अंबिकापुर ।खबरी गुल्लक ।
थाना दरिमा के ग्राम कुम्हरता घाधी में अक्टूबर 2025 में हुए दोहरे हत्याकांड में अंबिकापुर के द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने निर्णायक फैसला सुनाते हुए मामले के दोनों आरोपी करीमन मझवार 42 वर्ष और जय श्याम 28 वर्ष को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा दी है। न्यायालय ने साथ ही मृतकों के उत्तराधिकारियों के लिए क्षतिपूर्ति देने की भी सिफारिश भी की है।
घटना 22-23 अक्टूबर 2025 की दरमियानी रात हुई थी। 23 अक्टूबर सुबह परिजनों की सूचना पर थाना दरिमा पुलिस मौके पर पहुंची और घर के आँगन में पति पत्नी रीमा लकड़ा व जुली लकड़ा उर्फ उर्मिला के गंभीर रूप से क्षत-विक्षत शव पाए गए। प्रारम्भिक जांच में स्पष्ट हुआ कि दोनों की हत्या की गई थी और घर से कुछ बकरियां गायब थीं, जिससे घटना की संवेदनशीलता और भी बढ़ गई।
घटना की गम्भीरता को देखते हुए डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे और थाना दरिमा पुलिस को साक्ष्य-संग्रह में गहनता के साथ काम करने के निर्देश दिए। निरीक्षक राजेश खलखो के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर पायी गई खून लगे कपड़े, मिट्टी के नमूने और पोस्टमार्टम के दौरान संरक्षित अन्य साक्ष्यों को विधिवत जब्त कर एफएसएल प्रयोगशाला में परीक्षण हेतु भेजा।
जांच के दौरान आरोपी करीमन मझवार व जय श्याम को पकड़कर पूछताछ किया गया। आरोपियों के कथन के आधार पर घटना में प्रयुक्त टाँगी बरामद की गई। साथ ही आरोपियों के द्वारा पहनें गए शर्ट जब्त किए गए जिन पर खून के धब्बे पाए गए। घटनास्थल से बरामद और जब्त किए गए भौतिक साक्ष्यों का क्यूरी परीक्षण व अन्य वैज्ञानिक जाँच करायी गई, जो अभियोजन के दावे को मजबूत करने वाला साबित हुई।
विवेचना पूर्ण होने पर पुलिस ने 14 दिसंबर 2025 को न्यायालय में अभियोग-पत्र प्रस्तुत किया। आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की उपयुक्त धाराओं के तहत मामला चलाया गया। अभियोजन पक्ष ने मुकदमे में 16 गवाहों के बयान और 46 आर्टिकल साक्ष्यों के आधार पर पुख्ता दलीलें पेश कीं, जिन पर न्यायालय ने निर्णायक रूप से विचार कर आरोपियों को दोषी माना।
द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अंबिकापुर के अदालत ने दोनों आरोपियों को हत्या के अपराध में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह भी कहा गया कि मृतकों की क्षति अपूरणीय है और उनके उत्तराधिकारियों को समुचित प्रतिकार सुनिश्चित करने की अनुशंसा की गयी है।
पुलिस प्रशंसा और पारितोषिक की घोषणा
डीआईजी व एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल ने न्यायालय के निर्णय को महत्वपूर्ण बताया और मामले के विवेचक थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश खलखो की उच्च व्यावसायिक दक्षता व उत्कृष्ट विवेचना की प्रशंसा की। पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक झा ने प्रकरण के विवेचना अधिकारी व टीम के सदस्यों के उत्साहवर्धन हेतु उचित पारितोषिक प्रदान करने की घोषणा की है। डीआईजी-सह-एसएसपी ने भी विवेचक टीम को प्रशंसा पत्र व पुरस्कार की सिफारिश कर दी है।




