अंबिकापुर। शहर के प्रतिष्ठित व्यवसाई गुरु प्रसाद जायसवाल के द्वारा कथित रूप से यूरेनियम कारोबार के नाम पर 2 करोड़ से अधिक की ठगी होने और अन्य निवेशकों की प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या किए जाने के मामले में कोतवाली पुलिस ने कोलकाता, दिल्ली, मुंबई , बैंगलोर और उत्तर प्रदेश में निवास करने वाले 6 नामजद सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 34 के तहत मामला दर्ज किया है। इस मामले में पुलिस द्वारा आत्महत्या के लिए प्रेरित किए जाने का भी अलग से अपराध दर्ज करने की तैयारी की जा रही है, हालांकि प्रताड़ना को लेकर पुलिस की जांच अभी जारी है। पुलिस ने बताया कि घटना दिवस 20 - सितंबर की दरमियानी रात में गुरु प्रसाद जायसवाल के द्वारा शहर के बाबूपारा स्थित होटल के कमरे में फांसी लगाई गई थी। 21 सितंबर को शव मिला था। जिस कमरे में लाश मिली उस कमरे में तीन पन्ने का सुसाइड नोट और करीब 60 पन्ने का अन्य दस्तावेज मिला था जिसमें करोड़ों रुपए के लेनदेन का जिक्र है। मृतक के परिजनों के द्वारा कोलकाता की एक कंपनी के हाथों यूरेनियम कारोबार के नाम पर 2 करोड़ से अधिक की ठगी होने का खुलासा किया गया था। कमरे में मिले दस्तावेज से इस बात का भी खुलासा हुआ है कि ठगों के द्वारा मृतक को 2 हजार करोड़ रुपए के फर्जी बैंकर चेक का फोटो खींच व्हाट्सएप में मैसेज भेज कहा गया था कि लाभांश की यह राशि आपके नाम पर जारी हो गई है। पुलिस ने बताया कि यह चेक केवल मोबाइल पर व्हाट्स एप मैसेज में ही मिला था जबकि उनके हाथों में नही मिला था। मृतक के द्वारा इस राशि को लेकर आरबीआई से भी पत्राचार किया गया था। बरामद दस्तावेज के आधार पर इस केस से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है। शीघ्र ही व्यवसाई के आत्महत्या करने के मामले को लेकर भी एफआईआर दर्ज की जायेगी।
2017 से 2021 - 22 के बीच हुआ लेनदेन
पुलिस ने बताया कि बरामद दस्तावेजों की जांच से पता चला है कि वर्ष 2017 से 2022 के बीच लेन देन हुआ। मृतक के परिजनों का कहना है कि कोलकाता की एक कंपनी के द्वारा झांसा दिया गया था कि यूरेनियम कारोबार में कई गुना अधिक मुनाफा होता है, इसमें रुपए निवेश करें और मालामाल बनें, फर्जी कंपनी के इस झांसे में आकर मृतक के द्वारा करीब 2 करोड़ से अधिक निवेश किया गया था, यह जानकारी मिलने पर उनके परिचितों, मित्रों ने भी बड़ा रकम निवेश किया था जो डूब गया।
फर्जी चेक भेज दोबारा कराने का भी झांसा
पुलिस ने बताया कि कोलकाता की फर्जी यूरेनियम कंपनी के द्वारा निवेशकों से बड़ा रकम जमा कराया जाता था। अभी तक की जांच में पता चला है कि कंपनी के द्वारा निवेशकों को झांसा देने के लिए निवेश किए गए रकम से कई गुना अधिक मुनाफा होना बता फर्जी चेक का व्हाट्स एप मैसेज भेजा जाता था, फिर निवेशकों को झांसा दिया जाता था कि यह रहम भी निवेश कर देते हैं जिससे फिर करोड़ों रुपए का मुनाफा मिलेगा, इस प्रकार झांसा देते हुए मृतक गुरु प्रसाद जायसवाल को 2000 करोड़ रुपए के चेक का मैसेज भेजा गया था।
देश भर में ठगी होने का अनुमान
पुलिस का कहना है कि ठगी का यह मामला के कथित तौर पर यूरेनियम से जुड़े होने के कारण ठगी के शिकार अन्य लोग खुलकर सामने नही आ रहे हैं। संभवतः ठग गिरोह के द्वारा छत्तीसगढ़ के अलावा देश के अन्य कई राज्यों के लोगों के साथ भी ठगी की गई है, प्राप्त दस्तावेजों के अवलोकन से इस बात की जानकारी मिली है।




