अम्बिकापुर।खबरी गुल्लक ।
24 डिसममल भूमि का सौदा कर तीन एकड़ 17 डिसमिल की रजिस्ट्री करा देने का आरोप लगाते हुए वृद्धा ने कलेक्टर अजीत वसंत को ज्ञापन सौंप न्याय की गुहार लगाई है। इस गंभीर मामले में जमीन दलालों और भू माफियाओं ने सिस्टम को चकमा दिया या.. मिली भगत से सौदे से कई गुना अधिक भूमि की रजिस्ट्री का हुआ खेल,यह सवाल न सिर्फ पीड़ित परिवार बल्कि इस घटना से वाकिफ हर शख्स के जेहन में है।
भिट्ठीकला की 68 वर्षीय सावित्री यादव ने आरोप लगाया है कि जमीन के दलालों ने कागजी षड़यंत्र रचकर उनकी 24 डिसमिल जमीन का 72 लाख रुपए में सौदा किया, फर्जी दस्तावेजों के ज़रिए 3.17 एकड़ से अधिक भूमि की रजिस्ट्री करवा ली। सावित्री ने सोमवार को अपने परिवार और ग्रामीणों के साथ सरगुजा कलेक्ट्रेट में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर राहत और जांच की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया है कि पुष्पा अग्रवाल पति अनिल अग्रवाल महोबा बाजार कोटा रोड, रायपुर के नाम पर भूमि का रजिस्ट्री किया गया। शिकायतकर्ता के मुताबिक असल सौदा केवल ग्राम भिट्ठीकला स्थित 24 डिसमिल भूमि के लिए था, जिसकी कीमत प्रति डिसमिल 3,00,000 रुपये तय कर कुल 72 लाख रुपये हुई थी। रजिस्ट्रेशन कागजातों में 3.17 एकड़ खसरा नंबर 782, 783, 790 रकबा क्रमशः 0.680, 0.502, 0.089 हेक्टेयर; कुल 1.271 हेक्टेयर दर्शा दी गई।
किस तरह ज्यादा भूमि की रजिस्ट्री हो गई?
पीड़िता का आरोप है कि सौदे के बाद हल्का पटवारी से 24 डिसमिल की बिक्री हेतु प्रतिवेदन और नक्सा बनवाया गया था, लेकिन बावजूद इसके पंजीयन के समय 24 डिसमिल के बजाय तीन एकड़ 17 डिसमिल का मुख्तारनामा और रजिस्ट्री कर दी गई। जब परिवार और ग्रामीण मुख्तार के पास पूछने के लिए गए तो मुख्तार ने बताया कि उसे भी धोखे में रखा गया।परिवार ने पंजीयन विभाग पर भी लापरवाही व संदिग्धता का आरोप लगाया है। सावित्री यादव ने बताया कि उनकी कुल जमीन की कीमत करीब पांच करोड़ रुपये है और इस धोखाधड़ी से उन्हें भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और रजिस्ट्री निरस्त कराने की मांग की है।
कलेक्टर ने क्या कहा?
कलेक्टर अजीत वसंत ने पीड़ित परिवार को बताया कि रजिस्ट्री रद्द करने का अधिकार सिविल कोर्ट के पास है और वे विधिवत सिविल याचिका दाखिल कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने नामांतरण रद्द कराने के लिए संबंधित कार्यालय में आवेदन करने और आरोपियों के खिलाफ स्थानीय थाना में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी।




