। महिला कैसे गायब हुई इसका पता सीसी टीवी फुटेज से लगाने प्रयास किया जा रहा है। 

यह कोई नया मामला नहीं 

मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सुरक्षा के नाम पर  गार्ड की तैनाती और परिसर में पुलिस सहायता केंद्र होने के बाद भी भर्ती मरीजों के लापता होने और दूसरे जगह शव मिलने की घटनाएं पहले भी हो चुकी है। हाल ही में एक मरीज लापता हुआ था, बाद में उसका शव मिला था, उसके बाद हाथ में केनुला लगा हुआ था। नागरिकों का कहना है कि अस्पताल में भर्ती मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए, मगर स्वास्थ्य कर्मियों के द्वारा किसी मरीज के गायब होने के बाद दस्तावेज में लामा लिख कर्तव्य की इति श्री कर ली जाती है। पुलिस को भी सूचना नहीं दिया जाता है, बात में पता चलता है कि गायब मरीज किसी घटना का शिकार हो गया अथवा उसकी संदिग्ध मौत हो गई।

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