मैनपाट। खबरी गुल्लक।। (महेश यादव)।।
छत्तीसगढ़ के शिमला मैनपाट में जंगली हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बार हाथियों ने ग्राम बरडांड़ से लगे भोषडी और बोदर में वनवासियों का आशियाना उजाड़ झोपडी में रखे अनाजों को निवाला बना तबाह कर दिया। घटगांव और बरडांड़ में तीन हिस्से में बंटे हाथियों के दल ने तीन घर ढ़हाया। बारिश के मौसम में बेघरबार हुए इन ग्रामीण परिवारों को वन विभाग द्वारा सुरक्षित स्थान पर ठहराने की व्यवस्था की जा रही है। क्षति का आंकलन भी किया जा रहा है। खबरी गुल्लक के संवाददाता महेश यादव ने ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हुए बताया कि वन विभाग द्वारा गज विचरण क्षेत्र से लगे बस्ती के ग्रामीणों को आंगनबाड़ी भवन, स्कूल भवन और गांव के अन्य पक्के मकानों में ठहराया गया था। वन अधिकारियों के मुताबिक मैनपाट में दस हाथियों का दल विचरण कर रहा है, जिसमें दो हाथी बरडांड़ से लगे ग्राम भोषडी और बोदर में सुदन कोरवा और सैनाथ कोरवा तथा घटगांव पहुंचे एक हाथी ने सुनील उरांव का घर ढहा दिया। सात हाथियों का दल नदाईनडांड़ के बांस प्लांटेशन में पूरी रात विचरण करता रहा। अभी भी हाथियों का दल नदाईनडांड़ जंगल के समीप डेरा जमाए हुए है। ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीण रतजगा करने मजबूर हो रहे हैं।




