तातापानी में युवाओं का कमाल: आर्मी के सेवानिवृत्त जवान दिलीप रोहित के नेतृत्व में श्रमदान से चमका मकरसंक्रांति मेला स्थल, प्रशासन की लापरवाही पर उठाया सवाल

तातापानी में युवाओं का कमाल: आर्मी के सेवानिवृत्त जवान दिलीप रोहित के नेतृत्व में श्रमदान से चमका मकरसंक्रांति मेला स्थल, प्रशासन की लापरवाही पर उठाया सवाल

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अंबिकापुर/ बलरामपुर।। खबरी गुल्लक।।

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के तातापानी ग्रामपंचायत में धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र गर्मजल स्रोत परिसर मकरसंक्रांति मेले के बाद कचरे के ढेर में तब्दील हो गया। तीन दिवसीय मेले के आयोजन के बाद जिला प्रशासन ने इस पवित्र स्थल की सफाई की जिम्मेदारी न निभाते हुए स्थानीय लोगों को निराश कर दिया। मंदिर परिसर से लेकर समूचे गर्मजल स्रोत क्षेत्र और आसपास के मार्गों तक चारों ओर प्लास्टिक, पॉलीथीन, खाने-पीने का सामान और अन्य कचरा बिखरा पड़ा था। आस्था के इस केंद्र की ऐसी दुर्दशा देखकर स्थानीय युवाओं का खून खौल उठा। उन्होंने प्रशासन को जगाने के लिए बलरामपुर कलेक्टर और अनुविभागीय अधिकारियों को तीन बार ज्ञापन सौंपा, लेकिन अफसरों के कानों में जूं तक नहीं रेंगी। न कोई सफाई टीम पहुंची, न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई।

ऐसी प्रशासनिक उपेक्षा और लापरवाही ने तातापानी के युवाओं को आत्मनिर्भर बनने को प्रेरित किया। आर्मी के सेवानिवृत्त जवान दिलीप कुमार रोहित और जनपद पंचायत बलरामपुर के सदस्य अमृत खलखो ने युवाओं को एकजुट कर नेतृत्व संभाला। रविवार को सुबह से ही उन्होंने हाथों में झाड़ू थामकर श्रमदान सफाई अभियान की शुरुआत की। दिलीप रोहित के नेतृत्व में करीब 20 - 25 युवाओं ने करीब पांच घंटे अथक परिश्रम किया। साढ़े चार एकड़ क्षेत्र में फैली गंदगी को साफ करते हुए उन्होंने प्लास्टिक कचरा, पत्ते, मलबा सब कुछ इकट्ठा किया। दिलीप जी ने खुद अपना ट्रेक्टर उपलब्ध कराया, जिससे कचरे को आबादी वाले क्षेत्र से दूर ले जाकर डंप किया गया और अंत में आग लगाकर निपटारा किया। अभियान के दौरान युवाओं ने नारे लगाए। साफ- सुथरा तातापानी, हमारा अभिमान..  उनका जोश देखने लायक था।


दिलीप कुमार रोहित ने खबरी गुल्लक से बातचीत में कहा कि प्रशासन की जिम्मेदारी है कि धार्मिक आयोजनों के बाद सफाई सुनिश्चित करे। हमने तीन ज्ञापन दिए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसलिए युवाओं ने खुद कमर कसी। यह हमारा धार्मिक स्थल है, इसे गंदा नहीं देख सकते। अगले रविवार को भी सफाई अभियान जारी रखेंगे। सभी युवाओं से अपील है कि इसमें शामिल हों। उनके इस नेतृत्व और समर्पण की तारीफ सराहनीय है। आर्मी की ट्रेनिंग से निकला यह जवान न केवल शारीरिक रूप से मजबूत है, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का भी प्रतीक बन गया। युवाओं ने दिखा दिया कि जब प्रशासन सोता है, तो समाज खुद जाग जाता है। स्थानीय नागरिकों ने इस पहल की जमकर सराहना की। नंदकिशोर  ने कहा कि दिलीप भैया,बीडीसी अमृत खलखो और युवाओं का धन्यवाद। प्रशासन को शर्म आनी चाहिए। वहीं नागरिक अजय गुप्ता  बोले यह सच्ची सेवा है। युवा हमारा भविष्य हैं। पर्यावरण प्रेमी सुनेश्वर लकड़ा  ने चेतावनी दी  प्रशासनिक लापरवाही से पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। गर्मजल स्रोत जैसा प्राकृतिक धरोहर बचाना जरूरी।

यह घटना प्रशासन के लिए आईना है। मकरसंक्रांति जैसे बड़े आयोजन पर लाखों श्रद्धालु आते हैं, लेकिन सफाई की व्यवस्था न करना आपराधिक लापरवाही है। जिला प्रशासन को तत्काल सफाई टीम भेजनी चाहिए और भविष्य में ऐसी गलती न दोहराए। ग्रामीणों ने कहा कि युवाओं का यह श्रमदान न केवल तातापानी को साफ किया, बल्कि पूरे क्षेत्र में स्वच्छता की मिसाल कायम की। दिलीप रोहित जैसे योद्धा और युवाओं को सलाम।  इस सफाई अभियान में दिलीप कुमार रोहित के साथ सुनेश्वर लकड़ा, विनोद एक्का,मनोज तिर्की,राजेश कुमार, अमृत खलखो, अनूप नागवंशी,  संदीप बखला,उमेश तिर्की, दिनेश,आयुष, अमोल तिर्की,अजय केरकेट्टा, अमित टोप्पो सहित अन्य युवा सक्रिय रहे।


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