इस जर्जर स्कूल के कमरे में बैठे थे बच्चे .. हल्की बारिश हुई और भरभरा कर गिरा छत का प्लास्टर....मच गई अफरा-तफरी..!. बारिश पूर्व मरम्मत के प्रति बरती गई लापरवाही से नवनिहालों पर मंडरा रहा खतरा....

इस जर्जर स्कूल के कमरे में बैठे थे बच्चे .. हल्की बारिश हुई और भरभरा कर गिरा छत का प्लास्टर....मच गई अफरा-तफरी..!. बारिश पूर्व मरम्मत के प्रति बरती गई लापरवाही से नवनिहालों पर मंडरा रहा खतरा....

khabrigullak.com
By -
0
सूरजपुर(भूपेंद्र राजवाड़े)। बारिश पूर्व जर्जर स्कूलों के मरम्मत के नाम पर किए गए थूक पालिश से नन्हें मुन्ने बच्चों के सिर पर खतरा मंडरा रहा है। ऐसी स्थिति में बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों की चिंता भी बढ़ गई है।  भैयाथान विकासखंड के प्राथमिक शाला मलगा में खींची गई यह तस्वीर बताने के लिए काफी है कि किस तरह जर्जर स्कूल भवनों का मरम्मत किया गया । इस स्कूल में आज हल्की बारिश के बीच छत का प्लास्टर उखड़ नीचे गिर गया। जिस समय यह घटना हुई उस दौरान कमरे में बच्चे नीचे फर्श पर टाट पट्टी में बैठे थे, गनीमत रहा कि प्लास्टर के मलबे के नीचे कोई बच्चा नहीं आया , वरना गंभीर घटना की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता था। इस जर्जर स्कूल भवन में न सिर्फ बच्चे बल्कि स्कूल के प्रधानपाठक, शिक्षक भी   परेशान हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि बारिश के दौरान इस स्कूल भवन का छत टपकता है और बच्चों के बैठने के लिए भी सुरक्षित जगह नही बचता है। दीवार, फर्स में सीलन होने से बच्चे बीमार भी पड़ते रहते हैं। 
ग्राम मलगा के ग्रामीणों, अभिभावकों ने आरोप लगाया कि 
 बारिश के पूर्व शिक्षा विभाग के प्रस्ताव के अनुरूप जर्जर स्कूलों के मरम्मत के लिए शासन के द्वारा राशि की मंजूरी दी गई थी। मगर विभाग के अधिकारियों और निर्माण  एजेंसी की मिली भगत के चलते मरम्मत में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। केवल ऊपरी रंग रोगन , पुताई कर शेष रकम का बंदरबांट कर लिया गया। यही कारण है कि स्कूलों की हालत अभी भी जर्जर है और खतरे के बीच बच्चे पढ़ने के लिए मजबूर हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस स्कूल का शौचालय भी खस्ताहाल हो उपयोग के लायक नहीं बचा है। स्कूल के कर्मचारियों के अलावा बच्चे भी बाहर शौच के लिए मजबूर हो रहे हैं।

मरम्मत के लिए 3.80 लाख हाउसिंग बोर्ड विभाग को किया गया है आबंटित

इस संबंध में सूरजपुर  के जिला शिक्षा अधिकारी राम ललित पटेल ने कहा कि स्कूलों की मरम्मत के लिए स्वीकृति तीन चरणों में मिली है, तीसरा किस्त काफी देर से आया था। उन्होंने कहा कि प्राथमिक शाला मलगा के मरम्मत के लिए 3 लाख 80 हजार रूपए का आबंटन निर्माण एजेंसी हाउसिंग बोर्ड विभाग को दिया गया है। उन्होंने बताया कि मरम्मत की स्थिति की जानकारी बीईओ से मांगी गई है,  संभवतः अभी मरम्मत शुरू नही हो पाया है। उन्होंने बताया कि मलगा के   लिए राशि कब आया यह देखने के बाद ही मरम्मत में विलम्ब हुआ या नहीं इस पर कोई स्पष्ट जानकारी दे पाएंगे। उन्होंने बताया कि इस संबंध में भी जानकारी मांगी गई है।

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)