अंबिकापुर। संभाग मुख्यालय अंबिकापुर के अंबिका स्टील के संचालक युवा व्यवसाई अक्षत अग्रवाल की गोली मारकर की गई हत्या के मामले में पुलिस की जांच अभी तक आरोपी संजीव मंडल के बयान के इर्द गिर्द ही घूम रही है। आरोपी संजीव मंडल ने पुलिस को दिए बयान में यह दावा किया है कि अक्षत अग्रवाल ने उसे अपनी हत्या करवाने के लिए 50 हजार रुपए की सुपारी दी थी मगर आरोपी का यह दावा पीड़ित परिवार, पुलिस के साथ आम जनता को नहीं पच रहा है। अभी भी इन सवालों का जवाब पुलिस नहीं ढूंढ पाई है कि यदि अक्षत ने खुद की हत्या कराई तो इसकी वजह आखिर क्या थी। कोई भी व्यक्ति यदि मरना चाहेगा तो सुसाइड के और भी तरीके हैं, मगर कोई सुपारी देकर अपनी हत्या क्यों करवाएगा ?, आरोपी की पृष्ठभूमि अपराधी की है , उसके खिलाफ लगभग आधा दर्जन मामले दर्ज हैं, ऐसी स्थिति में इस बात की भी संभावना बढ़ गई है कि कहीं यह वारदात किसी खास मकसद से योजना बद्ध तरीके से तो नहीं कराई गई। इन सब सवालों का जवाब ढूंढने के लिए पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल के द्वारा डीएसपी शुभम तिवारी और सीएसपी रोहित शाह के नेतृत्व में दो टीम का गठन किया गया है। पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल के द्वारा घटना के तीसरे दिन आज 23 अगस्त को प्रेस वार्ता आयोजित कर आरोपी के दावों का खुलासा करते हुए बरामद पिस्टल, कारतूस, रकम, सोने के चेन, अंगूठी, ब्रेसलेट के संबंध में जानकारी दी गई। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि
मृतक द्वारा आरोपी को 50 हजार रुपये नगद, सोने का चेन एवं ब्रेसलेट देकर अपनी हत्या कराई गई थी। आरोपी के विरुद्ध पूर्व में भी कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। पुलिस टीम द्वारा आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त
01 नग हौंडा साइन मोटरसायकल, 48000/- नगद एवं 01 नग मोबाइल, मृतक का 02 नग सोने का चैन, मृतक का 01 नग ब्रेसलेट, मृतक का 02 नग अंगूठी बरामद किया गया है। इसके अलावा आरोपी के निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त 3 नग लोहे का देशी पिस्टल, 32 नग जिंदा राउंड, 3 नग खोखा, 2 नग लोहे का मेग्जीन बरामद किया गया है।
20 अगस्त की शाम हुआ था लापता
पटपरिया गांधीनगर निवासी व्यवसाय महेश कुमार केडिया
20/08/24 को पुत्र अक्षत अग्रवाल के लापता होने पर
गुम इंसान का रिपोर्ट दर्ज कराया गया था। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनका पुत्र अक्षत अग्रवाल घटना दिनांक 20/08/24 को शाम 6 बजे अपने घर से सफेद रंग की एस्टर कार क्रमांक सीजी/10/बी एस/4184 से बिना कुछ बताये निकला है और वापस घर नही आया है। अक्षत अग्रवाल अपने साथ मोबाइल रखा है जो बंद बता रहा है। इस रिपोर्ट पर गुम इंसान कायम कर गुमशुदा का लगातार पता तलाश किया जा रहा था।
आरोपी ने बताया कहां है शव
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पुलिस टीम द्वारा दौरान पता तलाश गुमशुदा अक्षत अग्रवाल के उपयोग किये जा रहे मोबाइल नम्बरो के सम्बन्ध में तकनीकी जानकारी प्राप्त कर गुमशुदा के सम्पर्क में रहे संदिग्ध युवक संजीव मण्डल उर्फ भानू को उसके घर से घेराबंदी कर पकड़कर गुमशुदा अक्षत अग्रवाल के सम्बन्ध में पुछताछ करने पर बताया कि आरोपी 20/08/24 करें शाम 6:30 बजे लगभग गुमशुदा अक्षत अग्रवाल के साथ उसके हुण्डई एक्सटर में बैठ कर ग्राम मेण्ड्रा के पहाड घुटरी जंगल में जाकर अक्षत अग्रवाल के सीने में पिस्टल से 3 गोली मारकर हत्या कर शव को हुण्डई एक्सटर कार में छोड़कर वापस आ जाना बताया। इस सूचना पर त्वरित कार्यवाही करते हुए पुलिस टीम द्वारा आरोपी के निशानदेही पर घटनास्थल पर पहुंचकर हुण्डई एक्सटर कार क्रमांक सी जी/10/ बी एस/4184 के ड्रायविंग सीट पर गुमशुदा अक्षत अग्रवाल का रक्त रंजीत शव पड़ा हुआ था, मामले में मर्ग क्रमांक 83/24 धारा 194 बी.एन.एस.एस. कायम कर जांच में लिया गया।
और सो गया चैन से
एसपी ने बताया कि पुलिस टीम द्वारा मामले के संदेही संजीव मण्डल उर्फ भानु को पकड़कर पूछताछ करने पर आरोपी द्वारा अपना नाम संजीव मण्डल उर्फ भानु उम्र 29 वर्ष निवासी भगवानपुर रोहित इलेक्ट्रॉनिक्स के बगल में थाना गांधीनगर का होना बताया। आरोपी ने बताया कि गुमशुदा अक्षत अग्रवाल द्वारा आरोपी को 50000/- नगद रूपये एवं सोने के जेवर देकर अपनी हत्या करने कहा था। जिस पर आरोपी द्वारा उसकी हत्या किया गया,। घटना के बाद पश्चात मृतक अक्षत अग्रवाल के गले में पहना चैन व हाथ में पहने दो अगुठी को निकाला और पिस्टल वाले थैले को लेकर अपने मोटरसायकल से इंजीनियरिंग कॉलेज के पास गया जहां झाड़ी में तीनो पिस्टल व गोली को झोला सहित फेंक दिया उसके बाद नगद रकम व सोने के जेवर को अपने घर के दराज में रखने के बाद आरोपी सो गया था। आरोपी के विरुद्ध सबूत पाये जाने से न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।
यह टीम कर रही पड़ताल
कार्यवाही में थाना प्रभारी गांधीनगर निरीक्षक प्रदीप जायसवाल, साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक मोरध्वज देशमुख, प्रभारी साइबर रेंज थाना निरीक्षक कलीम खान, स्पेशल टीम प्रभारी सहायक उप निरीक्षक विवेक पाण्डेय, सहायक उप निरीक्षक विनय सिंह, प्रधान आरक्षक सुधीर सिंह, प्रधान आरक्षक गणेश कदम, आरक्षक अनुज जायसवाल, सुयश पैकरा, विकाश मिश्रा, रमेश राजवाड़े, सत्येंद्र दुबे, संजीव चौबे, विकास सिंह, अमित विश्वकर्मा, अरविन्द उपाध्याय, ऋषभ सिंह, उमाशंकर साहू, घनश्याम देवांगन, पंकज लकड़ा, संजय राजवाड़े, आरक्षक साइबर रेंज थाना विवेक किंडो पड़ताल कर रहे हैं।




