टाइफून 'WIPHA' के अवशेष बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़े, नया सिस्टम देगा जोरदार बारिश

टाइफून 'WIPHA' के अवशेष बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़े, नया सिस्टम देगा जोरदार बारिश

khabrigullak.com
By -
0


अंबिकापुर।। खबरी गुल्लक।।
पश्चिमी प्रशांत महासागर में उठे शक्तिशाली टाइफून 'WHIFA' ने बीते रविवार को हांगकांग और चीन के पूर्वी तट को जबरदस्त रूप से प्रभावित किया। पहले से जारी चेतावनी के अनुसार यह गंभीर चक्रवात उत्तरी वियतनाम में भारी तबाही मचाने के बाद कमजोर पड़ा और पश्चिम की ओर बढ़ गया है।म्यांमार-थाईलैंड सीमा पर बना निम्न दबाव क्षेत्र
यह सिस्टम लाओस पार करके थाईलैंड और म्यांमार की सीमा पर एक "अच्छी तरह से चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र" के रूप में स्थित हो गया है। अब यह अवशेष पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए कल (24 जुलाई) उत्तरी बंगाल की खाड़ी में प्रवेश करेगा। इसके प्रभाव से बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है, जो धीरे-धीरे और मजबूत होकर तट पार करेगा। निम्न दबाव क्षेत्र के 25 जुलाई को एक डिप्रेशन (अवदाब) में बदलने की संभावना है, जो उत्तर ओडिशा और गंगा-पश्चिम बंगाल के समुद्री हिस्से पर अधिक केंद्रित रहेगा। 
सरगुजा के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अक्षय मोहन भट्ट ने बताया कि सिस्टम का मुख्य केंद्र अभी समुद्र पर रहेगा, लेकिन इससे काफी आगे अंदरूनी हिस्सों में मौसम गतिविधियाँ 24 जुलाई से ही शुरू हो जाएंगी। 25 जुलाई को इनकी तीव्रता व क्षेत्रफल में बढ़ेगा।

26 जुलाई से मानसून ट्रफ से टकराव, प्रभाव में होगा विस्तार 26 जुलाई से यह सिस्टम सरगुजा के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अक्षय मोहन भट्ट ने बताया कि मानसून ट्रफ (मानसून की अक्षीय रेखा) के संपर्क में आने लगेगा, जिससे इसके प्रभाव का दायरा और गंभीरता दोनों बढ़ेंगे। इससे पूर्व और उत्तर भारत में भारी बारिश देखने को मिल सकती है। यह तेज वर्षा प्रणाली ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और उत्तर भारतीय मैदानी क्षेत्रों को प्रभावित करेगी। हालांकि इसका असर एक ही समय पर नहीं बल्कि क्रमिक रूप से (staggered manner) देखने को मिलेगा। यानी, बारिश एक साथ सभी राज्यों में नहीं होगी, एक-एक करके राज्यों में असर दिखेगा।

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)