अंबिकापुर ।खबरी गुल्लक
अखिल भारतीय अग्रवाल महिला सम्मेलन, सरगुजा इकाई की सदस्याओं ने मॉडर्न कॉन्वेंट स्कूल में व्यापक वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन कर पर्यावरण संरक्षण और प्राणी कल्याण के संदेश को जन-जन तक पहुँचाया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पेड़-पौधों के महत्व के प्रति बच्चों में जागरूकता बढ़ाना और प्रकृति के प्रति सम्मान जगाना था।
कार्यक्रम में संस्था की बहनों ने आम, अमरूद, जामुन, नीम, पीपल तथा बरगद सहित कई फलदार और छायादार पौधे रोपे। पौधारोपण के दौरान सदस्यों और विद्यार्थियों के बीच उत्साह व हर्ष का माहौल बना। वृक्षारोपण के बाद बच्चों ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। इस अवसर पर अगस्त माह में जन्मदिन मनाने वाले छात्रों व शिक्षकों के लिए केक काटा गया तथा सभी बच्चों में चॉकलेट व बिस्किट का वितरण किया गया। बच्चों ने संगठन की पहल की सराहना की और वादा किया कि वे इन पौधों की देखभाल में सक्रिय भूमिका निभाएँगे।
कार्यक्रम का संचालन और सफलता सुनिश्चित करने में संगठन के पदाधिकारियों और स्कूल प्रशासन ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष रंजू अग्रवाल जी, छत्तीसगढ़ प्रदेश उपाध्यक्ष नीलिमा गोयल जी, सरगुजा जिला अध्यक्ष लक्ष्मी अग्रवाल जी, महामंत्री अंजू गर्ग जी, कोषाध्यक्ष सेनू गोयल जी, उपाध्यक्ष रेणु अग्रवाल जी उपस्थित रहीं। मॉडर्न पब्लिक कॉन्वेंट की प्राचार्य श्वेता सिन्हा जी, समस्त शिक्षण स्टाफ तथा विद्यार्थी भी कार्यक्रम में शामिल रहे और अपना बहुमूल्य समय देकर इसे सफल बनाया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि पेड़-पौधे न केवल वायु को शुद्ध करते हैं बल्कि जैव विविधता की रक्षा, मिट्टी का संरक्षण और जल संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने उपस्थित बच्चों और अभिभावकों से आग्रह किया कि रोपित पौधों की नियमित निगरानी और जल प्रदान करने की जिम्मेदारी ली जाए, ताकि ये पेड़ दीर्घकालिक रूप से पल्लवित हों और आने वाली पीढ़ियों के लिए सम्पदा बनें।
अखिल भारतीय अग्रवाल महिला सम्मेलन, सरगुजा इकाई की अध्यक्ष लक्ष्मी अग्रवाल ने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक चिन्हित दिन का कार्य नहीं, बल्कि जीवन पर्यन्त निभाई जाने वाली सामाजिक जिम्मेदारी है। हम चाहते हैं कि बच्चे प्रकृति के रखवाले बनें और हर वर्ष अधिक से अधिक पौधे लगाए जाएँ।महामंत्री अंजू गर्ग ने बताया कि आगे भी ऐसी गतिविधियाँ लगातार आयोजित की जाएँगी और स्थानीय समुदाय को सहभागी बनाकर पर्यावरणीय परियोजनाओं को मजबूत किया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में सभी सदस्यों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने मिलकर समर्पण का संकल्प लिया और समूह फोटो के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।





