अंबिकापुर। देवउठनी एकादशी पर आज गुरुवार को आंगन में तुलसी और शालिग्राम के विवाह की तैयारियों में समूचा सरगुजा संभाग जुट गया है। मंडप सजाने गन्ना, फूल खरीदे जा रहे हैं वहीं अन्य पूजन सामग्री की भी खरीददारी हो रही है। इस पर्व को छोटी दीपावली भी माना जाता है। ज्योतिषविद्धो के मुताबिक 23 नवंबर को गुरुवार की रात 9.01 बजे तुलसी विवाह का शुभ मुहूर्त है। रात के समय विविध धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। देवउठनी एकादशी के बाद हिंदू मान्यता के मुताबिक सभी मांगलिक और शुभ कार्य शुरू हो जाते हैं। शादी ब्याह का लगन आरंभ होने के साथ शहनाइयां भी बजने लगती हैं। मान्यता है कि भगवान विष्णु पांच माह की निंद्रा में चले जाते है इस अवधि में शुभ, मांगलिक कार्य वर्जित रहते हैं। एकादशी के दिन भगवान विष्णु की योग निंद्रा समाप्त होती है। इसके बाद उन्होंने शालिग्राम के रूप में तुलसी से विवाह किया था। इधर देवउठनी एकादशी व्रत को लेकर संभाग मुखायल अंबिकापुर में सुबह से ही बड़ी मात्रा में गन्ने की आवक होने लगी और खरीददारी के लिए भीड़ आने से बाजार में चहल पहल भी शुरू हो गई।
आस्था : पांच माह की योग निंद्रा से जागेंगे भगवान विष्णु.... शालिग्राम के रूप में तुलसी से करेंगे विवाह ... देवउठनी एकादशी के बाद हिंदू समाज में आरंभ होंगे मांगलिक , शुभ कार्य .... देखें तुलसी विवाह का कब है मुहूर्त ....
By -
नवंबर 23, 2023
0
Tags:




