अंबिकापुर। खबरी गुल्लक।
संभाग मुख्यालय अंबिकापुर के सबसे बड़े पीजी कॉलेज में दीक्षारंभ किया गया। मुख्य अतिथि महाविद्यालय के जनभागीदारी अध्यक्ष और पार्षद मनोज गुप्ता ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि वास्तव में यह एक ऐतिहासिक संस्थान है आप सभी के संस्थान के 66वीं पीढ़ी है। महाविद्यालय की गरिमा का ध्यान रखना हम सभी के साथ-साथ आप सभी का भी बड़ा दायित्व है। उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं का ध्यान रखते हुए महाविद्यालय में बेहतर तकनीकी बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाएगा। आज के कार्यक्रम के अति विशिष्ट अतिथि महाविद्यालय के पूर्व प्रतिभावान छात्र व सीनियर चार्टर्ड अकाउंटेंट हरिशंकर जायसवाल ने छात्रों को अपने जीवन के प्रेरणादाई संस्मरण सुनाए। उन्होंने कहा कि आज का दिन आपके जीवन की एक नई यात्रा का प्रारंभ है। विद्यालय से महाविद्यालय तक का यह परिवर्तन केवल कक्षा बदलने का नहीं, बल्कि सोच, व्यक्तित्व और जीवन-दृष्टि के विस्तार का अवसर है। यहाँ आपको केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि ज्ञान, कौशल, संस्कार और नेतृत्व क्षमता भी प्राप्त करनी है। जीवन में सफलता केवल बुद्धिमत्ता से नहीं, बल्कि अनुशासन, समय पालन, ईमानदारी, परिश्रम और सकारात्मक दृष्टिकोण से मिलती है। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर अनिल सिन्हा ने अतिथियों व नव प्रवेशी छात्रों का अभिनंदन करते हुए कहा कि छात्रों को महाविद्यालय की उत्कृष्ट शैक्षणिक परंपराओं, उच्च शिक्षा के उद्देश्य, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और भविष्य की दिशा से परिचित कराना आवश्यक है। यह संस्थान अनुसंधान, नवाचार और विद्यार्थी-केंद्रित गतिविधियों के लिए जाना जाता है। आप सभी से अपेक्षा है कि नियमित अध्ययन करें, कक्षाओं में उपस्थिति बनाए रखें, पुस्तकालय का अधिकतम उपयोग करें तथा खेल, सांस्कृतिक, एनएसएस, एनसीसी और अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाएँ। महाविद्यालय आपके सपनों को उड़ान देने का मंच है। यहाँ उपलब्ध प्रत्येक अवसर का लाभ उठाइए। मुख्य वक्ता डॉ राजकमल मिश्रा ने नई शिक्षा नीति के अनुरूप महाविद्यालय में संचालित पाठ्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में बीए, बीएससी, बीकॉम बीसीए व एलएलबी के प्रथम सेमेस्टर के छात्रों की उपस्थिति रही। सर्वप्रथम छात्रों को चंदन टीका लगाकर उनका अभिनंदन किया गया तथा मिष्ठान वितरण कर उनके अच्छे जीवन की शुभकामनाएं दी गई। कार्यक्रम में महाविद्यालय स्वशासी प्रकोष्ठ के परीक्षा नियंत्रक डॉ. एमके मौर्य, डॉ. कामिनी, विनीत गुप्ता एस के केरकेट्टा, क्रीड़ा अधिकारी डा मिलेन्द सिंह, एनसीसी अधिकारी पंकज अहिरवार गिरिजा सिंह. एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी राजीव कुमार, दीपिका स्वर्णकार, लाइब्रेरियन चमन कुमार आदि उपस्थित रहे।




