अंबिकापुर। सरगुजा सहित समूचे संभाग में सर्पदंश से मौत की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही है। ताजा घटना धौरपुर और बगीचा क्षेत्र का है, जहां मच्छरदानी लगाने के बाद भी एक युवती को सर्फ ने दस लिया। सोते समय मच्छरदानी को बिस्तर में दबाने के प्रति बरती गई लापरवाही उसकी मौत का कारण बनी। चिंता की यह भी है कि ऐसे अधिकांश मरीजों की जान मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भी नही बच पा रही है, इसके पीछे झडफुंक और अस्पताल तक लाने में विलम्ब को प्रमुख कारण माना जाता है। अभी तक देखा गया है कि सर्प दंश के अधिकांश मामलों में मरीज के समय पर अस्पताल में पहुंचने पर चिकित्सकों द्वारा उसकी जान बचाई गई है, मगर किसी कारण वश अस्पताल में लाने में विलम्ब होने पर काफी कोशिशों के बाद भी नहीं बचा पाते हैं। सर्प दंश का ताजा मामला धौरपुर और बगीचा क्षेत्र का है। घटना के संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक धौरपुर के ग्राम करौली निवासी राजकुमारी गोंड पति मुकेश गोंड 35 वर्ष जमीन पर सोई थी तभी डंडा करैत ने उसे डस लिया था, वहीं बगीचा में किराए के मकान में निवास कर रही उड़ीसा के समुंदरगढ़ निवासी कोनाल बहला पिता गोपाल 21 वर्ष जमीन पर मच्छरदानी लगाकर सोई थी। उसे भी सांप ने डस लिया, संभवतः मच्छरदानी के बीच में जगह खाली होने पर सांप बिस्तर में घुसा होगा, परिजन सांप को एक डिब्बे में बंद कर पीड़िता को ले नजदीकी अस्पताल पहुंचे, जहां से रेफर किए जाने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान दोनो की मौत हो गई। घटना से परिजनों में मातम पसरा हुआ है।




