खूंखार जंगली जानवरों के बीच एक दुधमुंहे सहित चार मासूम बच्चों की जीवटता ने मौत को दी मात..., विमान हादसे में मां, पायलेट सहित तीन लोगों की गई थी जान, दुर्घटना के बाद 40 दिनों तक घने जंगल में लापता हो गए थे चारो बच्चे. आखिरकार सैनिकों की भागीरथ प्रयास ने लाया रंग और ... खुशी से झूम उठा देश, जाने कहां हुई घटना पढ़ें पूरी खबर...

खूंखार जंगली जानवरों के बीच एक दुधमुंहे सहित चार मासूम बच्चों की जीवटता ने मौत को दी मात..., विमान हादसे में मां, पायलेट सहित तीन लोगों की गई थी जान, दुर्घटना के बाद 40 दिनों तक घने जंगल में लापता हो गए थे चारो बच्चे. आखिरकार सैनिकों की भागीरथ प्रयास ने लाया रंग और ... खुशी से झूम उठा देश, जाने कहां हुई घटना पढ़ें पूरी खबर...

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 अंबिकापुर। (देश विदेश)। एक विमान हादसे में पायलेट, महिला सहित तीन लोगों का शव  विमान के मलबे में मिलने से शोक संतप्त परिवार के साथ समूचे देश की आंखे उस समय चमक गई जब  मृत महिला के चार मासूम बच्चे जो विमान हादसे के बाद से लापता हो गए थे वे 40 दिनों तक घनघोर जंगल में खूंखार जानवरों के बीच रहने के बावजूद आश्चयजनक ढंग से जीवित बच जाते हैं। बच्चों की आयु महज एक वर्ष, चार वर्ष, नौ वर्ष और 13 वर्ष ही है। दुर्घटना के बाद से लापता हुए इन बच्चों के जीवित मिलने की संभावना काफी कम जताई जा रही थी, इसके बावजूद उस देश के जांबाज सैनिक यह सोचते हुए कि यदि बच्चे जीवित होंगे तो कम से कम  अपना पेट तो भर सकेंगे..., हेलिकॉप्टर से उस जंगल में भोजन का पैकेट, दूध और पानी का पैकेट फेंका करते थे। घटना के चालीस दिनों बाद दुधमुंहे सहित सभी चारो मासूम बच्चों का जीवित मिलना किसी चमत्कार से कम नहीं है। परिजन कह रहे हैं कि बच्चों का ख्याल रखते हुए जंगल ने बचाया..! यह घटना किसी रोमांचक फिल्म की  कहानी से कम नहीं है। अब चारो बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और पूरे देश में बच्चों की कुशलता की कामना करते हुए उनके जीवित रहने पर ईश्वर को धन्यवाद भी दिया जा रहा है।

मन को झंझकोर देने वाली यह घटना एक मई को कोलंबिया के अमेजन के जंगल में हुई थी। विमान में बच्चों, उनकी मां सहित कुल सात लोग सवार थे। संभवतः  इंजन में खराबी के कारण विमान क्रेश हुआ। इस हादसे में पायलेट, बच्चों की मां मागदालेना समेत तीन लोगों का शव बरामद हुआ था जबकि, यह चारो बच्चे लापता  थे। चालीसवें दिन बच्चों के जीवित मिलने की पुष्टि राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो द्वारा की गई।

इस तरह चला बचाव अभियान 

विमान हादसे के बाद लापता हुए  मासूम बच्चों को ढूंढने कोलंबिया के सैनिकों के द्वारा किया गया प्रयास भी किसी देवदूत से कम नहीं है। संभावित इलाकों में सैनिकों के द्वारा पूरी तरह से छनबीन की जा रही थी। इसी बीच उन्हे जंगल में डायपर, दूध का पैकेट मिला, जिससे बच्चों के जीवित रहने की संभावना बढ़ गई। हेलिकॉप्टर से जंगल में चारो ओर दूध, पानी और दूध का पैकेट  गिराया जा रहा था और सैनिकों की अलग - अलग दिशाओं में बच्चों को ढूंढ रही थी, यह मेहनत आखिरकार  रंग लाई और सभी चारो बच्चे जीवित मिले।


यह सोचकर डरता रहा दिल 

बताया जा रहा है कि कोलंबिया के जंगल में न सिर्फ जहरीले सांप हैं, बल्कि जगुआर जैसे खतरनाक  जानवर, मच्छर भी बड़े पैमाने पर हैं। इन जानवरों के बीच चार मासूम बच्चों को लेकर परिजनों का दिल यह सोचकर सिहर उठता था कि कहीं कोई अनहोनी न हो जाए...फिर अगले ही पल, नही - नही कुछ नहीं होगा इन बच्चों को ईश्वर हैं न अब वे ही उनकी रक्षा करेंगे। घने जंगल में लापता हुए इन मासूम बच्चों की कुशलता के लिए परिवार के साथ पूरा देश ईश्वर से प्रार्थना कर रहा था,  संभवतः लोगों का यही विश्वास और दुआ बच्चों के सुरक्षा लिए जंगल में ढाल बन गया, और सैनिक भी इन्हे ढूंढने में कामयाब हुए।

  

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