88 करोड़ रुपए से अधिक का कमीशन वसूलने के आरोप में छग में 22 आबकारी अधिकारी निलंबित..!. शराब घोटाले में शासन की अबतक की सबसे बड़ी कार्रवाई

88 करोड़ रुपए से अधिक का कमीशन वसूलने के आरोप में छग में 22 आबकारी अधिकारी निलंबित..!. शराब घोटाले में शासन की अबतक की सबसे बड़ी कार्रवाई

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रायपुर।। खबरी गुल्लक।। 

शराब घोटाले के मामले में आबकारी विभाग के 22 अधिकारियों को 88 करोड़ से अधिक का कमीशन वसूलने के आरोप में शासन के द्वारा निलंबित करने की कार्रवाई की गई है। निलंबन की कार्रवाई के बाद अब इन अधिकारियों के समक्ष गिरफ्तारी का भय भी सताने लगा है। निलंबित अधिकारियों में उपायुक्त आबकारी 1. अनिमेष नेताम,2. अरविंद कुमार पाटले, 3. नीतू नोतानी,  4. नोहर सिंह ठाकुर, 5. विजय सेन शर्मा, सहायक आयुक्त आबकारी 6. प्रमोद कुमार नेताम, 7. विकास कुमार गोस्वामी, 8. नवीन प्रताप सिंह तोमर, 9. राजेश जायसवाल, 10. मंजूश्री कसेर, 11. दिनकर वासनिक, 12. आशीष वासनिक,  13. सौरभ बख्शी, 14. प्रकाश पाल, 15. रामकृष्ण मिश्रा,  16. अलेख राम सिदार,  17. सोनल नेताम, जिला आबकारी अधिकारी -18. मोहित कुमार जायसवाल, 19. गरीबपाल सिंह ददर्दी, 20. इकबाल अहमद खान,  21. जर्नादन सिंह कौरव,  22. नितिन कुमार खंडूजा शामिल हैं। शराब घोटाला के मामले में सरकार की यह अबतक की सबसे बड़ी कार्रवाई है।  ईओडब्ल्यू  एसीबी के द्वारा कोर्ट में चालान पेश किया गया है। घोटाले में शामिल 29 में से 22 अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है।  आबकारी विभाग के विशेष सचिव देवेंद्र सिंह भारद्वाज के हस्ताक्षर से यह आदेश जारी किया गया है। निलंबित अधिकारियों में सात अफसर  सेवानिवृत्त हो चुके हैं जिनमें  एके सिंह, जेआर मंडावी, जीएस नरूटी, देवलाल वैद्य, एके अनंत, वेदराम लहरे और एलएल ध्रुव सेवानिवृत्त हो गए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायगढ़ में मीडिया से  कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के पांच सालों में अनेक घोटाले हुए हैं। जिसकी जांच केंद्रीय और राज्य की एजेंसी कर रही है, आरोपी एक-एक कर जेल जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार में एक बड़ा शराब घोटाला हुआ था, जिसमें संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है, भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

इन धाराओं के तहत हुआ fir 

शराब घोटाले में अपराध क्रमांक 04/2024, छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग के अधिकारियों (लोक सेवक) के विरुद्ध विवेचना में धारा-7, 12 एवं 13 (घ), 1,2,3 तथा 13 (2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (यथा संशोधित) तथा धारा 420, 467, 468, 471, 120बी भादवि के तहत अपराध दर्ज किया गया है। 

अभी तक यह हुए गिरफ्तार

पूर्व मंत्री कवासी लखमा, अनिल टूटेजा, अनवर ढेबर, अरूणपति त्रिपाठी, विजय भाटिया समेत 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 


पूरक चालान पेश किया था। पूरक चालान में आबकारी अफसरों के खिलाफ 138 पेज की समरी, 2100 पेज के मूल दस्तावेज और इसमें 227 गवाहों के नाम शामिल हैं। शेष पेज 6 पर


इन अफसरों पर गिरी निलंबन की गाज



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