श्रमिकों ने कहा - सीएमडीसी बॉक्साइड खदान पथरई में हो रहा शोषण .... बाहरी लोगों को दे रहे रोजगार स्थानीय युवा भटक रहे दर - दर .... एसडीएम को सौंपा 21 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन.... सात दिन में निराकरण नहीं होने पर दी गई बेमुद्दत हड़ताल की चेतावनी ...

श्रमिकों ने कहा - सीएमडीसी बॉक्साइड खदान पथरई में हो रहा शोषण .... बाहरी लोगों को दे रहे रोजगार स्थानीय युवा भटक रहे दर - दर .... एसडीएम को सौंपा 21 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन.... सात दिन में निराकरण नहीं होने पर दी गई बेमुद्दत हड़ताल की चेतावनी ...

khabrigullak.com
By -
0


 मैनपाट।(महेश यादव)। विकासखंड मैनपाट के ग्राम पथरई में संचालित सीएमडीसी के बॉक्साइड माइंस में कार्यरत  श्रमिकों के द्वारा सीएमडीसी के अधिकारियों के खिलाफ श्रमिक हितों की अनदेखी और शोषण किए जाने का आरोप लगा एसडीएम सीतापुर को 21 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपते हुए सात दिवस के भीतर मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। श्रमिकों ने आरोप लगाया है कि एसएमडीसी प्रबंधन के द्वारा कार्यरत श्रमिकों को न तो सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराया जा रहा है और न अन्य जरूरी सुविधाएं दी जा रही है। गांव के युवाओं की अनदेखी करते हुए बाहरी लोगों को नौकरी दी जा रही है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि ग्राम पंचायत  पथरई में संचालित सीएमडीसी  बॉक्साइड  खदान में श्रमिकों की निम्न समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। 

*  बॉक्साइड आरओएम सभी श्रमिकों को पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पा रहा है जिससे इनका न्युनतम मजदूरी  नहीं बन पा रहा है। सभी श्रमिकों को पर्याप्त आरओएम नहीं मिलने से विवाद की स्थिति हर समय बनी रहती है।

*  माँ कुदरगढ़ी स्टील प्लांट के प्रबंधक द्वारा 16 सितम्बर 2022 को आश्वासन दिया गया था कि जल्द से जल्द श्रमिकों को पर्याप्त मात्रा में बॉक्साइड आरओएम दिया जायेगा, साथ ही  मशीनरी बढ़ाने का भी आश्वासन दिया गया था परंतु आजतक समस्या बनी हुई है है। 

* सभी श्रमिकों को बॉक्साइड तोडने का टूल्स नहीं दिया गया है। जिससे श्रमिकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। सभी श्रमिकों को टूल्स जल्द  मिलना चाहिए।  

*  सीएमडीसी प्रबंधक की उपस्थिति में आयोजित बैठक में  चार दिवस के अंदर श्रमिकों को बोनस भुगतान  करने की बात कही गई थी, लेकिन आज तक इसका भुगतान नहीं हो सका है। 

* श्रमिकों को पेमेंट का पे-स्लिप दिया जाना चाहिए।

* माइंस एक्ट 1955 , एक्ट 29 के अनुसार IME/PME सभी मजदूरों का होना चाहिए। 

* माइंस एक्ट 1955 , एक्ट 30 31 के अनुसार पीने का पानी एवं भण्डारण की उचित व्यवस्था होनी चाहिए।

*  श्रमिकों के लिए माइंस एक्ट 1955 , एक्ट 33 के अनुसार शौचालय का निर्माण होना चाहिए।

* श्रमिकों के लिए माइंस एक्ट 1955 ,एक्ट 40, 41, 42, 43, और 44 के अनुसार फॉस्टेड एवं डॉक्टर, कम्पाउंडर एवं रूम का तत्काल व्यवस्था किया जाना चाहिए।

*  माइंस एक्ट 1955 , एक्ट 53 का  कड़ाई से पालन किया जाये। माइंस एक्ट 1955 एक्ट,  62 के अनुसार शेल्टर बनाया जाये।

* 12 माइस एक्ट 1955 का पालन किया जाये।

* माइंस एक्ट 1955 , एक्ट 77 के तहत श्रमिकों को पहचान टोकन दिया जाये।

* एमएमआर 1961 रेग्यूलेशन 124 के अनुसार डस्ट का नियंत्रण किया जावे 

*  एमएमआर 1961 रेग्यूलेशन 182 के अनुसार  श्रमिकों को सुरक्षा उपकरण दिया जाये।

*  बॉक्साइड डंप गार्ड में सुरक्षा का पालन दिया जाये,  डीजीएमएस  के द्वारा लागू हर नियमों का पालन हो। 

* आरोप है कि माइंस मैनेजर के द्वारा श्रमिकों को हर समय धमकी दिया जाता है।

*  पूर्व में  24 जुलाई 2023 को सीएमडीसी और मां कुदरगढी के द्वारा तहसील कार्यालय में अनुविभागीय अधिकारी एवं माइंस मैनेजर,  सीएमडीसी के क्षेत्रीय अधिकारी के उपस्थिति में बैठक हुई थी जिसमें यह कहा गया था कि 2 अक्तूबर 2023 को नया रेट लागू किया जायेगा। लेकिन अभी तक लागू नहीं किया गया है।

*  खदान से एमकेएसपीएल के द्वारा बिना तोडा हुआ पत्थर अवैध रूप से परिवहन किया जा रहा है ,जिसको मना करने पर पुलिस के द्वारा दबाव बनाया जाता है।

*  एमकेएसपीएल पथरई खदान में प्रभावित ग्राम के युवकों को रोजगार नही दिया गया है। जबकि दूसरे जगह के लोगों को काम दिया जा रहा है। 

* आरोप है कि पथरई खदान में रामानुज यादव की पट्टे की भूमि का खनन दो साल पहले ही किया जा चुका है लेकिन उसका कोई भी मुआवजा नहीं दिया गया है। श्रमिकों ने कहा कि इन समस्याओं का समाधान   7 दिवस के अंदर  नहीं होने पर  अनिश्चित हडताल किया जावेगा

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)