मुंबई। खबरी गुल्लक
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने प्रियागोल्ड बिस्कुट बनाने वाली कंपनी सूर्या फूड एंड एग्रो लिमिटेड के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। आरोप है कि कंपनी ने बिस्कुट बनाने में फाइबर के स्रोत के रूप में वह चोकर इस्तेमाल किया, जो पशुओं के चारे के लिए था और मानव उपभोग के लिए उपयुक्त नहीं था। जांच में पाया गया कि बिस्कुट निर्माण में इस्तेमाल किए गए चोकर से भरी बोरियों पर स्पष्ट रूप से लिखा था कि यह सामग्री पशुओं के चारे के लिए है, मानव खाद्य के लिए नहीं। FSSAI ने इसे खाद्य सुरक्षा का गंभीर उल्लंघन मानते हुए कंपनी का लाइसेंस पहले ही निलंबित कर दिया था; अब अभियोजन की कार्रवाई शुरू की गई है।
तीन कंपनियों पर कार्रवाई
FSSAI ने सूर्या फूड एंड एग्रो लिमिटेड के अलावा डोडला डेयरी लिमिटेड और युईआईआर ऑर्गेनिक फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ भी गंभीर खाद्य सुरक्षा उल्लंघनों के आरोप में कानूनी कार्रवाई शुरू की है। इसके अलावा नरपधम फूड्स, सन रिजेस हेल्थ केयरर्स और मेसर्स शाह कांतिलाल जयंतीलाल को नोटिस जारी किए गए हैं।
स्वच्छता में गंभीर कमियां
जांच में कंपनी संयंत्र में भंडारण, साफ-सफाई और कीट नियंत्रण से जुड़ी गंभीर कमियां भी पाई गईं। FSSAI का कहना है कि खाद्य निर्माण में ऐसी लापरवाही उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा करती है, इसलिए नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य पर खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार अमानक या दूषित खाद्य सामग्री के लंबे समय तक सेवन से पाचन तंत्र, लिवर और किडनी पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। दूध व डेयरी उत्पादों में डिटर्जेंट या कास्टिक सोडा जैसे पदार्थों की मिलावट से पेट के अल्सर, आंतों को नुकसान और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।




