बलरामपुर( ब्यूरो)। आरटीआई कार्यकर्ता डीके सोनी द्वारा बलरामपुर वनमंडल में वारवेट वायर सप्लाई किए बिना 29,10900 रुपए का भुगतान करने का आरोप लगा परिवाद दायर किए जाने पर न्यायालय के द्वारा द्वारा ट्रेडिंग कंपनी और वन विभाग के अधिकारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया गया है । आरटीआई कार्यकर्ता डीके सोनी ने आरोप लगाया कि वन मंडलाधिकारी वन मंडल बलरामपुर के द्वारा मैसर्स दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी को 16 जनवरी 2022 को विभागीय मद से सहायक सुरक्षा कार्य हेतु 36250 किलोग्राम बरबेट वायर का प्रदाय करने हेतु आदेश दिया गया था एवं 5 फरवरी 2022 को कैंपर मद से हाईटेक नर्सरी में सुरक्षा कार्य हेतु 6912 किलोग्राम चैनलिंक का प्रदाय आदेश जारी किया गया था, जिसमें दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी के द्वारा मात्र 5050 किलोग्राम चैन लिंक फैंस प्रदाय किया गया। 1862 किलोग्राम चैन लिंक फैंस आदेश के अनुसार प्रदाय नहीं किया गया जबकि दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी के द्वारा आदेशित मात्रा का पूर्ण भुगतान प्राप्त कर लिया गया था। इस संबंध में वन मंडलाधिकारी बलरामपुर के द्वारा दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी को 8 अगस्त 2022 को पत्र लिखा गया, जिसमें 1862 किलोग्राम चैन लिंक फैंस प्रदाय करने हेतु बोला गया लेकिन उसके बाद भी दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी के द्वारा सामग्री प्रदान नहीं किया गया। जिसके कारण 20 अगस्त 2022 एवं 17 अक्टूबर 2022 को भी वन मंडलाधिकारी बलरामपुर वन मंडल के द्वारा पत्र लिखकर सामाग्री प्रदाय किए जाने का निर्देश दिया गया, लेकिन उसके उपरांत भी कंपनी के द्वारा शासन से राशि प्राप्त करने के बाद भी सामग्री प्रदाय नहीं किया गया। डीके सोनी ने आरोप लगाया कि शासकीय राशि का गबन दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी के द्वारा वन मंडल के अधिकारियों के साथ मिलकर किया गया तथा सामग्री दिए बगैर ही फर्जी बिल बाउचर प्रस्तुत कर लाखों रुपए की राशि आहरण कर लिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया है कि मेसर्स दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी के प्रोपराइटर के अलावा वन मंडलाधिकारी कार्यालय के राशि भुगतान करने वाले अधिकारी भी जिम्मेदार है क्योंकि किसी भी सामग्री को प्रदाय करने के उपरांत ही संबंधित वन परीक्षेत्राधिकारी एवं उप वन मंडलाधिकारी के द्वारा सामाग्री प्रदाय करने के संबंध में एनओसी प्रदाय किया जाता है, तथा हस्ताक्षर कर वन मंडलाधिकारी को प्रदाय किया जाता है इसके बाद ही राशि का भुगतान किया जाता है लेकिन दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी के प्रोपराइटर को दो बिल में कुल राशि 29,10 900 रुपए का भुगतान संबंधित वन मंडलाधिकारी के द्वारा बिना जांच पड़ताल किए कर दिया गया । शासकीय राशि का गबन सुनियोजित तरीके से किया गया। जो आपराधिक की श्रेणी में आता है। आरटीआई कार्यकर्ता डीके सोनी के द्वारा आरोप लगाया गया है कि इस संबंध में बलरामपुर थाना में 5 अप्रैल 2023 को आवेदन प्रस्तुत किया गया था, मगर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से भी शिकायत की गई मगर कार्यवाई नही होने से उन्होंने न्यायिक दंडाधिकारी बलरामपुर के न्यायालय में धारा 156(3)दंड प्रक्रिया संहिता के तहत परिवाद पेश करते हुए दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी, कूट रचित दस्तावेज तैयार करने वाले अधिकारी के विरुद्ध अपराध अंतर्गत धारा 409, 420, 419, 467, 468 एवं 471 भादवी के तहत अपराध पंजीबद्ध किए जाने का निवेदन न्यायालय में किया गया था, जिसपर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश के द्वारा 5 जुलाई 23 को आदेश जारी कर थाना प्रभारी बलरामपुर को शिकायतकर्ता की आवेदन पर प्रथम सूचना पर दर्ज करते हुए अन्वेषण कर अभियोग पत्र न्यायालय में पेश करने कहा गया है।
बलरामपुर वनमंडल में बारवेट वायर सप्लाई किए बिना 29 लाख 10 हजार 900 रुपए का भुगतान करने के आरोप पर न्यायलय ने दिया एफआईआर का आदेश... आरटीआई कार्यकर्ता डीके सोनी ने न्यायलय में दायर किया था याचिका
