सरगुजा सहित उत्तर छत्तीसगढ़ में इस वजह से बनी मानसून ब्रेक की स्थिति ... अगले दो से तीन दिनों बाद मानसून के सामान्य होने की उम्मीद....
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अगस्त 12, 2023
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अंबिकापुर। मानसून द्रोणिका लगातार हिमालय की तराई की ओर स्थिर है जिससे मानसून ब्रेक की स्थिति निर्मित हो गई है। अभी अगले दो-तीन दिन तक इसके यथावत रहने के बाद पुनः सामान्य अवस्था की ओर विचलित होने की संभावना है। अर्थात सक्रिय मानसून के लिए अभी कम से कम दो तीन दिनों तक इंतजार करना पड़ेगा। मौसम वैज्ञानिक अक्षय मोहन भट्ट ने बताया कि
भारत में दक्षिण- पश्चिम मानसून काल में जब वायुदाब में विरलता आती है तब उत्तरोत्तर अंतराल की समवायुदाब रेखाएं पश्चिम से पूर्व की ओर निर्मित हो जाती है। यह स्थिति मानसून की दोनों शाखाओं अरब सागरीय और बंगाल की खाड़ी की शाखा के पूरी तरह सक्रिय होने पर निर्मित होता है। यदि इस समय भारत में समवायुदाब रेखाओं का अवलोकन करें तो हम पाएंगे कि सक्रिय मानसून काल में इन अवदाब रेखाओं के गर्त केंद्र से एक अक्षीय रेखा गुजरती हुई दिखती है। इस अक्षीय रेखा को ही मानसून द्रोणी अक्ष की संज्ञा दी गई है। सामान्य अवस्था में यह रेखा राजस्थान के गंगानगर से इलाहाबाद (प्रयाग) होते हुए कोलकाता और बंगाल की खाड़ी में हेडबे तक जाती है। जब मानसून द्रोणी रेखा इस सामान्य अवस्था में रहती है या इसके आसपास रहती है तब मध्य भारत के बड़े क्षेत्र में व्यापक वर्षा होती है जबकि हिमालय की तलहटी की ओर और दक्षिण भारत की ओर वर्षा की व्यापकता में कमी आती जाती है। अगस्त के प्रारम्भ में जब मानसून द्रोणिका अपने सामान्य अवस्था के पास थी और यह अम्बिकापुर, रांची और गया के आसपास विचलित हो रही थी तब हमने यहां व्यापक वर्षा होते हुए देखा था।
चुकी मानसून द्रोणी रेखा में लगातार दोलन होता रहता है। यह खाड़ी में उठने वाले परिसंचरण, अवदाब क्षेत्रों से प्रभावित हो कर सामान्य अवस्था से ऊपर या नीचे की ओर लगातार विचलित होता रहता है। जब यह दक्षिण की ओर खिसकता है तब उत्तर भारत में वर्षा में कमी आती है जबकि दक्षिण भारत में विदर्भ, कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र आदि में व्यापक वर्षा होती है। परन्तु जब यह अपने सामान्य अवस्था से उत्तर की ओर दोलित होती हुई हिमालय की तलहटी में पहुंच जाती है तब सुदूर उत्तर और उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों को छोड़ कर शेष भारत की वर्षा में अचानक कमी आ जाती है। मानसून द्रोणिका के उत्तरी विचलन की इस अवस्था को ही मानसून ब्रेक, मानसून भंग या मानसून बाधा कहा जाता है। इस समय वायुदाब और तापमान में वृद्धि होती है। लम्बी अवधि की मानसून बाधा स्वास्थ्य और कृषि दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है।
इस समय मानसून द्रोणिका लगातार हिमालय की तराई की ओर स्थिर है जिससे मानसून ब्रेक की स्थिति निर्मित हो गई है। अभी अगले दो-तीन दिन तक इसके यथावत रहने के बाद पुनः सामान्य अवस्था की ओर विचलित होने की संभावना है। अर्थात सक्रिय मानसून के लिए अभी कम से कम दो तीन दिनों तक इंतजार करना पड़ेगा।
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