धमतरी। खबरी गुल्लक
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के भोयना ढाबा में हुए तिहरे हत्याकांड के मामले में प्रथम सत्र न्यायाधीश ने रिकॉर्ड एक साल के समय में सुनवाई करते हुए पांच आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। फैसले के दौरान न्यायालय परिसर में मृतक के परिजनों के साथ आमजन बड़ी संख्या में उपिस्थत थे। फैसले के बाद जब दोषियों को लेकर पुलिस की टीम कोर्ट के बाहर निकली तो आक्रोशित भीड़ ने हमले का प्रयास करते हुए चप्पलें भी फेंकी। मुस्तैद पुलिस ने उन्हें सुरक्षा घेरे में लेकर जेल रवाना भेजा। जमा भीड़ द्वारा दोषियों को फांसी की सजा की मांग की जा रही थी।
न्यायालयीन सूत्रों के अनुसार 11 अगस्त 2025 को नगरी रोड में भोयना स्थित अन्नपूर्णा ढाबा में यह वारदात हुई थी । रायपुर निवासी सुरेश तांडी 34 वर्ष, संतोषी नगर निवासी नितिन तांडी 32 वर्ष, आलोक ढोकुर 28 वर्ष अपने दो अन्य दोस्त के साथ धमतरी आए थे। वे अन्नपूर्णा ढाबा में खाना खाने गए। इस दौरान ढाबा में हल्ला करने से मना करने की बात को लेकर उनका स्थानीय युवकों से विवाद हो गया। थोड़ी ही देर में यह विवाद खूनी खेल में बदल गया। आरोपी गौतम दीवान, गोपी दीवान, कुलेश्वर नेताम, रणवीर साहू, कमलेश ध्रुव ने तीन नाबालिग के साथ मिलकर रायपुर के युवकों पर खंजर व लाठी डंडे से हमला कर दिया। हमले में सुरेश, नितिन व आलोक की घटना स्थल पर ही मौत हो गई जबकि रायपुर के दो अन्य युवकों ने भागकर जान बचाई। सूचना पर पुलिस ने रात में ही 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था। अर्जुनी पुलिस ने अपराध कायम करने के बाद चार्जशीट कोर्ट में पेश किया। साक्ष्य और गवाहों के आधार पर विद्वान न्यायाधीश ने पांच आरोपियों गोपी दीवान पिता प्यारी दीवान मथुराडीह समेत कुलेश्वर नेताम पिता चुरामन लाल कोर्रा, रणवीर साहू पिता गोपाल ईरा, कमलेश ध्रुव पिता राजेन्द्र आमापारा तथा गौतम दीवान पिता लक्ष्मण मथुराडीह को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाया है। साथ ही अर्थदंड भी लगाया गया है। वहीं तीन अपचारी है, जिनका केस किशोर न्याय बोर्ड में चल रहा है।




