Child marriage: FIR registered against 11 people in two cases बाल विवाह: दो प्रकरणों में 11 लोगों पर दर्ज हुआ एफआईआर

Child marriage: FIR registered against 11 people in two cases बाल विवाह: दो प्रकरणों में 11 लोगों पर दर्ज हुआ एफआईआर

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सूरजपुर।खबरी गुल्लक।। 20 मई 2026

  बाल विवाह मुक्त सूरजपुर‘ के संकल्प को साकार करने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा सतत् एवं कठोर कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में जिला बाल संरक्षण इकाई, महिला एवं बाल विकास विभाग की जांच के आधार पर दो पृथक-पृथक प्रकरणों में कुल 11 लोगों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया है। यह कार्यवाही उन परिजनों एवं संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध की गई है जिन्होंने संवैधानिक प्रावधानों एवं विधिक नियमों की अवहेलना करते हुए चोरी-छिपे नाबालिग बालिकाओं का विवाह सम्पन्न कराया।

जांच प्रतिवेदन के आधार पर हुई कार्यवाही

जिला बाल संरक्षण अधिकारी  मनोज जायसवाल द्वारा दोनों प्रकरणों का विस्तृत जांच प्रतिवेदन जिला कार्यक्रम अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जांच के दौरान दोनों स्थानों पर बाल विवाह सम्पन्न होने की पुष्टि हुई। प्रतिवेदन में बालिकाओं के शैक्षणिक दस्तावेज प्रस्तुत किए गए, जिनसे यह स्पष्ट रूप से प्रमाणित हुआ कि दोनों बालिकाएं नाबालिग हैं। साथ ही विवाह का आमंत्रण पत्र, विवाह सम्पन्न होने का पंचनामा एवं कथन भी अभिलेख में सम्मिलित किए गए। प्रतिवेदन के आधार पर जिला कार्यक्रम अधिकारी ने तत्काल अपराध पंजीबद्ध करने के निर्देश बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी सह परियोजना अधिकारी को प्रदान किए।

प्रथम प्रकरण - थाना प्रेमनगर में 9 लोगों पर अपराध दर्ज:

प्रथम प्रकरण में थाना प्रेमनगर द्वारा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की धारा 9, 10 एवं 11 के तहत लड़का, लड़के के पिता, लड़की के पिता सहित कुल 9 लोगों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया है। यह कार्यवाही प्रभारी परियोजना अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर सम्पन्न हुई।

द्वितीय प्रकरण - चौकी चेन्द्रा (थाना झिलमिली) में दो लोगों पर कार्यवाही:

द्वितीय प्रकरण में चौकी चेन्द्रा, थाना झिलमिली द्वारा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की धारा 9, 10 एवं 11 के तहत लड़का एवं लड़के के पिता के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया है। यह कार्यवाही श्री नितेन बेहरा, परियोजना अधिकारी भैयाथान द्वारा कराई गई है।

जिला प्रशासन की अपील - बाल विवाह की सूचना तत्काल दें:

जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि बाल विवाह सामाजिक कुरीति होने के साथ-साथ एक गंभीर दंडनीय अपराध है। यह नाबालिग बालक-बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा एवं संवैधानिक अधिकारों का हनन है। बाल विवाह में सम्मिलित होने वाले समस्त व्यक्ति - विवाह कराने वाले माता-पिता, पुरोहित, बाराती एवं अन्य सहयोगी - विधिक रूप से दोषी माने जाते हैं तथा उन पर बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत 02 वर्ष तक का कठोर कारावास एवं 01 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।  जिला प्रशासन ने नागरिकों से आग्रह किया है कि क्षेत्र में कहीं भी बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर इसकी जानकारी तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, महिला हेल्पलाइन 181, जिला बाल संरक्षण इकाई अथवा निकटतम थाना/महिला एवं बाल विकास कार्यालय में दें। सूचनादाता की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। जिला प्रशासन सूरजपुर ‘बाल विवाह मुक्त सूरजपुर‘ के संकल्प को साकार करने हेतु प्रतिबद्ध है तथा भविष्य में भी ऐसी कुरीतियों के विरुद्ध त्वरित एवं कठोर कार्यवाही जारी रहेगी।

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