अंबिकापुर। खबरी गुल्लक। 25 सितम्बर 2026
ग्रामीण इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जारी किए गए शासन की रीति नीति और निर्देश का किस तरह मजाक बनाया जाता है, इसका प्रत्यक्ष उदाहरण संभाग मुख्यालय अंबिकापुर बना हुआ है। ग्रामीण इलाकों में पदस्थापना के बावजूद अपनी पहुंच और प्रभाव के चलते वरिष्ठ चिकित्सक, यहां तक की सर्जन भी संभाग मुख्यालय अंबिकापुर में अटैच किये जा रहे हैं। शासन के द्वारा सभी विभागों में संलग्नीकरण समाप्त करते हुए कर्मचारियों को उनके मूल पदस्थापना स्थल पर भेजे जाने का आदेश दिया गया था। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग सरगुजा शासन के इस निर्देश की न सिर्फ धज्जी उड़ा रहा है बल्कि चाहते कर्मचारी को नियम विरुद्ध तरीके से उनके मनपसंद स्थानों पर संलग्न कर रहा है। जिससे ग्रामीण इलाकों की स्वास्थ्य सुविधा प्रभावित हो रही है, स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकने वाले इलाज के लिए मुख्यालय अंबिकापुर अथवा रायपुर जाने के लिए मजबूर हो रहे हैं। ताजा उदाहरण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बतौली शांति पारा बना हुआ है।
मनमानी पर भड़के बतौली के ग्रामीण
सरगुजा जिले के विकासखंड बतौली के ग्रामीणों ने खबरी गुल्लक से कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बतौली शांति पारा में शासन के दौरान जनरल सर्जन डॉ अखिलेश भारत की पदस्थापना की गई थी, मगर शासन के सख्त आदेश के बाद भी उन्हें मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय अंबिकापुर में अटैच कर दिया गया है। ग्रामीणों ने कहा है अटैचमेंट के चलते बतौली की स्वास्थ्य सुविधा बिगड़ गई है। गरीब मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। मरीज सामान्य सर्जरी केस के लिए भी अंबिकापुर रेफर हो रहे हैं।
प्रभाव या रिश्वत का खेल
बतौली विकासखंड के नागरिकों का कहना है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के द्वारा सभी विभागों में संलग्नीकरण समाप्त करने के निर्देश दिए गए थे, इसके बाद भी क्या कारण है कि इसका पालन स्वास्थ्य विभाग सरगुजा में नहीं हो पा रहा है। यह चिकित्सक का प्रभाव है या रिश्वत का खेल। वरिष्ठ चिकित्सक ग्रामीण इलाकों में सेवा नहीं देना चाहते हैं, संभाग मुख्यालय अंबिकापुर में अटैच कराने में वे सफल होते हैं। ग्रामीणों ने कहा है आदिवासी अंचल में शासन के निर्देश की धज्जियां उड़ाई जा रही है, जिसका खामिया गरीब मरीजों, आदिवासियों को भुगतना पड़ रहा है।
इन बीमारियों का स्थानीय स्तर पर नहीं मिल पा रहा इलाज
बताया जा रहा है कि जनरल सर्जन आमतौर पर हार्निया,पेट में अल्सर,हाइड्रोसिल, ब्रेस्ट में परेशानी,नशबंदी सहित अन्य सर्जरी के केस देखते हैं। शासन की मंशा है कि ग्रामीण इलाकों में भी मरीजों को बेहतर इलाज, स्वास्थ्य सुविधा मिल सके, इसके लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंदों में जनरल सर्जन पदस्थ किए जा रहे हैं मगर स्थानीय प्रशासन और प्रबंधन की अदूरदर्शिता, मनमानी के कारण आदिवासी इलाकों के गरीब जनता को स्थानीय स्तर पर इन सुविधाओं के लिए तरसना पड़ रहा है।
शासन की मंशा करेंगे साकार - सीएमएचओ
इस संबंध में नव पदस्थ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ जेएस सरुता ने कहा कि जिले में मेरी नई पदस्थापना हुई है, बतौली के सर्जन डॉ अखिलेश भारत कैसे अंबिकापुर में अटैच किए गए हैं, इसकी फाइल मंगा जांच की जाएगी। उन्होने बताया कि शासन की मंशा पदस्थापना स्थल पर ही सेवा की है ताकि ग्रामीण क्षेत्र भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि सोमवार की इसकी जांच और नियमानुसार कार्रवाई होगी। शासन की मंशा साकार करेंगे।




