अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के संभाग मुख्यालय अंबिकापुर में संचालित एक चैन मार्केटिंग कंपनी के द्वारा संभाग के तीन हजार से अधिक बेरोजगारों को डेढ़ दो महीने में करोड़पति बनने का सपना दिखा साढ़े दस करोड़ से अधिक की ठगी किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। ठगी के शिकार युवकों ने द्वारा आज सोमवार 19 फरवरी को पुलिस अधीक्षक सरगुजा विजय अग्रवाल को ज्ञापन सौंपकर उक्त कंपनी से राशि वापस दिलाए जाने और एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग की गई। पुलिस अधीक्षक के द्वारा युवकों को कोतवाली भेज न्याय का भरोसा दिलाया गया। ठगी के शिकार युवक , युवतियों द्वारा पुलिस अधीक्षक और कोतवाली थाना में सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि अंबिकापुर में संचालित वर्चुअल फैशन असित प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा उनसे ठगी की गई। 14000, 35000 से 70000 हजार रूपये लेकर नौकरी का झांसा देकर ज्वाइंनिग कराया गया था। कहा गया था कि हर महीने सैलरी दिया जायेगा और आफिस कार्य लिया जायेगा असके बाद हमसे पैसा ले लिया गया और दो दिन प्रशिक्षण देकर बड़े - बड़े सपने दिखाया गया। एक दो महीना काम कर करोड़पति बन जाओगे, विदेश दूर का मौका मिलेगा, बाईक, कार देने का स्किम भी बताया गया।
अपने नीचे चार - लोगों को जोड़ों बाइक , कार इनाम पाओ
पीड़ित युवक युवतियों ने बताया कि कंपनी के लोगों द्वारा उनसे राशि लेने के बाद बताया गया कि आप लोगो को अपने नीचे 4 लोगो को जोड़ना है और उन 4 लोगो को भी अपने नीचे 4 लोगो को ज्यानिंग कराने पर बुलेट, बाईक, कार का इनाम मिलेगा। जब हम लोग मना किये तो पैसा कंपनी में जमा है एक माह के अंदर वापस हो जायेगा बोला गया, किन्तु एक माह बाद पैसा मांगने पर कंपनी के संचालक विनय जायसवाल, सुनिल जायसवाल के द्वारा पैसा रिटर्न का टाईम खत्म हो गया बोलकर पैसा वापस नहीं किया गया ।
राशि वापस नहीं मिलने पर कंपनी दोबारा करना पड़ा ज्वाइन
पीड़ित युवकों ने बताया कि राशि वापस मांगने पर उन्हें 3-4 माह घुमाया गया, पैसा वापस नहीं मिलने पर मजबुरी में दोबारा कंपनी ज्यानिंग करना पड़ा, उसके बाद लगातार इसके द्वारा हम लोगों को कपड़ा सेल करने को बोला गया। जिस कपड़ा कि मार्केट वैल्यु 200 रू है उसे 34 हजार रूपये में सेल करने कहा गया। ग्राहक नही मिलते थे। नये लड़को को ज्यानिंग कराने के लिए दवाब डालकर उनसे भी 35000 से 70000 हजार रूपये लेकर कंपनी में ज्यानिंग कराया गया। हमारे द्वारा 6- 7 महीना काम करने के बाद भी प्रसेंटेज पैसा नहीं दिया गया। इस तरह लगभग 2 से 3 हजार बेरोजगार लोगो से ठगी की गई।
ठगी के रकम से कंपनी मालिक जेसीबी, घर, जमीन खरीद रहा
पीड़ित युवकों ने ज्ञापन में लिखा है कि ठगी के रकम से कंपनी का मालिक अपने लिए अलग शो रूम और जेसीबी मशीन, घर जमीन खरीदा जा रहा है। कंपनी में काम कैश पैसा लेकर किया जाता है और पैसा का हेर - फेर द्वारा किया गया है। नवापारा स्थित कंपनी के आफिस में सभी लोगो के द्वारा कैश जमा कराया गया । कंपनी मालिक के द्वारा आफ लाईन कंपनी चला रहा है जो पुर्णतः अवैध है।
एक सप्ताह के भीतर ऑफिस बदला
पीड़ित युवकों ने बताया कि हमारे द्वारा काम का पैसा मांगने पर धमकी देकर कंपनी से निकाल दिया गया है, जिस जगह कम काम करते थे वहां एक सप्ताह से कंपनी बंद कर दुसरे जगह स्मार्ट पाईंट मनेन्द्रगढ़ रोड पर चालु कर लिया गया है।




