सुरजपुर जिले में शिक्षिका मां - बेटे की हत्या के मामले में हुआ चौंकाने वाला खुलासा.. पुलिस पूछताछ में आरोपी परवेश उर्फ प्रवेश ने उगला यह राज

सुरजपुर जिले में शिक्षिका मां - बेटे की हत्या के मामले में हुआ चौंकाने वाला खुलासा.. पुलिस पूछताछ में आरोपी परवेश उर्फ प्रवेश ने उगला यह राज

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सूरजपुर।खबरी गुल्लक। 23 अक्टूबर 2026

जिले के विश्रामपुर और जयनगर थाना क्षेत्रों से जुड़े शिक्षिका रजनी बरेठ और उनके पुत्र सुजल बरेठ की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने इस दोहरे हत्याकांड में परवेश उर्फ प्रवेश कुमार 36 वर्ष वर्तमान निवासी चोपड़ा कॉलोनी, विश्रामपुर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी मृतका के परिवार का परिचित था। पैसों की मांग को लेकर उसने पहले शिक्षिका की हत्या की और फिर अपनी पहचान उजागर होने की आशंका में उनके बेटे की भी जान ले ली। संयुक्त पुलिस टीम और साइबर सेल अम्बिकापुर ने सीसीटीवी फुटेज, वाहन के पंजीयन नंबर तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंचने की बात कही है। आरोपी की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त कार, स्टील की पानी की बोतल, सीमेंट के खंभे का टुकड़ा और अन्य सामग्री जब्त की गई है।

 नर्सरी जंगल के पास मिला था सुजल का शव

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 10 अक्टूबर 2026 को ग्राम महाबीरपुर के सरपंच महेश प्रसाद ने जयनगर थाने में सूचना दी थी कि कोरयाबारी नर्सरी जंगल के पास कच्ची सड़क किनारे नाली में एक अज्ञात व्यक्ति पड़ा है। सूचना पर पहुंची पुलिस को वहां एक युवक का शव मिला। पुलिस ने मर्ग क्रमांक 120/26 कायम कर पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराई। अविनाश बरेठ ने मृतक की पहचान अपने भांजे सुजल बरेठ के रूप में की। पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर और छाती पर चोट पहुंचाकर हत्या किए जाने की बात सामने आई। इसके आधार पर 11 अक्टूबर को जयनगर थाने में अपराध क्रमांक 308/2026, धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।

 किराये के मकान के बाथरूम में मिला मां का शव

इसी दौरान अविनाश बरेठ ने विश्रामपुर पुलिस को बताया कि उनकी बहन रजनी बरेठ अपने पुत्र सुजल के साथ केशवनगर की ममता कॉलोनी में किराये के मकान में रहती थीं और शिक्षिका थीं। नौ अक्टूबर से उनका मोबाइल बंद मिल रहा था। भांजे का शव मिलने की जानकारी के बाद जब रजनी के मकान की जांच की गई तो बाहर ताला लगा मिला। पुलिस की मौजूदगी में ताला तोड़कर भीतर प्रवेश करने पर बाथरूम में रजनी का शव मिला। मौके पर फॉरेंसिक और डॉग स्क्वॉड की टीम ने साक्ष्य जुटाए। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि होने पर विश्रामपुर थाने में अपराध क्रमांक 257/2026, धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।

 सीसीटीवी में दिखे कपड़ों और कार से मिला सुराग

मामले की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक दीपक कुमार झा के निर्देशन में पुलिस अधीक्षक सूरजपुर योगेश कुमार पटेल ने जांच की निगरानी की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन और एसडीओपी सूरजपुर अभिषेक पैंकरा के मार्गदर्शन में संयुक्त पुलिस टीम तथा साइबर सेल अम्बिकापुर ने विवेचना आगे बढ़ाई। पुलिस ने बताया कि ममता कॉलोनी के आसपास के सीसीटीवी फुटेज में काली टी-शर्ट पहने और सफेद गमछा ओढ़े एक व्यक्ति को मृतका के मकान की ओर आते देखा गया। वह काफी समय तक वहां रुका था। विश्रामपुर के एक कार वॉशिंग सेंटर के फुटेज में भी उससे मिलते-जुलते कपड़ों में एक व्यक्ति दिखाई दिया। अन्य कैमरों की जांच से कार का नंबर सीजी 15 ईजी 7101 सामने आया। वाहन मालिक के पते पर दबिश देने के बाद पुलिस को प्रवेश कुमार मिला। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में उसने दोनों हत्याओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। मामले में उसके कथन के साथ बरामद सामग्री और अन्य साक्ष्यों का भी संकलन किया गया है।

 पत्नी की सहकर्मी होने के कारण था घर आना-जाना

पुलिस के अनुसार, आरोपी की पत्नी और रजनी बरेठ एक ही स्कूल में शिक्षिका थीं। इसी परिचय के चलते आरोपी का रजनी के घर आना-जाना था। पूछताछ के हवाले से पुलिस ने बताया कि आरोपी ने मोटर पार्ट्स व्यवसाय के लिए 20 लाख रुपये का ऋण लिया था और उसे पैसों की जरूरत थी। उसे जानकारी थी कि रजनी 19 लाख रुपये का ऋण लेने वाली हैं और राशि उनके खाते में आने वाली है। पुलिस ने पैसों के लालच को वारदात की वजह बताया है।

