श्रीराम चौरा पहाड़ की ऊंचाई आस्था के आगे हुई बौनी.... जहां पड़े थे प्रभु श्री राम के चरण वहां अब आकर लेने लगा भव्य मंदिर ... बलरामपुर जिले के इस सबसे ऊंची चोटी पर निर्माण सामग्री ढोते श्रमिकों के भी नही थकते पैर.....
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सितंबर 12, 2023
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बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिला के प्रमुख आस्था के केंद्र तातापानी - रजबंधा स्तिथ धनुषाकार श्रीराम चौरा पहाड़ की चोटी पर भव्य मंदिर अब आकर लेने लगा है। जिले के सबसे ऊंचे इस पहाड़ के ऊपर निर्माण सामग्री पहुंचाने श्रमिकों में भी जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। जय श्री राम के नारों के बीच निर्माण कार्य जारी है। पहाड़ की ऊंचाई को देखते हुए आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि सीमेंट, छड़, रेत, ईट सहित अन्य सामान पहुंचने में श्रमिकों को कितना मशक्कत करना पड़ता होगा, मगर आस्था के आगे हर कठिनाई बौनी साबित हो रही हैं। ग्रामीणों की आस्था के तहत वनवास काल में भगवान श्री राम और लक्ष्मण इस पहाड़ पर आए थे, पहाड़ पर प्रभु श्री राम के चरण के निशान भी है। तातापानी में गर्म जल स्त्रोत के पीछे माना जाता है कि माता सीता के अपहरण होने के बाद पर्वत पर भगवान श्री राम और लक्ष्मण उन्हे ढूंढते हुए आए थे, उस दौरान असुर बड़ी कड़ाही चूल्हे पर चढ़ा तेल डाल पकवान बना रहे थे, इस ओर लक्ष्मण जी की नजर पड़ गई और माता सीता के अपहण से क्षोभ प्रकट करते हुए कड़ाही में उन्होंने तीर चला दिया था। मान्यता है कि यह गर्म तेल जहां जहां पड़ा वहां से गर्म जल का स्त्रोत फूट पड़ा। मगर लम्बे समय तक प्रशासन और साधन स्तर पर इस आस्था के केंद्र को उपेक्षित रखा गया था। स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के द्वारा किए जा रहे भागीरथ प्रयास ने अंततः रंग लाया और राशन स्तर पर राशि की मंजूरी के साथ न सिर्फ रास्ता बन रहा है बल्कि पहाड़ के ऊपर मंदिर का भी निर्माण किया जा रहा है।
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राष्ट्रीय पर्व के दिन फहरता है झंडा
श्री राम चौरा पहाड़ के ऊपर ग्रामीणों के द्वारा 26 जनवरी और 15 अगस्त के दिन भगवा झंडा फहराया जाता है। इन दोनों राष्ट्रीय पर्व के दिन पहाड़ के ऊपर ग्रामीणों द्वारा भजन कीर्तन कर प्रसाद भी बांटा जाता है।
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