सूरजपुर (भूपेंद्र राजवाड़े)। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के अंतिम छोर पर चांदनी बिहारपुर के पहुंच विहीन पंडो बाहुल्य ग्राम लुल्ह आज भी सड़क , पानी , बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। ग्राम पंचायत खोहिर के आश्रित ग्राम लुल्ह में विधानसभा चुनाव 2018 में मतदान केंद्र क्रमांक 1 बनाया गया था। उस दौरान ग्रामीणों ने बुनियादी सुविधाओं के लिए शासन और प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगा चुनाव का बहिष्कार कर दिया था। जब ग्रामीणों ने इसका ऐलान किया तब क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और अधिकारियों ने ग्रामीणों को विकास का वादा कर मतदान के लिए मानने की कोशिश भी की थी। मगर ग्रामीण अपनी हठ पर अड़े रहे। इस बूथ में मतदान का प्रतिशत भी शून्य था। पण्डो जनजाति राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र भी माने जाते हैं, मगर अभावों से जूझ रहे इन राष्ट्रपति के दत्तक पुत्रों की पीड़ा न तो छत्तीसगढ़ की पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने सुनी और न ही मौजूदा कांग्रेस ने कोई पहल की। यहां के ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पेयजल के लिए एक हैंडपंप तक नहीं है। गांव के पहाड़ी नाला का ग्रामीण और मवेशी एक साथ पानी पीते हैं। नाला से बस्ती की दूरी करीब दो किमी है। ग्रामीण महिलाएं कैसे पानी से भरे मटका और बर्तन का पत्र सिर पर ढोकर पथरीला रास्ता तय करते होंगे यह भी आसानी से समझा जा सकता है। सड़क नही होने से यहां आज तक न तो बिजली आ पाई और न ही हैंडपंप खनन के लिए बोर मशीन से लैस वाहन। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस बस्ती तक किसी प्रकार सड़क बनवा दिया जाए तो उनकी आधी परेशानी दूर हो जायेगी। पहुंच विहीन इलाका होने के कारण लोग रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी जूझ रहे हैं। यदि कोई बीमार पड़ गया तो उसे अस्पताल तक ले जाने झेलगी और खाट में ढोना पड़ता है। गांव में स्वास्थ्य सुविधा भी केवल मितानिन के भरोसे है। ग्रामीणों का कहना है कि पड़ोसी पंचायत महोली स्तिथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उन्नयन करने की शासन से मंजूरी मिली थी मगर यह भी अभी तक ख्वाब बना हुआ है। बताया जा रहा है कि जागरूकता की कमी के कारण पण्डो परिवार आज भी बीमार होने पर झडफुंक और जड़ी बूटी के चक्कर में फंसता है, काफी कम लोग होते हैं जो अस्पताल तक पहुंच पाते हैं। हाल ही में दूषित पानी के सेवन से उल्टी दस्त का शिकार हो यहां एक महिला की मौत हो गई थी, और कई ग्रामीण पीड़ित भी हो गए थे। यहां स्वास्थ्य विभाग के द्वारा विशेष शिविर लगा पीड़ितों का उपचार किया गया था।
लूल्ह के विशेष संरक्षित राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र पण्डो परिवारों की पीड़ा न भाजपा ने सुनी और न ही मौजूदा कांग्रेस सरकार ने..... पहाड़ी नाला में ग्रामीण और मवेशी एक साथ पीते हैं पानी.... सड़क, पानी , बिजली के लिए आज भी तरस रहे...
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सितंबर 12, 2023
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