अंबिकापुर। संभाग मुख्यालय अंबिकापुर से लगे ग्राम पंचायत लाल माटी के सचिव सहनसाय मानिकपुरी 55 वर्ष ने कथित तौर पर उच्चाधिकारियों के दबाव के चलते फांसी लगा आत्महत्या कर ली। मृतक सहनसाय ग्राम पंचायत रघुनाथपुर के मडवापारा के रहने वाले थे। परिजनों ने पुलिस को बताया कि मंगलवार को वे कलेक्ट्रेट परिसर में जिला पंचायत के सभा कक्ष में आयोजित पंचायत सचिवों के बैठक में शामिल होने के बाद देर शाम वापस लौट रहे थे, मगर लुण्ड्रा जनपद सीईओ द्वारा सचिवों को लुण्ड्रा बुला लिया गया और देर रात करीब 12 बजे तक पुनः बैठक हुई, इसके बाद वे अपने घर लौटे थे, और बुधवार को प्रातः फांसी पर झूलता उनका शव मिला। मृतक के परिजनों ने बताया कि सहन साय गांव के विकास और शासकीय योजनाओं को लेकर हमेशा व्यस्त रहते थे। परिजनों द्वारा आरोप लगाया कि बेहतर कार्य करने के बाद भी अधिकारी कोई न कोई कमी निकलकर उन्हे परेशान करते थे। अधिकारियों द्वारा और कार्य के लिए इनपर दबाव बनाया जा रहा था , इस वजह से वे पिछले कुछ समय से तनाव में भी थे। पंचायत में विकसित भारत यात्रा शिविर भी होने वाला था, जिसकी तैयारी के लिए वे सुबह जल्दी उठकर घर से निकल जाते थे। लुण्ड्रा ब्लॉक मुख्यालय में मृतक सचिव साफ छवि के पर जाने जाते थे। मगर उन्होंने आत्महत्या क्यों की यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस द्वारा पंचनामा पोस्टमार्टम की कार्यवाई की जा रही है।
कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित बैठक से देर रात वापस लौटने के बाद पंचायत सचिव ने दूसरे दिन आज बुधवार को लगा ली फांसी... परिजनों का आरोप कार्य को लेकर अधिकारियों के दबाव से थे परेशान ... ग्राम पंचायत लालमाटी में हुई घटना ...
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जनवरी 03, 2024
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अंबिकापुर। संभाग मुख्यालय अंबिकापुर से लगे ग्राम पंचायत लाल माटी के सचिव सहनसाय मानिकपुरी 55 वर्ष ने कथित तौर पर उच्चाधिकारियों के दबाव के चलते फांसी लगा आत्महत्या कर ली। मृतक सहनसाय ग्राम पंचायत रघुनाथपुर के मडवापारा के रहने वाले थे। परिजनों ने पुलिस को बताया कि मंगलवार को वे कलेक्ट्रेट परिसर में जिला पंचायत के सभा कक्ष में आयोजित पंचायत सचिवों के बैठक में शामिल होने के बाद देर शाम वापस लौट रहे थे, मगर लुण्ड्रा जनपद सीईओ द्वारा सचिवों को लुण्ड्रा बुला लिया गया और देर रात करीब 12 बजे तक पुनः बैठक हुई, इसके बाद वे अपने घर लौटे थे, और बुधवार को प्रातः फांसी पर झूलता उनका शव मिला। मृतक के परिजनों ने बताया कि सहन साय गांव के विकास और शासकीय योजनाओं को लेकर हमेशा व्यस्त रहते थे। परिजनों द्वारा आरोप लगाया कि बेहतर कार्य करने के बाद भी अधिकारी कोई न कोई कमी निकलकर उन्हे परेशान करते थे। अधिकारियों द्वारा और कार्य के लिए इनपर दबाव बनाया जा रहा था , इस वजह से वे पिछले कुछ समय से तनाव में भी थे। पंचायत में विकसित भारत यात्रा शिविर भी होने वाला था, जिसकी तैयारी के लिए वे सुबह जल्दी उठकर घर से निकल जाते थे। लुण्ड्रा ब्लॉक मुख्यालय में मृतक सचिव साफ छवि के पर जाने जाते थे। मगर उन्होंने आत्महत्या क्यों की यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस द्वारा पंचनामा पोस्टमार्टम की कार्यवाई की जा रही है।
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