 पैसे देने से मना करने पर शिक्षिका की हत्या का आरोप

पुलिस के मुताबिक नौ अक्टूबर की दोपहर आरोपी अपनी कार विश्रामपुर के एक वॉशिंग सेंटर में छोड़कर पैदल रजनी के घर गया। उस समय सुजल घर पर था। आरोपी कुछ देर बाद वहां से चला गया और फिर दोबारा पहुंचा। बाद में रजनी भी ड्यूटी से घर लौट आईं। शाम को सुजल के ट्यूशन जाने के बाद आरोपी ने रजनी से पैसे मांगे। आरोप है कि मना करने पर उसने रजनी से झूमाझटकी की और स्टील की पानी की बोतल से उनके सिर पर हमला किया। इसके बाद बाथरूम की ओर ले जाकर गला दबाकर उनकी हत्या कर दी। पुलिस का कहना है कि वारदात के बाद आरोपी ने घर का बिखरा सामान व्यवस्थित किया और रजनी का स्टोल अपने साथ ले लिया।

 पहचान उजागर होने के डर से बेटे को भी मारने का आरोप

पुलिस के अनुसार, सुजल ने आरोपी को अपने घर में देखा था। इसी वजह से आरोपी को आशंका थी कि वह उसके बारे में दूसरों को बता सकता है। पुलिस ने बताया कि रजनी की हत्या के बाद आरोपी उनकी स्कूटी लेकर निकला और नायरा पेट्रोल पंप के आगे खड़ी कर दी। इसके बाद वह वॉशिंग सेंटर से अपनी कार लेकर वापस आया। रात करीब नौ बजे सुजल के घर पहुंचने पर उसने कहा कि उसकी मां आरोपी के घर पर हैं और उसे अपने साथ कार में बैठा लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी सुजल को कुम्दा और फिर अम्बिकापुर ले गया, जहां उसे मैगी खिलाई। बाद में राई जंगल में कार रोककर उसने स्टोल से सुजल का गला कसने का प्रयास किया। सुजल के बचकर भागने पर सीमेंट के खंभे के टुकड़े से उसके सिर और छाती पर हमला कर हत्या करने का आरोप है। इसके बाद आरोपी ने शव कार में रखा और उसे ठिकाने लगाने के लिए कई स्थानों पर गया। पुलिस के अनुसार, बाद में उसने कालीघाट क्षेत्र में शव और चुन्नी फेंक दी।

 मोबाइल की तलाश में मिले दस्तावेज और आभूषण

पुलिस ने बताया कि आरोपी ने सुजल के दो मोबाइल अपने विश्रामपुर स्थित घर की रसोई की दराज में छिपाए थे, जिन्हें बरामद कर लिया गया। रजनी का मोबाइल उसने अम्बिकापुर स्थित अपने ससुराल में रखा था। पुलिस टीम जब वहां मोबाइल बरामद करने पहुंची तो रजनी का मोबाइल सिम सहित मिला। साथ ही उनका आधार कार्ड, पैन कार्ड, चेक, ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता पहचान पत्र, एटीएम कार्ड और सोने-चांदी के आभूषण भी बरामद किए गए।

 कार धुलवाने और खून लगी मैट जलाने की बात आई सामने

पुलिस के अनुसार, घटना के बाद आरोपी ने कार जयनगर स्थित एक वॉशिंग सेंटर में धुलवाई और खून लगी मैट जला दी। आरोपी की निशानदेही पर राई जंगल से सुजल की एक चप्पल, घटना में प्रयुक्त ग्रैंड विटारा कार, सीमेंट के खंभे का टुकड़ा और स्टील की पानी की बोतल जब्त की गई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान परवेश उर्फ प्रवेश कुमार, पिता गुरदित मल, उम्र 36 वर्ष, मूल निवासी राजीव कॉलोनी, कैथल रोड, हरियाणा तथा वर्तमान निवासी चोपड़ा कॉलोनी, विश्रामपुर के रूप में की गई है।

 संयुक्त पुलिस टीम की रही भूमिका

कार्रवाई में विश्रामपुर थाना प्रभारी विकास देशमुख, जयनगर थाना प्रभारी अमित गुप्ता, झिलमिली थाना प्रभारी सरफराज फिरदौसी, एसआई पीयूष चन्द्राकर, पीएसआई पवन झा, कपिल और रंजना, एएसआई अरुण गुप्ता एवं राकेश यादव तथा करंजी चौकी प्रभारी विशाल मिश्रा शामिल रहे। इसके अलावा प्रधान आरक्षक राजेन्द्र एक्का, रविशंकर पाण्डेय, आनंद सिंह, जयप्रकाश तिवारी, आरक्षक अखिलेश पाण्डेय, अजय प्रताप राव, राजीव गवेल, विकास मिश्रा, रौशन सिंह और युवराज यादव ने भूमिका निभाई। साइबर सेल अम्बिकापुर से एएसआई अजित मिश्रा, प्रधान आरक्षक भोजराज पासवान और आरक्षक मनीष सिंह भी जांच में सक्रिय रहे।


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