अंबिकापुर।।खबरी गुल्लक।।
बारह वर्ष पहले हुए सड़क हादसे से गंभीर रूप से घायल वाड्रफनगर- रामानुजगंज मार्ग के ग्रामीण बुधई अगरिया को 2024 में पंचम मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने आरक्षक मानसाय सरूता और अजय तिर्की से एक लाख 45,158 रुपए मुआवजा और वार्षिक 9% ब्याज देने का आदेश दिया था। अब अधिकरण की न्यायाधीश सुश्री स्मिता रत्नावत ने यह आदेश लागू कराने के लिए कड़ी कार्रवाई करते हुए बलरामपुर-रामानुजंज एसपी को निर्देश दिया है कि दोनों आरक्षकों के वेतन से प्रतिमाह कटौती कर ब्याज समेत कुल बढ़ी हुई राशि अब दो लाख 64,223 रुपए का चेक न्यायालय को भेजा जाए। कटौती की राशि प्रतिमाह 16,514 रुपए तय की गई है और इसे दिसंबर 2026 तक चेक के जरिए अधिकरण को प्रेषित किया जाना है।
न्यायालयीन सूत्रों के अनुसार 21 अप्रैल 2014 को गड़गोड़ी निवासी बुधई अगरिया शाम करीब छह बजे साइकिल से घर लौट रहे थे, तभी वाड्रफनगर- रामानुजगंज मार्ग में बाइक सवार दो पुलिस कर्मी मानसाय सरूता व अजय तिर्की ने उन्हें ठोकर मार दी, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए और अम्बिकापुर के चिकित्सालय में इलाज कराए गए।
यह है प्रथम आदेश : 2024 में न्यायाधीश सुमित कपूर की अदालत ने दोनों आरक्षकों को संयुक्त रूप से 1,45,158 रुपए मुआवजे का आदेश दिया और इसे 9% वार्षिक ब्याज के साथ देने को कहा।
पालन नहीं: अदालत का 2024 का आदेश लागू न होने पर मामला पुन: संज्ञान में लाया गया।
नवीन आदेश: पंचम मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण सुश्री स्मिता रत्नावत ने बलरामपुर पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया है कि मानदैस में से प्रतिमाह 16,514 रुपए काट कर दिसंबर 2026 तक न्यायालय को भेजें, ताकि ब्याज सहित कुल 2,64,223 रुपए चेक के माध्यम से अदालत को प्राप्त हो सके।




