अंबिकापुर। अल्प वर्षा से बांकी जलाशय के सूखने के कारण जल संकट से जूझ रहे अंबिकापुर नगर निगम में केंद्र सरकार की 107 करोड़ की योजना अमृत मिशन बड़ी सहारा बन गई है। शहर के पुराने वार्डों में की टंकियों में सप्लाई के लिए पानी बांकी जलाशय से मायापुर सम्पवेल होते पहुंचता है। जब अमृत मिशन योजना के तहत पाइप लाइन का विस्तार किया जा रहा था उस दौरान तकनीकी अमले ने थोड़ी दूरदर्शिता दिखाई थी और घुनघुट्टा बांध से पानी लाते समय मायापुर संपवेल में भी एक कनेक्शन जोड़ दिया गया था। मौजूदा समय में बारिश नही होने से बांकी जलाशय के सूखने के बाद जब शहर पानी की समस्या से जूझ रहा है तो ऐसे समय में मायापुर संपवेल में जोड़ा गया अमृत मिशन का कनेक्शन किसी वरदान साबित हो रहा है। नगर निगम के जनप्रतिनिधियों का कहना है कि शहर में जल संकट के समय अमृत मिशन योजना के तहत घुनघुट्टा बांध से मायापुर संपवेल में करीब 40 से 50 लाख लीटर पानी ला पुराने टंकियों को भर कम से कम एक टाइम का सप्लाई किया जा रहा है। बांकी बांध में मौजूदा समय में 8 से 10 दिन का ही पानी शेष बचा है। बांकी बांध से भी शेष पानी के उपयोग का प्रयास किया जा रहा है। नगर निगम के वरिष्ठ भाजपा पार्षद मधुसूदन शुक्ला सहित अन्य पार्षदों का कहना है कि अमृत मिशन योजना के लिए हमें केंद्र की मोदी सरकार का धन्यवाद करना चाहिए, जल संकट के समय में केंद्र की 107 करोड़ की अमृत मिशन योजना ही सहारा बनी हुई है।
डीपीआर के अनुरूप काम होता तो यह नौबत नहीं आती
भाजपा पार्षद मधुसूदन शुक्ला ने कहा कि केंद्र सरकार की अमृत मिशन जल आवर्धन योजना का क्रियान्वयन यदि नगर निगम की कांग्रेस सरकार डीपीआर के अनुरूप करती तो अल्प वर्षा के समय भी शहरवासियों को पानी के संकट से जूझना नहीं पड़ता। अमृत मिशन जल आवर्धन योजना के तहत कई क्षेत्रों में पानी टंकी का निर्माण हुआ, परंतु जोन वार पानी वितरण की व्यवस्था को डीपीआर के अनुरूप नहीं किया गया जिसके कारण शहर के कुछ क्षेत्रों में भरपूर पानी मिल रहा है वह कुछ क्षेत्रों में 10 मिनट ही पानी मिल पा रहा है। निगम अंबिकापुर की कांग्रेस सरकार को जल कष्ट निवारण की राशि से पर्याप्त टैंकरों की व्यवस्था करनी चाहिए जिससे शहर वासियों को पानी मिल सके




