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दो दिन के भीतर जंगली हाथियों ने दो ग्रामीणों को कुचल मौत के घाट उतारा... वन विभाग की लापरवाही पड़ रही भारी... बगैर संसाधन जगराजों को खदेड़ने जोखिम उठा रहे ग्रामीण...

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 सूरजपुर।(भूपेंद्र राजवाड़े)। वन विभाग की लापरवाही और सतर्कता नही बरते जाने के कारण प्रतापपुर वन परिक्षेत्र में दो दिन के भीतर एक और ग्रामीणों को जंगली हाथियों ने मौत के घाट उतार दिया। इस बार प्रतापपुर के चांची डांड यादवपारा में ग्रामीण वन अमले के उपस्थिति के बैगर  40 जंगली हाथियों को खदेड़ने का प्रयास कर रहे थे। ग्रामीणों को लगा कि हाथी आगे बढ़ चुके हैं, मगर दो हाथी अभी भी गांव के पास ही मौजूद थे। वापस घर लौटते समय 70 वर्षीय बोधन दास का हाथियों से सामना हो गया और गजराजों ने उसे कुचल मौत के घाट उतार दिया। विदित हो कि दो दिन पूर्व वन विभाग ने शिकारियों द्वारा हाथी की हत्या कर  कई टुकड़े में विभक्त कर दफनाए गए अंगों, कंकाल को बरामद किया था। जिस इसके दूसरे दिन हाथी ने एक ग्रामीण को मार डाला था जबकि तीसरे दिन एक और ग्रामीण को मार डाला। इधर 40 जंगली हाथियों का विशाल समूह लगातार जान और माल को नुकसान पहुंचा रहा है, जिससे ग्रामीणों में भय मिश्रित कौतूहल का वातावरण बना हुआ है। हाथियों द्वारा आए दिन फसल और घरों को क्षति पहुंचा रहे हैं। फसल की तबाही से किसानों की छाती फट रही है।  ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग के द्वारा गज प्रबंधन के प्रति लापरवाही बरती जा रही है। न तो हाथियों की निगरानी हो रही है और न ही ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है। जंगली हाथियों से बचने ग्रामीणों के पास जरूरी संसाधनों की कमी भी बनी हुई है।  ग्रामीणों के पास उच्च क्षमता का टार्च तक नहीं है, जिससे रात के अंधेरे में हाथियों की गांव के भीतर की गतिविधि नजर नहीं आती है, ग्रामीणों को पता चलता है तबतक काफी देर हो चुकी होती है, इन परिस्थितियों में ग्रामीण जान भी गंवा रहे हैं।

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