अंबिकापुर। वन परिक्षेत्र मैनपाट में विपरीत परिस्थितियों के बावजूद वन विभाग की टीम रेंजर फेंकू चौबे के नेतृत्व में न सिर्फ ग्रामीणों को समझाइश दे रही है बल्कि वनवासियों के जान की सुरक्षा के लिए भी निरंतर प्रयास कर रही है। पहाड़ी इलाके में बसे मैनपाट में हल्की बारिश से भी धुंध जैसा नजारा होता है, 30 से 40 मीटर की दूरी पर स्थित वस्तु नजर नहीं आता है तो सोचिए वन विभाग को ऐसे हालात में गज प्रबंधन के लिए कितना जोखिम उठाना पड़ता होगा.. ? यह आसानी से समझा जा सकता है। वर्तमान समय में मैनपाट और रायगढ़ सरहद पर 14 जंगली हाथी लम्बे समय से मंडरा रहे हैं। हाथियों का यह दल कभी कापू रेंज में होता है तो कभी मैनपाट क्षेत्र में। बारिश के मौसम में रात के समय सबकुछ काला नजर आता है, ऐसी स्थिति में हाथियों की निगरानी उसके चिंघाड़ से करनी पड़ती है। कई बार हाथी काफी नजदीक पहुंच जाते हैं तब कहीं जाकर उनके आने का पता चल पाता है, और लोगों को सुरक्षित बस्ती से बाहर हाथियों से दूर निकलने काफी कम समय बचता है। इसके बाद भी वन विभाग का मैदानी अमला अपने अनुभवों के बलबूते जान की सुरक्षा करने में सफल होते हैं। मैनपाट रेंजर फेंकू चौबे के द्वारा ग्रामीणों को लगातार सतर्क भी किया जा रहा है। उनका कहना है कि न तो हाथियों को छेड़ें और न ही उनके समीप जाएं, उनका रास्ता भी बाधित करने की कोशिश न करें, यदि हम इन बातों का ध्यान रखेंगे तो काफी हद तक अपनी व परिवार की सुरक्षा कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि समान की भरपाई हो सकती है, जान की नही... इसलिए वन विभाग के हर सुझाव का पालन करें ।
पौध रोपण से लौट रही हरियाली
डीएफओ पंकज कमल के दिशा निर्देश पर उप वनमंडलाधिकारी प्रेमचंद्र मिश्रा, रेंजर फेंकू चौबे के साथ समस्त स्टाफ के द्वारा मैनपाट में हरियाली लाने प्रयास किया जा रहा है। मैनपाट के कई स्थलों पर वन विभाग द्वारा बागवानी भी की गई है, जहां कई प्रजातियों के फलदार वृक्ष, पौधे फलों से लदे हुए हैं। रेंजर फेंकू चौबे ने कहा कि हम जंगल बचाएंगे तभी जंगली जानवरों का रहवास बचेगा, और हम भी बचेंगे। उन्होंने ग्रामीणों से वनों की सुरक्षा के लिए आह्वान कर कहा कि पर्यावरण, जंगल की सुरक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ वन विभाग नही बल्कि हम सबकी है। हमें अधिक से अधिक पौध रोपण कर पर्यावरण की रक्षा में योगदान देना चाहिए। पर्यावरण को क्षति पहुंचाने वालों का विरोध हम सबको करना चाहिए ताकि जंगल के साथ जानवरों का रहवास सुरक्षित रह सके ।
हाथियों से बचाव के लिए रेंजर फेंकू चौबे ने दिए यह टिप्स -
1. हाथियों के नजदीक न जाएं
2. हाथियों की मोबाइल पर फोटो खींचने की कोशिश न करें
3. शराब या इसकी गंध हाथियों को लुभाती है इसलिए घर पर शराब न बनाए, न रखें और न ही इसका सेवन करें
4. हाथियों की ओर पत्थर न फेंके, पटाखे न फोड़े, शोर न मचाएं
5. बुजुर्गों को न तो जंगल जाने दें और न ही कोई अकेले जंगल जाए
6. पक्के भवन में जहां वन विभाग द्वारा वैकल्पिक तौर पर रहने जगह दिया जाता है वहां रहें
7. रात के समय अंधेरे में घर से बाहर न निकले
8. वन विभाग के हर निर्देश का पालन करें




