सीतापुर। खबरी गुल्लक। महेश यादव।
स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीतापुर में ब्लॉक स्तरीय ग्राम बैगा और सरपंचों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। आदिवासी अंचल की प्राचीन बैगा पूजा संस्कृति को बचाने और उसका संरक्षण करने का संकल्प लेते हुए कहा गया कि इस ओर ध्यान नहीं देने से हमारी परम्परा समय के साथ धीरे-धीरे कम होती जा रही है,जो चिंता का विषय है।
बैठक की शुरुआत पूरी तरह से पारंपरिक और सांस्कृतिक माहौल में हुई। अतिथियों और उपस्थित लोगों ने बैगा पूजा पद्धति के अनुसार धूप, धवन और दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया, जिससे पूरा परिसर आदिवासी संस्कृति के रंग में रंग गया। विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा कि बैगा समाज की पूजा पद्धति और संस्कृति हमारे आदिवासी अंचल की असली पहचान है। आधुनिकता के दौर में इस अनूठी संस्कृति के लुप्त होने की आशंका को देखते हुए इसे संरक्षित करना बेहद जरूरी है। विधायक ने उपस्थित बैगाओं एवं सरपंचों से आग्रह किया कि चोरकी पानी धाम में बन रहे बाबा भोलेनाथ जी के भव्य मंदिर निर्माण में सीतापुर विधानसभा की सभी पंचायतों से एक-एक मुट्ठी मिट्टी मंदिर के गर्भगृह में डाली जाए, ताकि मंदिर की तेजस्वी शक्ति और तेज हो सके तथा समस्त पंचायतों की इसमें सुनिश्चित भागीदारी हो सके।
इस बैठक में सीतापुर विकासखंड के अंतर्गत आने वाली सभी पंचायतों से विशेष रूप से ग्राम बैगा और सरपंचों को आमंत्रित किया गया था। सभी ने मिलकर बैगा संस्कृति को जीवित रखने, उसके संवर्धन और क्षेत्र के समग्र विकास कार्यों को लेकर खुलकर विचार-विमर्श किया, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी रहें।




