प्रकृति की गोद में एक दिन के नवजात ने खुले आसमान के नीचे बारिश के बीच झाड़ियों में दी मौत को मात.......निर्दयी माता पिता ने जन्म लेते ही मरने के लिए छोड़ दिया था झाड़ियों में.... ! जाको राखे साइयां... मार सके न कोय वाली कहावत हुई चरितार्थ... किस इलाके में हुई घटना पढ़ें पूरी खबर...

प्रकृति की गोद में एक दिन के नवजात ने खुले आसमान के नीचे बारिश के बीच झाड़ियों में दी मौत को मात.......निर्दयी माता पिता ने जन्म लेते ही मरने के लिए छोड़ दिया था झाड़ियों में.... ! जाको राखे साइयां... मार सके न कोय वाली कहावत हुई चरितार्थ... किस इलाके में हुई घटना पढ़ें पूरी खबर...

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सूरजपुर। (ब्यूरो)।


जाके राखे साइयां... मार सके न कोय के तर्ज पर बारिश में खुले आसमान के नीचे फेंके गए एक नवजात की जान बच गई। यह घटना प्रतापपुर के कालेज मैदान के समीप हुई। अनुमान लगाया जा रहा है कि संभवतः अवैध संबंधों से उत्पन्न नवजात को मारने के लिए झाड़ियों में फेंक दिया गया होगा... मगर नियति को कुछ और मंजूर था। निर्दयी माता पिता ने न जाने कब नवजात को झाड़ियों में फेंका था .. बारिश के बीच खुले आसमान के नीचे उसका जीवित मिलना भी किसी चमत्कार से कम नहीं है। मानो ईश्वर ने अपने गोद में उसकी रक्षा की हो..। बताया जा रहा है कि आज तड़के प्रतापपुर के कालेज मैदान के समीप झाड़िडो में कुछ लोगों की शौच के लिए जाने के दौरान  बिलखते नवजात पर नजर पड़ी , यह अबोध नवजात नग्न अवस्था में था। नीचे भी कोई कपड़ा नही था। गीले पत्तो व झाड़ियों में वह रो रहा था।  लोगों ने देवदूत के समान उसे गोद में उठाया और पुलिस के माध्यम से नवजात को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।  पुलिस का कहना है कि नवजात के माता पिता कौन हैं, यह अभी पता नहीं चल सका है। संभवतः नवजात एक दिन का ही है। लोगों से पूछताछ की जा रही है।

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