सरगुजा संभाग के मां भवानी के इस धाम में शावक के साथ देखा गया बाघ ... चरवाहों ने किया दावा .... मिला पंजे का निशान ....

सरगुजा संभाग के मां भवानी के इस धाम में शावक के साथ देखा गया बाघ ... चरवाहों ने किया दावा .... मिला पंजे का निशान ....

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 सूरजपुर। (भूपेंद्र राजवाड़े)। छत्तीसगढ़ के  सुरजपुर जिला के चांदनी बिहारपुर क्षेत्र के  महुली जंगल में  कथित तौर पर एक व्यस्क बाघ के  शावक के साथ विचरण करते देखे जाने का दावा ग्रामीणों ने किया है।  गुरु घासीदास नेशनल पार्क के इस जंगल में एक बार फिर बाघ की मौजूदगी एक ओर जहां वन विभाग के लिए  उपलब्धि मानी जा रही है वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। ग्राम कोल्हुआ के ग्रामीणों के द्वारा बाघ के पंजे का निशान देख इसकी फोटो खींची गई है। ग्रामीणों ने दावा किया है कि उन्होंने शावक के साथ बाघ को अपनी आंखों से देखा हैं। बाघ जिस क्षेत्र में देखा गया है वह क्षेत्र मां भवानी मंदिर गढ़वटिया देवी परिसर से लगा हुआ है। पूर्व में इस क्षेत्र में बाघ के हमले से दो ग्रामीणों की मौत हुई थी, उस दौरान बाघ, के साथ मादा बाघ भी थी। बाघ द्वारा हमला किए जाने पर वन विभाग की विशेष टीम ने रेस्क्यू कर ट्रेंक्यू लाइज कर बाघ को पकड़ सुरक्षित नेशनल में भेजा गया था,जबकि मादा बाघ झारखंड की ओर चली गई थी। इधर गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान रेहण्ड पार्क परिक्षेत्र अंतर्गत जंगल में आने वाले ग्राम लूल्ह, भुंडा, बैजनपाठ, खोहिर, महुली रामगढ़, उमझर, रसौकी,छतरंग, जुड़वनिया, बसनारा, मोहरसोप के ग्रामीणों में दहशत है। 

चरवाहों ने देखा 

ग्राम कोल्हुआ से लगे पूर्वी बैजनपाठ में चरवाहों द्वारा शावक के साथ बाघ को देखा गया था।बाघ के डर की वजह से जंगल से लगे बस्तियों में  ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। कड़के की ठंड में ग्रामीण अलाव के लिए सुखी लकड़ियां लाने जंगल जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। 

पिछले साल हुई थी दो मौत

 बीते वर्ष मध्यप्रदेश के संजय राष्ट्रीय उद्यान से होते हुए एक बाघ ग्राम लूल्ह, भुंडा, बैजनपाठ, खोहिर, महुली, करौटी , पेंडारी, केशर होते हुए पलामू की ओर देखा गया था । पिछले साल चैत्र नवरात्रि में कुदरगढ़ वन परिक्षेत्र के ओड़गी के कालामाजन के जंगल में लकड़ी लेने जा रहे तीन ग्रामीणों पर हमला कर दो लोगों को मौत के घाट उतार दिया था।  जबकि एक की ग्रामीण को गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था। 

ग्रामीणों से मिली है जानकारी - रेंजर 

  गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान रेहण्ड पार्क परिक्षेत्र महुली के रेंजर ललित साय पैकरा ने बताया कि 24 नवंबर 2023 को बैजनपाठ में  टाईगर के पंजे का निशान मिला था।  दो दिन पूर्व से ग्राम कोल्हुआ से लगे उद्यान क्षेत्र के पूर्वी बैजनपाठ के जंगल में शावक के साथ बाघ होने की जानकारी ग्रामीण  दे रहे हैं। पंजे का निशान अशप्ष्ट होने से बाघ की मौजूदगी की अभी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो पाई है।

हाथी भी बढ़ा रहे परेशानी


छत्तीसगढ़ का सरगुजा संभाग में मौजूदा समय में जंगली हाथियों के उत्पात से जूझ रहा है।   शनिवार की रात  वन परिक्षेत्र बिहारपुर के मोहरसोप ठुठीयापारा में हाथियों ने तीन  घर  तोड़,  घर में रखें अनाज को निवाला बनाया था । जिससे सूरजपुर जिले के गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र से लगे गांवों में दहशत है.

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