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जुलाई 12, 2023
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बलरामपुर( ब्यूरो)। आरटीआई कार्यकर्ता डीके सोनी द्वारा बलरामपुर वनमंडल में वारवेट वायर सप्लाई किए बिना 29,10900 रुपए का भुगतान करने का आरोप लगा परिवाद दायर किए जाने पर न्यायालय के द्वारा द्वारा ट्रेडिंग कंपनी और वन विभाग के अधिकारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया गया है । आरटीआई कार्यकर्ता डीके सोनी ने आरोप लगाया कि वन मंडलाधिकारी वन मंडल बलरामपुर के द्वारा मैसर्स दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी को 16 जनवरी 2022 को विभागीय मद से सहायक सुरक्षा कार्य हेतु 36250 किलोग्राम बरबेट वायर का प्रदाय करने हेतु आदेश दिया गया था एवं 5 फरवरी 2022 को कैंपर मद से हाईटेक नर्सरी में सुरक्षा कार्य हेतु 6912 किलोग्राम चैनलिंक का प्रदाय आदेश जारी किया गया था, जिसमें दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी के द्वारा मात्र 5050 किलोग्राम चैन लिंक फैंस प्रदाय किया गया। 1862 किलोग्राम चैन लिंक फैंस आदेश के अनुसार प्रदाय नहीं किया गया जबकि दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी के द्वारा आदेशित मात्रा का पूर्ण भुगतान प्राप्त कर लिया गया था। इस संबंध में वन मंडलाधिकारी बलरामपुर के द्वारा दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी को 8 अगस्त 2022 को पत्र लिखा गया, जिसमें 1862 किलोग्राम चैन लिंक फैंस प्रदाय करने हेतु बोला गया लेकिन उसके बाद भी दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी के द्वारा सामग्री प्रदान नहीं किया गया। जिसके कारण 20 अगस्त 2022 एवं 17 अक्टूबर 2022 को भी वन मंडलाधिकारी बलरामपुर वन मंडल के द्वारा पत्र लिखकर सामाग्री प्रदाय किए जाने का निर्देश दिया गया, लेकिन उसके उपरांत भी कंपनी के द्वारा शासन से राशि प्राप्त करने के बाद भी सामग्री प्रदाय नहीं किया गया। डीके सोनी ने आरोप लगाया कि शासकीय राशि का गबन दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी के द्वारा वन मंडल के अधिकारियों के साथ मिलकर किया गया तथा सामग्री दिए बगैर ही फर्जी बिल बाउचर प्रस्तुत कर लाखों रुपए की राशि आहरण कर लिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया है कि मेसर्स दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी के प्रोपराइटर के अलावा वन मंडलाधिकारी कार्यालय के राशि भुगतान करने वाले अधिकारी भी जिम्मेदार है क्योंकि किसी भी सामग्री को प्रदाय करने के उपरांत ही संबंधित वन परीक्षेत्राधिकारी एवं उप वन मंडलाधिकारी के द्वारा सामाग्री प्रदाय करने के संबंध में एनओसी प्रदाय किया जाता है, तथा हस्ताक्षर कर वन मंडलाधिकारी को प्रदाय किया जाता है इसके बाद ही राशि का भुगतान किया जाता है लेकिन दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी के प्रोपराइटर को दो बिल में कुल राशि 29,10 900 रुपए का भुगतान संबंधित वन मंडलाधिकारी के द्वारा बिना जांच पड़ताल किए कर दिया गया । शासकीय राशि का गबन सुनियोजित तरीके से किया गया। जो आपराधिक की श्रेणी में आता है। आरटीआई कार्यकर्ता डीके सोनी के द्वारा आरोप लगाया गया है कि इस संबंध में बलरामपुर थाना में 5 अप्रैल 2023 को आवेदन प्रस्तुत किया गया था, मगर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से भी शिकायत की गई मगर कार्यवाई नही होने से उन्होंने न्यायिक दंडाधिकारी बलरामपुर के न्यायालय में धारा 156(3)दंड प्रक्रिया संहिता के तहत परिवाद पेश करते हुए दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी, कूट रचित दस्तावेज तैयार करने वाले अधिकारी के विरुद्ध अपराध अंतर्गत धारा 409, 420, 419, 467, 468 एवं 471 भादवी के तहत अपराध पंजीबद्ध किए जाने का निवेदन न्यायालय में किया गया था, जिसपर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश के द्वारा 5 जुलाई 23 को आदेश जारी कर थाना प्रभारी बलरामपुर को शिकायतकर्ता की आवेदन पर प्रथम सूचना पर दर्ज करते हुए अन्वेषण कर अभियोग पत्र न्यायालय में पेश करने कहा गया है।
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